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Kushinagar News: बजट की कमी से विशुनपुरा ब्लॉक में अधूरे पड़े आरआरसी
Mon, 16 Feb 2026 02:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 16 Feb 2026 02:07 AM IST
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पटेरा बुजुर्ग गांव में अधूरा पड़ा आरआरसी सेंटर।स्रोत-सोशल मीडिया
मंसाछापर। आकांक्षात्मक ब्लॉक विशुनपुरा में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए जा रहे आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) कई ग्राम पंचायतों में अधूरे पड़े हैं। जिम्मेदारों की उदासीनता और बजट की कमी के चलते यह महत्वाकांक्षी योजना धरातल पर नहीं उतर पा रही है। इससे कूड़ा-कचरा निस्तारण की व्यवस्था बेपटरी हो गई है। मौजूदा समय में चौराहों से लेकर हर तरफ कूड़ा-कचरे की ढेर लगी हुई है।
बता दें कि वर्ष 2023-24 और 2024-25 में स्वीकृत हुए आरआरसी अब तक नहीं बन पाए हैं। इसमें 2023-24 में त्रिलोकपुर बुजुर्ग, जंगल शाहपुर, धौरहरा आबादकारी, नंदलाल छपरा, बलकुड़िया गांव में काम अधूरा पड़ा हुआ है। वहीं, वर्ष 2024-25 में स्वीकृत बरवापुरदिल, बिंदवलिया, ढोरही, पटेरा बुजुर्ग, रायगंज, सेखुई छपरा, सिरसिया, सोहरौना में भी आरआरसी पूरी तरह से नहीं बन पाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आरआरसी नहीं बनने से घर से निकलने वाले कूड़ा-कचरे के निस्तारण में उन्हें परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि इन गांवों के ग्राम प्रधान व सचिव भी निर्माण पूरा कराने को लेकर उदासीन बने हुए हैं। डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि अधूरे आरआरसी को पूरा कराने के लिए सचिवों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। बिना काम पूरा हुए उनका भुगतान नहीं किया जाएगा।
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बता दें कि वर्ष 2023-24 और 2024-25 में स्वीकृत हुए आरआरसी अब तक नहीं बन पाए हैं। इसमें 2023-24 में त्रिलोकपुर बुजुर्ग, जंगल शाहपुर, धौरहरा आबादकारी, नंदलाल छपरा, बलकुड़िया गांव में काम अधूरा पड़ा हुआ है। वहीं, वर्ष 2024-25 में स्वीकृत बरवापुरदिल, बिंदवलिया, ढोरही, पटेरा बुजुर्ग, रायगंज, सेखुई छपरा, सिरसिया, सोहरौना में भी आरआरसी पूरी तरह से नहीं बन पाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आरआरसी नहीं बनने से घर से निकलने वाले कूड़ा-कचरे के निस्तारण में उन्हें परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि इन गांवों के ग्राम प्रधान व सचिव भी निर्माण पूरा कराने को लेकर उदासीन बने हुए हैं। डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने कहा कि अधूरे आरआरसी को पूरा कराने के लिए सचिवों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। बिना काम पूरा हुए उनका भुगतान नहीं किया जाएगा।
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