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Kushinagar News: कड़ी सुरक्षा के बीच निकाला गया डोल जुलूस
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पड़रौना में डोल जुलूस में शामिल लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। शहर में परंपरागत भगवान श्रीकृष्ण का डोल जुलूस सोमवार की रात सतरंगी लाइटों के बीच निकाला गया। 11 अखाड़ों के खिलाड़ी ढोल-नगाड़ों के साथ शहर भ्रमण पर निकले।
चौक-चौराहों और गलियों में अखाड़ा खिलाड़ियों ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों को रोमांचित कर दिया। डोल मेले में झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं, तो पूरी रात शहर की सड़कों पर आर्केस्ट्रा देखने के लिए दर्शक जमे रहे।
नाग पंचमी पर आखड़े के डोल जुलूस में युवकों के दो गुटों के बीच चाकू चल गया था। इसमें एक युवक सागर की मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर पुलिस प्रशासन काफी सक्रिय दिखा। डोल मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए जगह-जगह पुलिस व पीएसी के जवान तैनात किए गए। एएसपी निवेश कटियार, सीओ अजय सिंह एसडीएम सदर ऋषभ पुंडीर, इंस्पेक्टर हर्षवर्धन सिंह मेले की निगरानी में रहे।
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पडरौना शहर में करीब 100 वर्षों से अधिक समय से डोल का जुलूस निकाला जाता है। इस दौरान शहर के प्रमुख चौराहों पर मेला लगता है। इसमें शहर समेत देहात क्षेत्र के लोग भी शामिल होते हैं। सोमवार को डोल मेला होने के कारण सुबह से ही बाजारों की रौनक बढ़ गई थी।
रोशनी की जगमगाहट के बीच रात करीब नौ बजे से 11 अखाड़ों की ओर से डोल जुलूस निकलने लगा। इसमें महावीरी अखाड़ा, श्रीबुढि़या माई सेवा समिति, श्री हरिकीर्तन सेवा दल कसेरा टोली, सुभाष चौक, साहबगंज, बावली चौक, तिलक चौक, दरबार रोड, बेलवा चुंगी, कोठा दरबार, छावनी लाला टोला आदि मोहल्लों से भगवान श्रीकृष्ण का डोल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस रातभर शहर के प्रमुख मार्गों पर भ्रमण करता रहा।
जुलूस के बीच-बीच में साथ चल रहे अखाड़ों के खिलाड़ियों ने डंडा भांजते, शीशे के नुकीले भाग पर लेटते, आग के गोलों से खेलते हुए करतब दिखाकर लोगों का मनोरंजन किया। राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती, श्रीराम-जानकी, मां काली व देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत झांकियां डोल जुलूस में आकर्षण का केंद्र रहीं। मेले में घूमने के लिए न सिर्फ शहर के लोग शामिल हुए, बल्कि ग्रामीण इलाकों से भी आए लोगों ने मेले का जमकर लुत्फ उठाया।
मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी थानों की पुलिस, पीएसी व महिला पुलिसकर्मी तैनात रहे। बड़ी-बड़ी ट्रालियों पर आर्केस्ट्रा का मंच लगा था। नामी-गिरामी नर्तकियां इस मेले में कार्यक्रम प्रस्तुत करने आईं थीं। पूरी रात शहर की सड़कों पर युवक थिरकते हुए डोल जुलूस में चल रहे थे। हालांकि, आर्केस्ट्रा में नाचने के दौरान कुछ जगहों पर युवकों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के चलते कोई बड़ी घटना नहीं हो सकी। एक-एक डोल आयोजकों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की ड्यूटी इस बार लगाई गई थी।
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पडरौना। शहर में परंपरागत भगवान श्रीकृष्ण का डोल जुलूस सोमवार की रात सतरंगी लाइटों के बीच निकाला गया। 11 अखाड़ों के खिलाड़ी ढोल-नगाड़ों के साथ शहर भ्रमण पर निकले।
चौक-चौराहों और गलियों में अखाड़ा खिलाड़ियों ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों को रोमांचित कर दिया। डोल मेले में झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं, तो पूरी रात शहर की सड़कों पर आर्केस्ट्रा देखने के लिए दर्शक जमे रहे।
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नाग पंचमी पर आखड़े के डोल जुलूस में युवकों के दो गुटों के बीच चाकू चल गया था। इसमें एक युवक सागर की मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर पुलिस प्रशासन काफी सक्रिय दिखा। डोल मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए जगह-जगह पुलिस व पीएसी के जवान तैनात किए गए। एएसपी निवेश कटियार, सीओ अजय सिंह एसडीएम सदर ऋषभ पुंडीर, इंस्पेक्टर हर्षवर्धन सिंह मेले की निगरानी में रहे।
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पडरौना शहर में करीब 100 वर्षों से अधिक समय से डोल का जुलूस निकाला जाता है। इस दौरान शहर के प्रमुख चौराहों पर मेला लगता है। इसमें शहर समेत देहात क्षेत्र के लोग भी शामिल होते हैं। सोमवार को डोल मेला होने के कारण सुबह से ही बाजारों की रौनक बढ़ गई थी।
रोशनी की जगमगाहट के बीच रात करीब नौ बजे से 11 अखाड़ों की ओर से डोल जुलूस निकलने लगा। इसमें महावीरी अखाड़ा, श्रीबुढि़या माई सेवा समिति, श्री हरिकीर्तन सेवा दल कसेरा टोली, सुभाष चौक, साहबगंज, बावली चौक, तिलक चौक, दरबार रोड, बेलवा चुंगी, कोठा दरबार, छावनी लाला टोला आदि मोहल्लों से भगवान श्रीकृष्ण का डोल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस रातभर शहर के प्रमुख मार्गों पर भ्रमण करता रहा।
जुलूस के बीच-बीच में साथ चल रहे अखाड़ों के खिलाड़ियों ने डंडा भांजते, शीशे के नुकीले भाग पर लेटते, आग के गोलों से खेलते हुए करतब दिखाकर लोगों का मनोरंजन किया। राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती, श्रीराम-जानकी, मां काली व देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत झांकियां डोल जुलूस में आकर्षण का केंद्र रहीं। मेले में घूमने के लिए न सिर्फ शहर के लोग शामिल हुए, बल्कि ग्रामीण इलाकों से भी आए लोगों ने मेले का जमकर लुत्फ उठाया।
मेले को सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी थानों की पुलिस, पीएसी व महिला पुलिसकर्मी तैनात रहे। बड़ी-बड़ी ट्रालियों पर आर्केस्ट्रा का मंच लगा था। नामी-गिरामी नर्तकियां इस मेले में कार्यक्रम प्रस्तुत करने आईं थीं। पूरी रात शहर की सड़कों पर युवक थिरकते हुए डोल जुलूस में चल रहे थे। हालांकि, आर्केस्ट्रा में नाचने के दौरान कुछ जगहों पर युवकों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के चलते कोई बड़ी घटना नहीं हो सकी। एक-एक डोल आयोजकों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की ड्यूटी इस बार लगाई गई थी।