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विकसित भारत: सर्वे में ग्रामीण महिलाएं आगे
Mon, 24 Nov 2025 01:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 24 Nov 2025 01:09 AM IST
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पडरौना। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में फीडबैक देने में जिले की ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी शहरी महिलाओं की अपेक्षा अधिक है। इसमें भी 31 वर्ष उम्र तक की महिलाओं की संख्या सर्वाधिक है। वहीं पुरुषों की बात करें तो गांव के युवा शहरी युवाओं से अधिक सक्रिय हैं।
विकसित भारत सर्वे एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य 2047 में भारत की स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ तक देश को विकसित राष्ट्र बनाना है। यह पहल समावेशी विकास, नवाचार और सुशासन पर केंद्रित है। इसके लिए समाज के सभी वर्ग के लोगों से सुझाव और विचार एकत्र किए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम विकसित भारत@ 2047: युवाओं की आवाज जैसे विभिन्न पहलुओं के माध्यम से युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देगा।
2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना, जिसमें उच्च जीवन स्तर, आर्थिक विकास और एक मजबूत वैश्विक शक्ति बनना शामिल किया गया है। इसके अलावा आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, पर्यावरणीय स्थिरता और सुशासन जैसे कई पहलू शामिल किए गए हैं। इसके तहत सरकार समाज के सभी लोगों से फीडबैक ले रही है। इस विषय पर फीडबैक देने में शहर के लोगों के मुकाबले गांव के लोग अधिक सक्रिय हैं।
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एनआरएलएम से मिले आकड़े पर गौर करें तो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में फीडबैक देने में अब तक जिले में कुल 89346 लोगों ने अपना फीडबैक दिया है। इसमें से 8903 लोग शहर के हैं, जबकि गांव के 80443 ने अपना फीडबैक दिया है। इसमें से 31 वर्ष तक की उम्र के 37977 लोगों ने अपनी सहमति जताई है।
यदि शहर और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अलग करें तो शहर के 8903 लोगों की तरफ से मिले फीडबैक में 3406 महिलाएं हैं। इसमें से 4151 फीडबैक देने वाले 31 वर्ष तक की उम्र के हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से मिला फीडबैक शहर के लोगों के मुकाबले कहीं अधिक है। प्राप्त आकड़ों के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र के कुल 80443 लोगों ने अपना फीडबैक दिया है।
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विकसित भारत सर्वे एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य 2047 में भारत की स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ तक देश को विकसित राष्ट्र बनाना है। यह पहल समावेशी विकास, नवाचार और सुशासन पर केंद्रित है। इसके लिए समाज के सभी वर्ग के लोगों से सुझाव और विचार एकत्र किए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम विकसित भारत
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2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना, जिसमें उच्च जीवन स्तर, आर्थिक विकास और एक मजबूत वैश्विक शक्ति बनना शामिल किया गया है। इसके अलावा आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति, पर्यावरणीय स्थिरता और सुशासन जैसे कई पहलू शामिल किए गए हैं। इसके तहत सरकार समाज के सभी लोगों से फीडबैक ले रही है। इस विषय पर फीडबैक देने में शहर के लोगों के मुकाबले गांव के लोग अधिक सक्रिय हैं।
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एनआरएलएम से मिले आकड़े पर गौर करें तो विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में फीडबैक देने में अब तक जिले में कुल 89346 लोगों ने अपना फीडबैक दिया है। इसमें से 8903 लोग शहर के हैं, जबकि गांव के 80443 ने अपना फीडबैक दिया है। इसमें से 31 वर्ष तक की उम्र के 37977 लोगों ने अपनी सहमति जताई है।
यदि शहर और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अलग करें तो शहर के 8903 लोगों की तरफ से मिले फीडबैक में 3406 महिलाएं हैं। इसमें से 4151 फीडबैक देने वाले 31 वर्ष तक की उम्र के हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से मिला फीडबैक शहर के लोगों के मुकाबले कहीं अधिक है। प्राप्त आकड़ों के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्र के कुल 80443 लोगों ने अपना फीडबैक दिया है।