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गोंड जाति के लोगों को वाजिब हक मिलेगा : रामअवध
कुशीनगर
Updated Fri, 29 Apr 2016 11:25 PM IST
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गोंड आदिवासी महासभा के सम्मेलन को संबोधित करते एमएलसी।
- फोटो : अमर उजाला
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पडरौना। एमएलसी रामअवध यादव ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में कहा कि प्रदेश की सपा सरकार ने सभी चुनाव वादे पूरे किए हैं। अनुसूचित जाति की श्रेणी से बाहर की गई गोंड जाति सहित सभी 17 जातियों को दोबारा इस श्रेणी में शामिल करने को लेकर सरकार गंभीर है। इन जातियों के लोगों को वाजिब हक अवश्य दिलाया जाएगा।
एमएलसी शुक्रवार को सर्किट हाउस में गोंड आदिवासी महासभा की जिला इकाई की तरफ से आयोजित सम्मेलन को मुख्य अतिथि की हैसियत से संबोधित कर रहे थे। यह सम्मेलन जिले में निवास करने वाले गोंड जाति के लोगों को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी कराने की आयोजित था। उन्होंने कहा कि गोंड जाति की तादाद जिले में काफी अधिक है, फिर भी उन्हें जाति प्रमाण पत्र न दिया जाना चिंता की बात है।
जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश राणा ने कहा कि तहसील प्रशासन की ओर से समस्त जातियों को जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, लेकिन जिले के गोंड जाति के लोग वर्षों से अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र के लिए धरना-प्रदर्शन और अनशन करते आ रहे हैं। कुछ दिनों के लिए प्रशासन सक्रिय होता है, लेकिन उसके बाद स्थिति पूर्ववत हो जाती है। उन्होेंने कहा कि अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र गोंड जाति का हक है, जिसे मिलना चाहिए।
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रामकोला के विधायक पूर्णमासी देहाती ने कहा कि गोंड जाति से जिले में कई विधायक, जिला पंचायत सदस्य, बीडीसी, ग्राम प्रधान सहित विभिन्न पदों पर लोग निर्वाचित होते रहे हैं, फिर भी जाति प्रमाण पत्र जारी करने में कोताही अनुचित है। सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे संगठन के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोंड ने उत्तर प्रदेश एससी-एसटी आयोग के उपाध्यक्ष व्यास जी गोंड की ओर से सभी कमिश्नर और डीएम को प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में जारी आदेश से लोगों को अवगत कराया, जिसमें गोंड जाति को कुशीनगर जिले में अनुसूचित जाति की श्रेणी में दर्शाया गया है।
सम्मेलन का संचालन कर रहे जिला मंत्री बाशींद्र गोंड संगठन की मांगों को पढ़कर सुनाया, जिसमें गोंड जाति को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र अविलंब जारी करने, जाति सत्यापन समिति में लंबित मामलों का अभिलेखीय आधार पर निस्तारण कराने, 1347, 1359, 1356 या 1323 में से किसी भी फसली के नकल के आधार पर जाति प्रमाण पत्र जारी करने और पूर्व में बने जाति प्रमाण पत्रों के आधार पर बिना किसी साक्ष्य के प्रमाण पत्र जारी करने की मांग शामिल थी। सम्मेलन में पहुंचे एडीएम रामकेवल तिवारी को संगठन की तरफ से ज्ञापन दिया गया।
उन्होंने इस बारे में सभी एसडीएम और तहसीलदार को शीघ्र निर्देश देने का आश्वासन दिया। इस दौरान जिला महामंत्री दिग्विजयनाथ गोंड, जिला कोषाध्यक्ष नथुनी प्रसाद गोंड, उपाध्यक्ष शैलेंद्र मोहन गोंड, बुनियादी गोंड, विजय गोंड, गोवर्द्धन गोंड, मोतीचंद गोंड, दिनेश गोंड, उदयलाल, रवींद्र गोंड, रमेश, सीताराम गोंड मौजूद रहे।
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एमएलसी शुक्रवार को सर्किट हाउस में गोंड आदिवासी महासभा की जिला इकाई की तरफ से आयोजित सम्मेलन को मुख्य अतिथि की हैसियत से संबोधित कर रहे थे। यह सम्मेलन जिले में निवास करने वाले गोंड जाति के लोगों को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी कराने की आयोजित था। उन्होंने कहा कि गोंड जाति की तादाद जिले में काफी अधिक है, फिर भी उन्हें जाति प्रमाण पत्र न दिया जाना चिंता की बात है।
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जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश राणा ने कहा कि तहसील प्रशासन की ओर से समस्त जातियों को जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, लेकिन जिले के गोंड जाति के लोग वर्षों से अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र के लिए धरना-प्रदर्शन और अनशन करते आ रहे हैं। कुछ दिनों के लिए प्रशासन सक्रिय होता है, लेकिन उसके बाद स्थिति पूर्ववत हो जाती है। उन्होेंने कहा कि अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र गोंड जाति का हक है, जिसे मिलना चाहिए।
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रामकोला के विधायक पूर्णमासी देहाती ने कहा कि गोंड जाति से जिले में कई विधायक, जिला पंचायत सदस्य, बीडीसी, ग्राम प्रधान सहित विभिन्न पदों पर लोग निर्वाचित होते रहे हैं, फिर भी जाति प्रमाण पत्र जारी करने में कोताही अनुचित है। सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे संगठन के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोंड ने उत्तर प्रदेश एससी-एसटी आयोग के उपाध्यक्ष व्यास जी गोंड की ओर से सभी कमिश्नर और डीएम को प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में जारी आदेश से लोगों को अवगत कराया, जिसमें गोंड जाति को कुशीनगर जिले में अनुसूचित जाति की श्रेणी में दर्शाया गया है।
सम्मेलन का संचालन कर रहे जिला मंत्री बाशींद्र गोंड संगठन की मांगों को पढ़कर सुनाया, जिसमें गोंड जाति को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र अविलंब जारी करने, जाति सत्यापन समिति में लंबित मामलों का अभिलेखीय आधार पर निस्तारण कराने, 1347, 1359, 1356 या 1323 में से किसी भी फसली के नकल के आधार पर जाति प्रमाण पत्र जारी करने और पूर्व में बने जाति प्रमाण पत्रों के आधार पर बिना किसी साक्ष्य के प्रमाण पत्र जारी करने की मांग शामिल थी। सम्मेलन में पहुंचे एडीएम रामकेवल तिवारी को संगठन की तरफ से ज्ञापन दिया गया।
उन्होंने इस बारे में सभी एसडीएम और तहसीलदार को शीघ्र निर्देश देने का आश्वासन दिया। इस दौरान जिला महामंत्री दिग्विजयनाथ गोंड, जिला कोषाध्यक्ष नथुनी प्रसाद गोंड, उपाध्यक्ष शैलेंद्र मोहन गोंड, बुनियादी गोंड, विजय गोंड, गोवर्द्धन गोंड, मोतीचंद गोंड, दिनेश गोंड, उदयलाल, रवींद्र गोंड, रमेश, सीताराम गोंड मौजूद रहे।