फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   DCM's wheel punctured, cattle recovered, smugglers escaped

Kushinagar News: डीसीएम का पहिया पंक्चर, बरामद हुए गोवंश, भाग निकले तस्कर

Mon, 30 Oct 2023 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Mon, 30 Oct 2023 12:12 AM IST
विज्ञापन
DCM's wheel punctured, cattle recovered, smugglers escaped
तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र में डीसीएम से बरामद गोवंशशी पिशु। स्रोत:- पुलिस प्रशासन
-डीसीएम में ठूसे गए थे 15 गोवंश बरामद में पांच की हो चुकी थी मौत
विज्ञापन

-अज्ञात तस्करों पर केस दर्ज कर पुलिस ने खड्डा गोशाला में पशुओं को भेजा
गुरवलिया बाजार। हाइवे पर डीसीएम का पहिया पंक्चर होने की वजह से पुलिस ने 15 गोवंश पशु (बैल) को बरामद किया और तस्कर भाग निकले। बेरहमी से ठूसे गए गोवंश में पांच की मौत हो चुकी थी। कुछ ही देर पहले गोवंश से भरा डीसीएम थाने गेट के सामने से गुजरा था। लेकिन पुलिस को इनकी भनक नहीं लगी थी। अगर पहिया पंक्चर नहीं हुआ होता तो गोवंश से भरा डीसीएम नहीं पकड़ा गया होता।
तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के फाजिलनगर को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर भलुही के पास तुर्कपट्टी की ओर से फाजिलनगर के तरफ रविवार को भोर में जा रहा डीसीएम का अगला टायर पंक्चर हो गया। जिसकी वजह से तस्कर डीसीएम छोड़कर फरार हो गए। इसकी जानकारी लोगों ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने डीसीएम की तलाशी लिया तो गोवंश मिले।
विज्ञापन

डीसीएम को थाने लेकर आई पुलिस ने गोवंश को उतारा। बाकी दस बैलों को खड्डा के गोशाला में पुलिस ने भेजवा दिया। पुलिस ने अज्ञात पशु तस्करों पर केस दर्ज किया है। डीसीएम पर हरियाणा का नंबर है। इसके जरिए पुलिस वाहन मालिक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। लोगों की माने तो गोवंश से भरा डीसीएम थाने गेट से गुजरा है। अगर पुलिस सक्रिय रहती तो वही पर डीसीएम पकड़ा गया होता। एसओ अनिल सिंह ने बताया कि अज्ञात पशु तस्करों पर केस दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

0000000000000
....भोर का इंतजार, तस्करों का प्रहार

भोर के अंधेरा तस्करों के लिए मुफीद साबित हो रहा है। दिन के उजाले और देर रात तक होती तस्करी के बाद थोड़ी लगाम लगा तो तस्करों ने नया तरीका ढूंढ लिया है। ऐसा माना जा रहा है कि भोर में तस्करों की सक्रियता अब बढ़ गई है। हरियाणा की जिस डीसीएम में रविवार को तस्करी के लिए गोवंश ले जाए जा रहे थे, वह अब यूपी के अंतिम छोर पर था। पहिया पंक्चर नहीं हुआ होता तो 15 से 20 किमी की दूरी तय करने के बाद गोवंश से भरा डीसीएम बिहार में प्रवेश कर जाता और पुलिस को इसकी भनक नहीं लगती। ऐसे में भोर में सुबह के शांत सड़कों पर तेज रफ्तार से वाहन एक जगह से दूसरी जगह पहुंच रहे हैं। इनको किसी पर पीछा करने का शक होते ही यह हमला भी कर देते हैं।
00000000

जिले के थानों की निष्क्रियता, स्थानीय तस्कर के मिलीभगत के बिना असंभव है खेल
-भले ही रविवार को तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र में गौवंश से भरा डीसीएम पकड़ा गया हो। लेकिन वाहन छोड़ फरार हुए तस्कर अन्य थानों से होकर यहां तक पहुंचे थे। हाइवे पर 12 से अधिक पुलिस चौकी व थाना होने के वावजूद गोवंश से भरा डीसीएम यहां तक कैसे पहुंच गया यह बड़ा सवाल है जो पुलिस को कठघरे में खड़ा कर रहा है।वहीं हरियाणा की जो गाड़ी तुर्कपट्टी में पकड़ी गई वह बिना किसी स्थानीय तस्कर के बिना इन लिंक सड़कों से होकर नहीं गुजर पाती। फिलहाल यह जांच का विषय है। पुलिस फरार तस्करों तक कैसे पहुंच पाती है। यह देखना है।

00000000
करो या मरो के उद्देश्य से चलते है तस्कर

-तस्कर जब गाड़ियों में पशुओं को लेकर चलते है तो वह यह मानकर चलते हैं कि आगे पुलिस या संदिग्ध को देखकर रुकना नहीं कुचल देना है। इसलिए उनके गाड़ी के आगे लोहा का नुकीला कई बंपर बना रहता है। पुलिस के साथ हुए संघर्ष में कई बार पुलिसकर्मियों को सफलता मिलती है तो कभी तस्कर भी हमला कर फरार हो जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed