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Kushinagar News: निशा की मौत से रक्षाबंधन पर्व पर तीन भाइयों की सूनी रहेगी कलाई
Wed, 26 Aug 2026 02:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 26 Aug 2026 02:37 AM IST
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दुर्घटना के बाद माधोपुर बुजुर्ग शिव मंदिर के समीप जुटे लोगों की भीड़ । संवाद
डिबनी बंजरवा। तमकुहीराज थाना क्षेत्र के हाईवे स्थित माधोपुर बुजुर्ग शिव मंदिर अनियंत्रित कार की चपेट में आने से बिहार के अराजीपुर बोधाछापर निवासी निशा कुमारी की मौत से उनके तीन भाइयों की कलाई रक्षाबंधन पर्व पर सूनी रहेगी। सुकदेवपट्टी की अनामिका का 15 वर्षीय इकलौता भाई बड़ी बहन के घर लौटने का इंजतार कर रहा था कि मौत की सूचना मिली।
अराजीपुर बोधाछापर निवासी ओमप्रकाश गिरी मुंबई में रह कर काम करते हैं। उनकी चार संतानें हैं। राजू गिरी, धनेश गिरी, राकेश गिरी के अलावा बेटी निशा कुमारी थी। राजू व धनेश बाहर रह कर काम करते हैं। परिवार की देखरेख की जिम्मेदारी मां कलावती देवी व पेशे से निजी विद्यालय में शिक्षक राकेश के जिम्मे है। परिवार में छोटी होने के कारण निशा सबकी दुलारी थी। छह माह पूर्व दुलार में परिजनों ने इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी खरीद कर दी थी। निशा जब मन करता तो मां कलावती देवी से अनुमति के बाद स्कूटी से पढ़ने आती थी।
मंगलवार को भी मां से अनुमति के बाद स्कूटी से पढ़ने निजी महाविद्यालय आई और हादसे का शिकार हो गई। निशा पढ़ने में होनहार थी और उसका सपना बीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद एलएलबी की पढ़ा पूरी कर अधिवक्ता बनने की थी। उसकी मौत से परिवार की खुशियों पर ग्रहण लग गया। निशा की मौत से 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व पर तीनों भाइयों की कलाई सूनी रहेगी।
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बड़े भाई राकेश सिसकते हुए बताते हैं कि परिवार में सबकी दुलारी थी। रक्षाबंधन पर्व नजदीक होने के कारण दो भाइयों से फोन कर घर आने की जिद्द कर रही थी। मुझसे इस रक्षाबंधन बढ़िया उपहार के लिए रोज कहती थी लेकिन उसकी मौत की खबर से पूरे परिवार में मातम फैल गया। उसकी डोली को कंधा देने का सपना अधूरा रह गया।
हादसे में मौत की शिकार हुई दूसरी छात्रा बगल के सुकदेवपट्टी की अनामिका के गांव में मातम पसरा हैं। हरेंद्र ठाकुर व सीमा देवी की तीन संतानें मृतका अनामिका, भाई अभिषेक व बहन आंशिक हैं। हरेंद्र ठाकुर कोलकाता रह कर काम करते हैं। परिवार की देखरेख की जिम्मेदारी मां सीमा देवी संभालती हैं। अनामिका जब महाविद्यालय जाती है तो इकलौते छोटे भाई अभिषेक के लिए खाने-पीने की चीजें जरूर लाती थी। मंगलवार को भी अभिषेक बड़ी बहन के लौटने के इंतजार में घर के बाहर बैठा था। रोज की तुलना में देर होने के बाद बार-बार घर के अंदर जा कर अपनी मां से बड़ी बहन के घर लौट कर नहीं आने की शिकायत कर रहा था। इसी दौरान उसकी मौत की खबर आ गई।
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अराजीपुर बोधाछापर निवासी ओमप्रकाश गिरी मुंबई में रह कर काम करते हैं। उनकी चार संतानें हैं। राजू गिरी, धनेश गिरी, राकेश गिरी के अलावा बेटी निशा कुमारी थी। राजू व धनेश बाहर रह कर काम करते हैं। परिवार की देखरेख की जिम्मेदारी मां कलावती देवी व पेशे से निजी विद्यालय में शिक्षक राकेश के जिम्मे है। परिवार में छोटी होने के कारण निशा सबकी दुलारी थी। छह माह पूर्व दुलार में परिजनों ने इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी खरीद कर दी थी। निशा जब मन करता तो मां कलावती देवी से अनुमति के बाद स्कूटी से पढ़ने आती थी।
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मंगलवार को भी मां से अनुमति के बाद स्कूटी से पढ़ने निजी महाविद्यालय आई और हादसे का शिकार हो गई। निशा पढ़ने में होनहार थी और उसका सपना बीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद एलएलबी की पढ़ा पूरी कर अधिवक्ता बनने की थी। उसकी मौत से परिवार की खुशियों पर ग्रहण लग गया। निशा की मौत से 28 अगस्त को रक्षाबंधन पर्व पर तीनों भाइयों की कलाई सूनी रहेगी।
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बड़े भाई राकेश सिसकते हुए बताते हैं कि परिवार में सबकी दुलारी थी। रक्षाबंधन पर्व नजदीक होने के कारण दो भाइयों से फोन कर घर आने की जिद्द कर रही थी। मुझसे इस रक्षाबंधन बढ़िया उपहार के लिए रोज कहती थी लेकिन उसकी मौत की खबर से पूरे परिवार में मातम फैल गया। उसकी डोली को कंधा देने का सपना अधूरा रह गया।
हादसे में मौत की शिकार हुई दूसरी छात्रा बगल के सुकदेवपट्टी की अनामिका के गांव में मातम पसरा हैं। हरेंद्र ठाकुर व सीमा देवी की तीन संतानें मृतका अनामिका, भाई अभिषेक व बहन आंशिक हैं। हरेंद्र ठाकुर कोलकाता रह कर काम करते हैं। परिवार की देखरेख की जिम्मेदारी मां सीमा देवी संभालती हैं। अनामिका जब महाविद्यालय जाती है तो इकलौते छोटे भाई अभिषेक के लिए खाने-पीने की चीजें जरूर लाती थी। मंगलवार को भी अभिषेक बड़ी बहन के लौटने के इंतजार में घर के बाहर बैठा था। रोज की तुलना में देर होने के बाद बार-बार घर के अंदर जा कर अपनी मां से बड़ी बहन के घर लौट कर नहीं आने की शिकायत कर रहा था। इसी दौरान उसकी मौत की खबर आ गई।