{"_id":"343b3ec6fcfd2da26155040a105ec516","slug":"businessman-s-murder-revealed-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"व्यवसायी की हत्या का खुलासा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
व्यवसायी की हत्या का खुलासा
अमर उजाला/कुशीनगर
Updated Fri, 08 Jan 2016 11:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पडरौना। तरयासुजान थानाक्षेत्र के तमकुहीराज में छह नवंबर की रात में हुई हत्या का पुलिस ने शुक्रवार को पर्दाफाश करने का दावा किया। इस मामले में पुलिस ने एक महिला सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
इनकी निशानदेही पर छह मोबाइल और व्यवसायी का आधारकार्ड समेत अन्य सामान बरामद हुए। एसपी ने घटना का खुलासा करने वाली पुलिस और सर्विलांस टीम को पांच हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की।
एसपी अतुल शर्मा ने पुलिस लाइंस में बताया कि बिहार के गोपालगंज जिले के मीरगंज कस्बे के रहने वाले अमरनाथ केसरी की हत्या एक महिला पर गलत निगाह रखने की वजह से हुई थी।
विज्ञापन
हत्यारोपी मोहन सोनी और मुस्कान उर्फ शकुंतला शुक्रवार को तमकुहीराज में ओवरब्रिज के पास गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस के मुताबिक अमरनाथ मीरगंज कस्बे में मोबाइल की दुकान किए थे और हत्यारोपी कस्बे में ही किराए के कमरे में रहते थे।
दोनों युवकों में दोस्ती होने के कारण अमरनाथ का भी वहां आना-जाना था। मुस्कान उर्फ शकुंतला नाम की महिला पर गलत निगाह रखने के कारण दोनों ने हत्या की योजना बनाई।
एसपी ने बताया कि अमरनाथ को दोनों आरोपी पांच नवंबर को दुकान से अपने कमरे पर ले गए, जहां चाय में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दिए।
उसके बाद अमरनाथ को उनकी बाइक पर ही लादकर तमकुहीराज लेकर चले आए और हाइवे के बगल में हत्या कर बांस की फट्टी से बनी एक दुकान में फेंककर चले गए। उसके बाद अमरनाथ की दुकान का ताला खोलकर मोबाइल और अन्य सामान निकाल ले गए।
बाइक को लतवा बाजार के पास बड़ी नहर में गिरा दिया था।
हत्यारोपियों की निशानदेही पर एक चाकू, एक जोड़ी चप्पल, अमरनाथ का आधार कार्ड और छह मोबाइल बरामद हुआ। एसपी ने बताया कि इस वर्कआउट में प्रभारी निरीक्षक सुजीत राय, उप निरीक्षक ब्रजेंद्र पटेल, कांस्टेबल रणजीत कुमार सिंह, कृष्ण कुमार राय, हरेराम यादव, महिला कांस्टेबल चंद्रप्रभा वर्मा, सर्विलांस सेल के कांस्टेबल अमित सिंह और चंद्रभान का सराहनीय योगदान रहा।
विज्ञापन
इनकी निशानदेही पर छह मोबाइल और व्यवसायी का आधारकार्ड समेत अन्य सामान बरामद हुए। एसपी ने घटना का खुलासा करने वाली पुलिस और सर्विलांस टीम को पांच हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की।
विज्ञापन
एसपी अतुल शर्मा ने पुलिस लाइंस में बताया कि बिहार के गोपालगंज जिले के मीरगंज कस्बे के रहने वाले अमरनाथ केसरी की हत्या एक महिला पर गलत निगाह रखने की वजह से हुई थी।
विज्ञापन
हत्यारोपी मोहन सोनी और मुस्कान उर्फ शकुंतला शुक्रवार को तमकुहीराज में ओवरब्रिज के पास गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस के मुताबिक अमरनाथ मीरगंज कस्बे में मोबाइल की दुकान किए थे और हत्यारोपी कस्बे में ही किराए के कमरे में रहते थे।
दोनों युवकों में दोस्ती होने के कारण अमरनाथ का भी वहां आना-जाना था। मुस्कान उर्फ शकुंतला नाम की महिला पर गलत निगाह रखने के कारण दोनों ने हत्या की योजना बनाई।
एसपी ने बताया कि अमरनाथ को दोनों आरोपी पांच नवंबर को दुकान से अपने कमरे पर ले गए, जहां चाय में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दिए।
उसके बाद अमरनाथ को उनकी बाइक पर ही लादकर तमकुहीराज लेकर चले आए और हाइवे के बगल में हत्या कर बांस की फट्टी से बनी एक दुकान में फेंककर चले गए। उसके बाद अमरनाथ की दुकान का ताला खोलकर मोबाइल और अन्य सामान निकाल ले गए।
बाइक को लतवा बाजार के पास बड़ी नहर में गिरा दिया था।
हत्यारोपियों की निशानदेही पर एक चाकू, एक जोड़ी चप्पल, अमरनाथ का आधार कार्ड और छह मोबाइल बरामद हुआ। एसपी ने बताया कि इस वर्कआउट में प्रभारी निरीक्षक सुजीत राय, उप निरीक्षक ब्रजेंद्र पटेल, कांस्टेबल रणजीत कुमार सिंह, कृष्ण कुमार राय, हरेराम यादव, महिला कांस्टेबल चंद्रप्रभा वर्मा, सर्विलांस सेल के कांस्टेबल अमित सिंह और चंद्रभान का सराहनीय योगदान रहा।