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बिहार में तनाव को लेकर गश्त बढ़ाई गई
अमर उजाला ब्यूरो/कुशीनगर
Updated Fri, 23 Oct 2015 11:51 PM IST
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पिपरा कनक। सीमा पर बिहार के कटेया थाने के गांव सुकसेनवा और उसी के टोला पांडेय पट्टी के लोगों में दशहरा की मूर्ति तथा ताजिये के रास्ते को लेकर तनाव बढ़ गया है।
इसे लेकर बिहार के साथ साथ कुशीनगर की पुलिस ने भी अपने सीमावर्ती गांवों में गश्त बढ़ा दी है। पटहेरवा थानाक्षेत्र के गांव बसडीला खुर्द और बिहार के कटेया थाने के सुकसेनवा गांव आपस में सटे हुए हैं।
बताया जाता है कि बिहार के सुकसेनवा गांव के पांडेय पट्टी टोला में जमीन का एक हिस्सा ब्रह्म स्थान के नाम से अभिलेखों में दर्ज है। वहां दशहरा में मूर्ति रखकर पूजा की जाती है।
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सुकसेनवा गांव का ताजिया भी इस रास्ते गुजरते समय कुछ समय के लिए रखा जाता है। पिछले वर्ष सुकसेनवा गांव के कुछ शरारती तत्वों ने उस रास्ते मूर्ति ले जाने से मना कर दिया था।
इससे तनाव उत्पन्न हो गया था। तब पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी। मौके पर पहुंचे बिहार के गोपालगंज जिले के हथुआ के तत्कालीन डीएसपी ने पंचायत में मामला हल कराया था।
बताया जा रहा है कि इस वर्ष भी पांडेयपट्टी गांव के कुछ युवक बीते 17 अक्टूूबर को मूर्ति स्थापित करने के लिए ले जा रहे थे, तभी सुकसेनवा गांव के कुछ युवकों ने मूर्ति ले जाने से मना कर दिया था।
युवकों ने पूरी बात अपने टोले पांडेय पट्टी में बताई तो इस गांव के लोग उग्र हो गए और मुहर्रम के ताजिये को अपने गांव से गुजरने और ब्रह्मस्थान के जमीन पर रखने से मना करने की ठान ली।
दोनों गांवाें में तनाव होता देख बिहार के साथ-साथ जनपद के सीमावर्ती इलाकों में भी पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। थाना प्रभारी कटेया अमित सिंह ने बताया कि किसी भी हाल में माहौल बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।
इस संबंध में समऊर बाजार चौकी के इंचार्ज अजय यादव ने बताया कि पूरा मामला बिहार प्रदेश के गांवों का है।
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इसे लेकर बिहार के साथ साथ कुशीनगर की पुलिस ने भी अपने सीमावर्ती गांवों में गश्त बढ़ा दी है। पटहेरवा थानाक्षेत्र के गांव बसडीला खुर्द और बिहार के कटेया थाने के सुकसेनवा गांव आपस में सटे हुए हैं।
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बताया जाता है कि बिहार के सुकसेनवा गांव के पांडेय पट्टी टोला में जमीन का एक हिस्सा ब्रह्म स्थान के नाम से अभिलेखों में दर्ज है। वहां दशहरा में मूर्ति रखकर पूजा की जाती है।
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सुकसेनवा गांव का ताजिया भी इस रास्ते गुजरते समय कुछ समय के लिए रखा जाता है। पिछले वर्ष सुकसेनवा गांव के कुछ शरारती तत्वों ने उस रास्ते मूर्ति ले जाने से मना कर दिया था।
इससे तनाव उत्पन्न हो गया था। तब पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी। मौके पर पहुंचे बिहार के गोपालगंज जिले के हथुआ के तत्कालीन डीएसपी ने पंचायत में मामला हल कराया था।
बताया जा रहा है कि इस वर्ष भी पांडेयपट्टी गांव के कुछ युवक बीते 17 अक्टूूबर को मूर्ति स्थापित करने के लिए ले जा रहे थे, तभी सुकसेनवा गांव के कुछ युवकों ने मूर्ति ले जाने से मना कर दिया था।
युवकों ने पूरी बात अपने टोले पांडेय पट्टी में बताई तो इस गांव के लोग उग्र हो गए और मुहर्रम के ताजिये को अपने गांव से गुजरने और ब्रह्मस्थान के जमीन पर रखने से मना करने की ठान ली।
दोनों गांवाें में तनाव होता देख बिहार के साथ-साथ जनपद के सीमावर्ती इलाकों में भी पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। थाना प्रभारी कटेया अमित सिंह ने बताया कि किसी भी हाल में माहौल बिगड़ने नहीं दिया जाएगा।
इस संबंध में समऊर बाजार चौकी के इंचार्ज अजय यादव ने बताया कि पूरा मामला बिहार प्रदेश के गांवों का है।