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Kushinagar News: डॉक्टरों की मजबूरी या कमीशन का खेल...एक ही कंपनी की लिख रहे दवाएं

Sat, 28 Dec 2024 11:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sat, 28 Dec 2024 11:46 PM IST
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Doctors' compulsion or commission game... medicines of the same company are being prescribed
रामकोला। रामकोला सीएचसी पर आने वाले मरीजों को दवा खरीदने के लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है। 90 फीसदी अस्पताल पर दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन डॉक्टर अंदर की दवाएं लिखने की बजाए बाहर से एक ही कंपनी की दवा लिख रहे हैं। सीएचसी के समीप मेडिकल स्टोर्स की दुकानों पर कई कंपनियों की दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन डॉक्टर अन्य किसी कंपनी की दवा तक नहीं लिखते हैं।
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इसे डॉक्टरों की मजबूरी कहें या फिर कमीशन का खेल। अगर गलती से मरीज किसी दूसरे कंपनी की दवा खरीद ले रहे हैं तो डॉक्टर उस दवा को अनुपयोगी बताकर वापस करा दे रहे हैं। सीएचसी पर आने वाले मरीजों का कहना है कि पहले अस्पताल से ही सरकारी दवाएं मुफ्त में मिल जाती थी, लेकिन अब उन्हें दवा खरीदने के लिए रुपये खर्च करना पड़ रहा है। ऊपर से वही दवा लेने की सलाह डॉक्टर दे रहे हैं, जो कंपनी की दवा उनकी तरफ से लिखी गई है। रामकोला सीएचसी पर आने वाले मरीजों को डॉक्टर परामर्श के बाद कुछ दवाएं अंदर की दे रहे हैं तो ज्यादातर दवाएं बाहर की लिखी जा रही हैं। इसके चलते मरीज मजबूरी बाहर की दवाएं खरीद रहे हैं। कमीशनबाजी के खेल में दवा की दुकानों पर अच्छी-अच्छी कंपनी की दवा पड़ी रह रही और एक ही कंपनी की दवा सभी चिकित्सक लिख रहे हैं। दवा कारोबारियों का कहना है कि वे लोग दूसरी कंपनी की वही दवा देते हैं, लेकिन मरीज जब दवा लेकर डॉक्टर से दिखाने पहुंचते हैं तो डॉक्टरों की तरफ से लिखी गई कंपनी की ही दवा दिए जाने की बात कही जाती है।
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मजबूरी में उनके दुकानों पर कई बड़ी कंपनियों की दवाएं धरी की धरी रह जा रहीं हैं। बृहस्पतिवार की रात एक दवा की दुकान पर पहुंचे घायल अवधेश निवासी बड़हरा लक्ष्मीपुर को एक पर्ची पर लिखकर बाहर की दवा मंगाई गई। जब परिजन बाहर दवा लेने पहुंचे तो दुकानदार ने उसी फार्मूले की दवा होने की बात कहते हुए दूसरी कंपनी की दवा दे दी। जब वे उस दवा लेकर अंदर पहुंचे तो डॉक्टर ने उसे वापस करा दिया और लिखी गई कंपनी की ही दवा खरीदे जाने की बात कही। दोबारा दुकानदार के पास पहुंचे परिजनों ने दवा के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि यह दवा लिखी गई दवा की कंपनी से बेहतर है।
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इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. एसके विश्वकर्मा ने बताया कि दवा भरपूर मात्रा में उपलब्ध है। अगर बाहर से दवा लिखी जा रही है तो जांच कर कार्रवाई करेंगे।
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