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Kushinagar News: दृढ़ संकल्प और विनम्रता से मिलती है ईश्वर कृपा
Thu, 25 Jun 2026 01:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 25 Jun 2026 01:37 AM IST
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श्रीमद्भागवत सुनाते आचार्य अभियेन्द्र गर्गाचार्य
सुकरौली। क्षेत्र के पिपरा लालमन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस पर कथा व्यास आचार्य अभियेन्द्र गर्गाचार्य ने ध्रुव चरित्र एवं वामन चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आचार्य ने ध्रुव चरित्र का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि विपरीत परिस्थितियों और अपमान के बावजूद बालक ध्रुव ने अटूट श्रद्धा, कठोर तपस्या और दृढ़ संकल्प के बल पर भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त की तथा ध्रुव तारा के रूप में अमर पद हासिल किया। उन्होंने कहा कि जीवन में कठिनाइयों को सफलता की प्रेरणा बनाना चाहिए।
इसके बाद वामन अवतार की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि दैत्यराज बलि ने सत्य, दान और वचन पालन की मिसाल प्रस्तुत की। भगवान वामन ने उनके अहंकार का नाश कर धर्म और विनम्रता का संदेश दिया। आचार्य ने कहा कि भगवान अपने भक्तों की परीक्षा लेते हैं, लेकिन अंततः उनका कल्याण ही करते हैं।
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कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे। अंत में आचार्य ने सभी से धर्म, सत्य और ईश्वर भक्ति के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
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आचार्य ने ध्रुव चरित्र का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि विपरीत परिस्थितियों और अपमान के बावजूद बालक ध्रुव ने अटूट श्रद्धा, कठोर तपस्या और दृढ़ संकल्प के बल पर भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त की तथा ध्रुव तारा के रूप में अमर पद हासिल किया। उन्होंने कहा कि जीवन में कठिनाइयों को सफलता की प्रेरणा बनाना चाहिए।
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इसके बाद वामन अवतार की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि दैत्यराज बलि ने सत्य, दान और वचन पालन की मिसाल प्रस्तुत की। भगवान वामन ने उनके अहंकार का नाश कर धर्म और विनम्रता का संदेश दिया। आचार्य ने कहा कि भगवान अपने भक्तों की परीक्षा लेते हैं, लेकिन अंततः उनका कल्याण ही करते हैं।
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कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे। अंत में आचार्य ने सभी से धर्म, सत्य और ईश्वर भक्ति के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।