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Kushinagar News: पुलिस की सुस्ती से कप्तानगंज में बढ़ती गई गुटबाजी
Thu, 15 Jan 2026 02:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 15 Jan 2026 02:09 AM IST
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कप्तानगंज। पुलिस की सुस्ती से कस्बे में गुटबाजी बढ़ती गई गई और मारपीट के बाद फायरिंग की वारदात होने लगी। सूजा पठान और वार्ड नंबर 11 के सभासद संजय पटेल के गिरोह पर समय रहते अगर पुलिस शिकंजा कसी होती तो शायद सूजा के घर फायरिंग की घटना नहीं हुई होती।
हालांकि पुलिस सक्रिय गिरोह के सदस्य और पूर्व में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर कुछ बदमाशोंं की हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी में है। फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कुशीनगर के अलावा महराजगंज और गोरखपुर जिले के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
संजय पटेल शातिर है। पूर्व में जुआ के मामले में पुलिस कुशीनगर से नेपाल तक दबिश दी, लेकिन चकमा देकर कोर्ट में हाजिर हो गया था।
फायरिंग के मामले में अभी तक पांच लोग जेल भेेजे जा चुके हैं। कस्बे के मंगल बाजार कालोनी में सोमवार की देर रात सूजा पठान के घर पहुंचे सभासद संजय पटेल गुट के युवकों ने फायरिंग और मारपीट की। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से भाग निकले।
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पुलिस इस मामले में नौ लोगों पर सूजा के पिता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज किया है। पांच आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। इसमें आरीफ के पास से तमंचा बरामद हुआ। फरार चल रहे आदित्य, नासीर, आसिफ और ऋषभ सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
सभासद बनने के बाद संजय पटेल अपना रास्ता नहीं बदला। गोरखपुर से लेकर कप्तानगंज तक इसका कई अवैध काम किए। पुलिस से सामना भी हुआ, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण इसका दायरा बढ़ता गया। जुआ का बड़े पैमाने पर धंधा चलाता था। पुलिस ने शिकंजा कसा तो भाग निकला और नेपाल में जाकर छिप गया। पुलिस इस मामले में गोरखपुर, देवरिया और महराजगंज के करीब आठ लोगों को लग्जरी वाहनों के साथ जुआ के ठिकाने से गिरफ्तार किया था।
संजय पटेल की तलाश में पुलिस करीब 15 दिन तक दौड़ती रही, लेकिन सूचना लीक होने के कारण वह अपना ठिकाना बदलता रहा, यहां तक कि नेपाल जाकर भी पुलिस टीम दबिश दी थी, लेकिन नहीं गिरफ्तार हो सका। पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में हाजिर हो गया था। इसके बाद पुलिस सुस्त पड़ गई और गिरोह फिर कस्बे में सक्रिय हो गया।
यही वजह है कि सोमवार की रात पाश इलाके में चढ़कर बदमाशों ने फायरिंग कर कस्बे में दहशत फैला दिया। सूत्रों के अनुसार करीब पुलिस के रिकार्ड में आठ ऐसे बदमाश हैं जिन पर कई प्राथमिकी दर्ज है।
इस आधार पर पुलिस इनकी हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी में है। पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी से गिरोह से जुड़े युवकों में खलबली मची है और घर छोड़कर फरार है। सभासद संजय पटेल को गिरफ्तार करना पुलिस को किसी चुनौती से कम नहीं है।
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हालांकि पुलिस सक्रिय गिरोह के सदस्य और पूर्व में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर कुछ बदमाशोंं की हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी में है। फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कुशीनगर के अलावा महराजगंज और गोरखपुर जिले के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
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संजय पटेल शातिर है। पूर्व में जुआ के मामले में पुलिस कुशीनगर से नेपाल तक दबिश दी, लेकिन चकमा देकर कोर्ट में हाजिर हो गया था।
फायरिंग के मामले में अभी तक पांच लोग जेल भेेजे जा चुके हैं। कस्बे के मंगल बाजार कालोनी में सोमवार की देर रात सूजा पठान के घर पहुंचे सभासद संजय पटेल गुट के युवकों ने फायरिंग और मारपीट की। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से भाग निकले।
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पुलिस इस मामले में नौ लोगों पर सूजा के पिता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज किया है। पांच आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। इसमें आरीफ के पास से तमंचा बरामद हुआ। फरार चल रहे आदित्य, नासीर, आसिफ और ऋषभ सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
सभासद बनने के बाद संजय पटेल अपना रास्ता नहीं बदला। गोरखपुर से लेकर कप्तानगंज तक इसका कई अवैध काम किए। पुलिस से सामना भी हुआ, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण इसका दायरा बढ़ता गया। जुआ का बड़े पैमाने पर धंधा चलाता था। पुलिस ने शिकंजा कसा तो भाग निकला और नेपाल में जाकर छिप गया। पुलिस इस मामले में गोरखपुर, देवरिया और महराजगंज के करीब आठ लोगों को लग्जरी वाहनों के साथ जुआ के ठिकाने से गिरफ्तार किया था।
संजय पटेल की तलाश में पुलिस करीब 15 दिन तक दौड़ती रही, लेकिन सूचना लीक होने के कारण वह अपना ठिकाना बदलता रहा, यहां तक कि नेपाल जाकर भी पुलिस टीम दबिश दी थी, लेकिन नहीं गिरफ्तार हो सका। पुलिस को चकमा देकर कोर्ट में हाजिर हो गया था। इसके बाद पुलिस सुस्त पड़ गई और गिरोह फिर कस्बे में सक्रिय हो गया।
यही वजह है कि सोमवार की रात पाश इलाके में चढ़कर बदमाशों ने फायरिंग कर कस्बे में दहशत फैला दिया। सूत्रों के अनुसार करीब पुलिस के रिकार्ड में आठ ऐसे बदमाश हैं जिन पर कई प्राथमिकी दर्ज है।
इस आधार पर पुलिस इनकी हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी में है। पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी से गिरोह से जुड़े युवकों में खलबली मची है और घर छोड़कर फरार है। सभासद संजय पटेल को गिरफ्तार करना पुलिस को किसी चुनौती से कम नहीं है।