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Kushinagar News: जड़भरत की कथा सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, आत्मबोध का बताया मार्ग
Wed, 03 Jun 2026 01:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 03 Jun 2026 01:30 AM IST
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जोकवा बाजार। हरैया ब्रह्म स्थान पर आयोजित श्री हरिहर महायज्ञ में मंगलवार को यज्ञाचार्य विशाल भारद्वाज ने जड़भरत की प्रेरणादायी कथा सुनाई। श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए और पूरे पंडाल में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
यज्ञाचार्य पंडित विशाल भारद्वाज ने बताया कि जड़भरत की कथा वैराग्य, आत्मज्ञान और सांसारिक मोह से मुक्ति का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि पूर्व जन्म में जड़भरत राजा भरत थे, लेकिन एक हिरण के प्रति अत्यधिक आसक्ति के कारण उन्हें अगले जन्म में हिरण योनि प्राप्त हुई। हिरण रूप में भी उन्हें अपने पूर्व जन्म का स्मरण बना रहा। उन्होंने बताया कि तीसरे जन्म में ब्राह्मण कुल में जन्म लेने के बाद उन्होंने संसार के मोह-माया से दूर रहने के लिए स्वयं को जड़ अर्थात मूर्ख के समान प्रदर्शित किया, जिसके कारण वे जड़भरत कहलाए। बाद में उन्होंने राजा रहूगण को आत्मा और शरीर के वास्तविक स्वरूप का ज्ञान कराते हुए अहंकार त्यागकर आत्मबोध के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. कमलेश शाही, जनार्दन शर्मा, मनोज श्रीवास्तव, मुकुल तिवारी, सभासद कमलेश वर्मा समेत अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। संवाद
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यज्ञाचार्य पंडित विशाल भारद्वाज ने बताया कि जड़भरत की कथा वैराग्य, आत्मज्ञान और सांसारिक मोह से मुक्ति का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि पूर्व जन्म में जड़भरत राजा भरत थे, लेकिन एक हिरण के प्रति अत्यधिक आसक्ति के कारण उन्हें अगले जन्म में हिरण योनि प्राप्त हुई। हिरण रूप में भी उन्हें अपने पूर्व जन्म का स्मरण बना रहा। उन्होंने बताया कि तीसरे जन्म में ब्राह्मण कुल में जन्म लेने के बाद उन्होंने संसार के मोह-माया से दूर रहने के लिए स्वयं को जड़ अर्थात मूर्ख के समान प्रदर्शित किया, जिसके कारण वे जड़भरत कहलाए। बाद में उन्होंने राजा रहूगण को आत्मा और शरीर के वास्तविक स्वरूप का ज्ञान कराते हुए अहंकार त्यागकर आत्मबोध के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. कमलेश शाही, जनार्दन शर्मा, मनोज श्रीवास्तव, मुकुल तिवारी, सभासद कमलेश वर्मा समेत अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। संवाद
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