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Kushinagar News: चमक पर न जाएं...लहसुन होशियारी से खाएं

Wed, 18 Dec 2024 11:49 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Wed, 18 Dec 2024 11:49 PM IST
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Don't go for glitter...eat garlic sparingly
पडरौना। हर चमकती चीज सोना नहीं होती। ऐसे ही बाजारों में मिलने वाला चमकदार लहसुन भी देसी नहीं है। सेहत को सुधारने के लिए इस्तेमाल की चाह रखने वालों को इसका उपयोग बीमार भी बना सकता है। सब्जी या अन्य दुकान पर बिकने वाला देसी लहसुन भले ही छोटा व देखने में अच्छा न हो, लेकिन सब्जी का जायका बढ़ाने के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद है।
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सब्जी की दुकान पर सजी टोकरी में चाइनीज लहसुन देखने में चमकदार, साइज बड़ा और सुंदर दिखने के लोग आकर्षित होकर बेहिचक खरीद रहे हैं। उसी भाव बिकने वाला देसी लहसुन की चमक कम होने से यह लोगों को लुभा नहीं पा रहा है। खास बात तो यह है कि कई सब्जी विक्रेताओं को भी नहीं पता कि चमकदार लहसुन कहां से आ रहा है।
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छोटे बड़े बाजारों में चोरी छिपे चाइनीज लहसुन की बढ़ती आवक ने मंडी के थोक कारोबारियों की कमर तोड़ कर रख दी है। शहर के अलावा ग्रामीण बाजारों में किराना और सब्जी मंडियों में बिक रहे बड़े गांठ वाले लहसुन को देसी बताया जा रहा है। मांग के चलते महंगा बिक रहे देसी लहसुन की बिक्री काफी प्रभावित हो गई है। पहले सप्ताह में देशी 10 से 15 टन लहसुन आ रहा था, मगर बाजारों में चाइनीज लहसुन की आवक बढ़ने से देसी की पूछ कम हो गई है। उधर, सेहत के विशेषज्ञ चाइना के लहसुन को खाने में प्रयोग को हानिकारक बता रहे हैं। जिले के बाजारों में किराना व्यवसाय से जुड़े लोगों व कुछ सब्जी विक्रेताओं के यहां चीन वाला लहसुन जिले के कुछ स्थानों पर ही बिक रहा है।
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नेपाल के रास्ते गोरखपुर पहुंच रहा चाइनीज लहसुन : जानकारी के मुताबिक, धंधेबाज चाइनीज लहसुन नेपाल के रास्ते गोरखपुर पहुंचाते हैं। हर रोज शहर से लेकर जिले के विभिन्न कस्बों व बाजारों में चाइनीज लहसुन खपाया जा रहा है। फायदे के लिए धंधेबाज लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने में भी गुरेज नहीं रहे हैं। नेपाल से होकर आ रहे इस लहसुन की धंधेबाजी के नेटवर्क में लोकल व्यापारी भी शामिल हैं। वे अपने नेटवर्क के जरिए यह आराम से बाजारों तक अपनी पहुंच बना ले रहे हैं। देसी लहसुन के व्यापारियों का कहना है कि चाइना लहसुन अवैध तरीके से गोरखपुर मंडी से यहां के कुछ लोग मंगा रहे हैं। जबकि, यह वर्ष 2014 से ही इसको भारत में प्रतिबंधित किया जा चुका है। इससे राजस्व की भी क्षति हो ही रही है, सेहत को लेकर भी इसके कई नुकसान है।

साफ और सस्ता होने से चाइनीज लहसुन की मांग : देखने में साफ-सुथरा लगने से सह लहसुन आसानी से बिक जाता है। चीन का लहसुन केमिकल का उपयोग किए जाने से जल्दी खराब भी नहीं होता। वहीं, देसी लहसुन महंगा होने की वजह से जल्दी नहीं बिक रहा है। देसी लहसुन से इसकी कीमत कम होने के कारण लोगों में इसकी मांग भी बढ़ी है। मंडी के थोक व्यापारियों के अनुसार देसी लहसुन का वर्तमान मूल्य 280 से 350 रुपये प्रति किलो है। जबकि, चाइनीज इससे 50 से 60 रुपये कम दाम में बाजारों में उपलब्ध हो जा रहा है। रुपये के अंतर के चलते चीन का लहसुन देसी पर हावी दिख रहा है। एक सब्जी विक्रेता ने बताया कि चमकदार लहसुन बाहर से आता है।
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