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Kushinagar News: मथौली में डाकघर नहीं होने से हाटा व कप्तानगंज का लगा रहे चक्कर
Fri, 08 May 2026 01:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 08 May 2026 01:41 AM IST
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मथौली। स्थानीय कस्बे को तीन वर्ष पहले नगर पंचायत का दर्जा मिला था। इसके बावजूद यहां पर उप डाकघर नहीं है। करीब 25 हजार की आबादी डाक सेवाओं के लिए 10 से 15 किलोमीटर का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। कस्बे के लोगों के लिए डाक संबंधी सुविधाओं के लिए हाटा और कप्तानगंज ही विकल्प है। स्थिति यह है कि रजिस्ट्री, स्पीड पोस्ट, सुकन्या समृद्धि योजना और पीएफ खाते जैसे जरूरी कार्यों के लिए बार-बार हाटा व कप्तानगंज आना-जाना पड़ रहा है। अगर कस्बे में उप डाकघर स्थापित हो जाए तो लोगों को इस परेशानी से निजात मिल जाएगी।
गौरतलब है कि मथौली को वर्ष 2023 में नगर पंचायत का दर्जा मिला था। दर्जा मिलने के बाद सुविधाओं का विस्तार हुआ। कस्बे में एसबीआई, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की शाखाएं संचालित हैं। कस्बे में दो डिग्री कॉलेज, छह इंटर कॉलेज, सीएचसी , पुलिस चौकी सहित सरकारी और गैर-सरकारी संस्थान संचालित हैं। यहां पर व्यापारिक गतिविधियों में भी लगातार वृद्धि हो रही है। यहां उप डाकघर नहीं होने से व्यापारियों, छात्रों और कस्बे के लोगों पर पड़ रहा है।
कस्बे के व्यापारी वीरेंद्र जायसवाल, अरविंद सिंह, बबलू शर्मा, संदीप जायसवाल, आजाद जायसवाल, अरविंद रस्तोगी का कहना है कि स्पीड पोस्ट व रजिस्ट्री जैसे कार्यों के लिए बार-बार हाटा उप डाकघर जाना पड़ता है। इससे समय की बर्बादी और खर्च दोनों बढ़ रहा है। उप डाकघर नहीं होने के कारण कोरियर सेवाओं के लिए भी दूसरे जगहों पर निर्भर होना पड़ रहा है। छात्रवृत्ति, परीक्षा फॉर्म, प्रवेश पत्र, पासपोर्ट, आधार अपडेट, कोर्ट नोटिस और बीमा प्रीमियम जैसे आवश्यक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। पेंशन धारक विधवा, दिव्यांग भी डाक सेवाओं के अभाव में परेशान हैं।
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गौरतलब है कि मथौली को वर्ष 2023 में नगर पंचायत का दर्जा मिला था। दर्जा मिलने के बाद सुविधाओं का विस्तार हुआ। कस्बे में एसबीआई, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की शाखाएं संचालित हैं। कस्बे में दो डिग्री कॉलेज, छह इंटर कॉलेज, सीएचसी , पुलिस चौकी सहित सरकारी और गैर-सरकारी संस्थान संचालित हैं। यहां पर व्यापारिक गतिविधियों में भी लगातार वृद्धि हो रही है। यहां उप डाकघर नहीं होने से व्यापारियों, छात्रों और कस्बे के लोगों पर पड़ रहा है।
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कस्बे के व्यापारी वीरेंद्र जायसवाल, अरविंद सिंह, बबलू शर्मा, संदीप जायसवाल, आजाद जायसवाल, अरविंद रस्तोगी का कहना है कि स्पीड पोस्ट व रजिस्ट्री जैसे कार्यों के लिए बार-बार हाटा उप डाकघर जाना पड़ता है। इससे समय की बर्बादी और खर्च दोनों बढ़ रहा है। उप डाकघर नहीं होने के कारण कोरियर सेवाओं के लिए भी दूसरे जगहों पर निर्भर होना पड़ रहा है। छात्रवृत्ति, परीक्षा फॉर्म, प्रवेश पत्र, पासपोर्ट, आधार अपडेट, कोर्ट नोटिस और बीमा प्रीमियम जैसे आवश्यक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। पेंशन धारक विधवा, दिव्यांग भी डाक सेवाओं के अभाव में परेशान हैं।
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