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Kushinagar News: आपराधिक इतिहास करना होगा सार्वजनिक
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-साक्ष्य छिपाने पर खारिज हो सकता है नामांकन
-प्रारूप सी-1 भरकर तीन बार विज्ञापन प्रकाशन कराने का है निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार को अपने आपराधिक इतिहास को अब सार्वजनिक करना होगा। इसके लिए प्रारूप सी-1 भरकर उन्हें तीन बार समाचार पत्रों में प्रकाशित कराना होगा। नामांकन पत्र दाखिल करते समय साक्ष्य छिपाने पर पर्चा भी खारिज किया जा सकता है। ऐसे में उम्मीदवार और राजनीतिक दल इसका शत-प्रतिशत अनुपालन अवश्य करें।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम वैभव मिश्र ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास यदि कोई हो तो उन्हें प्रसारित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों की ओर से आपराधिक पृष्ठभूमि के व्यक्ति को उम्मीदवार बनाया गया है, तो उन्हें भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित प्रारूप सी-1 में उम्मीदवार चयन से 48 घंटे के भीतर यह प्रकाशित कराना होगा कि आखिर आपराधिक पृष्ठभूमि से संबंध रखने वाले व्यक्ति को उम्मीदवार क्यों चुना गया।
प्रकाशन की सूचना ऐसे राजनीतिक दलों को प्रारूप सी-1 में 72 घंटे के भीतर भारत निर्वाचन आयोग को भी प्रेषित किया जाना आवश्यक होगा। राजनीतिक दलों व अभ्यर्थियों के आपराधिक मामलों के प्रचार-प्रसार के लिए उन्हें फॉर्म सी-1 व सी-2 पर राष्ट्रीय व स्थानीय समाचार पत्रों एवं टीवी मीडिया में प्रसारित करवाना होगा।
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-प्रारूप सी-1 भरकर तीन बार विज्ञापन प्रकाशन कराने का है निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार को अपने आपराधिक इतिहास को अब सार्वजनिक करना होगा। इसके लिए प्रारूप सी-1 भरकर उन्हें तीन बार समाचार पत्रों में प्रकाशित कराना होगा। नामांकन पत्र दाखिल करते समय साक्ष्य छिपाने पर पर्चा भी खारिज किया जा सकता है। ऐसे में उम्मीदवार और राजनीतिक दल इसका शत-प्रतिशत अनुपालन अवश्य करें।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम वैभव मिश्र ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास यदि कोई हो तो उन्हें प्रसारित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि राजनीतिक दलों की ओर से आपराधिक पृष्ठभूमि के व्यक्ति को उम्मीदवार बनाया गया है, तो उन्हें भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित प्रारूप सी-1 में उम्मीदवार चयन से 48 घंटे के भीतर यह प्रकाशित कराना होगा कि आखिर आपराधिक पृष्ठभूमि से संबंध रखने वाले व्यक्ति को उम्मीदवार क्यों चुना गया।
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प्रकाशन की सूचना ऐसे राजनीतिक दलों को प्रारूप सी-1 में 72 घंटे के भीतर भारत निर्वाचन आयोग को भी प्रेषित किया जाना आवश्यक होगा। राजनीतिक दलों व अभ्यर्थियों के आपराधिक मामलों के प्रचार-प्रसार के लिए उन्हें फॉर्म सी-1 व सी-2 पर राष्ट्रीय व स्थानीय समाचार पत्रों एवं टीवी मीडिया में प्रसारित करवाना होगा।
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