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डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ का प्रदर्शन
अमर उजाला/कुशीनगर
Updated Thu, 04 Feb 2016 11:00 PM IST
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पडरौना। बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की ओर से कलेक्ट्रेट परिसर में दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया। कार्यक्रम में शामिल कई विभागों के इंजीनियरों ने मांगे माने नहीं जाने की स्थिति में आगामी आंदोलन की रणनीति पर विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे इंजीनियर डीके मिश्र ने कहा कि आशंका के मुताबिक सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट बेहद चिंताजनक है। कर्मचारियों के लिए सूखी रोटी तक की गुंजाइश नहीं है, जबकि अधिकारियों को रेवड़ियां बांटने की तैयारी है। पांचवें वेतन आयोग की ओर से संस्तुति 1-8 के अनुपात को छठे वेतन आयोग ने बढ़ाकर 1-12 किया था और सातवें वेतन आयोग ने इसे 1-14 कर दिया है।
न्यूनतम वेतन निर्धारण में परिवार में केवल तीन यूनिट पर गणना की गई है और कर्मचारी के वृद्ध माता-पिता को नजरअंदाज कर दिया गया है। कर्मचारियों के लिए वेतन लेवल निर्धारण में 2-57 का गुणांक और अधिकारियों के लिए 2-81 का गुणांक लिया गया है।
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वक्ताओं ने अन्य विसंगतियों की चर्चा करते हुए कहा कि अधिकतर भत्तों को समाप्त करने की संस्तुति के अलावा मकान और कम्प्यूटर को छोड़कर शेष अग्रिम लेने की व्यवस्था बंद करने की संस्तुति की गई है। सामूहिक बीमा योजना में कटौतियों में वृद्धि का प्रस्ताव है।
धरने में शामिल सदस्यों को बताया गया कि यदि उनकी समस्या का शीघ्र ही निदान नहीं होता है तो महासंघ के पदाधिकारी और सदस्य आगामी 15, 16 और 17 फरवरी को लखनऊ में मंडलवार क्रमिक अनशन करेंगे। इस दौरान जिलाध्यक्ष राजेश त्रिपाठी, केपी भारती, आनंद स्वरूप, शंभुनाथ भारती, संजीव, जीएम त्रिपाठी, आरडी कुशवाहा मौजूद रहे।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे इंजीनियर डीके मिश्र ने कहा कि आशंका के मुताबिक सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट बेहद चिंताजनक है। कर्मचारियों के लिए सूखी रोटी तक की गुंजाइश नहीं है, जबकि अधिकारियों को रेवड़ियां बांटने की तैयारी है। पांचवें वेतन आयोग की ओर से संस्तुति 1-8 के अनुपात को छठे वेतन आयोग ने बढ़ाकर 1-12 किया था और सातवें वेतन आयोग ने इसे 1-14 कर दिया है।
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न्यूनतम वेतन निर्धारण में परिवार में केवल तीन यूनिट पर गणना की गई है और कर्मचारी के वृद्ध माता-पिता को नजरअंदाज कर दिया गया है। कर्मचारियों के लिए वेतन लेवल निर्धारण में 2-57 का गुणांक और अधिकारियों के लिए 2-81 का गुणांक लिया गया है।
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वक्ताओं ने अन्य विसंगतियों की चर्चा करते हुए कहा कि अधिकतर भत्तों को समाप्त करने की संस्तुति के अलावा मकान और कम्प्यूटर को छोड़कर शेष अग्रिम लेने की व्यवस्था बंद करने की संस्तुति की गई है। सामूहिक बीमा योजना में कटौतियों में वृद्धि का प्रस्ताव है।
धरने में शामिल सदस्यों को बताया गया कि यदि उनकी समस्या का शीघ्र ही निदान नहीं होता है तो महासंघ के पदाधिकारी और सदस्य आगामी 15, 16 और 17 फरवरी को लखनऊ में मंडलवार क्रमिक अनशन करेंगे। इस दौरान जिलाध्यक्ष राजेश त्रिपाठी, केपी भारती, आनंद स्वरूप, शंभुनाथ भारती, संजीव, जीएम त्रिपाठी, आरडी कुशवाहा मौजूद रहे।