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‘जिले में 800 अपराधी चिह्नित’
Kushinagar
Updated Fri, 01 Jul 2016 12:05 AM IST
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व्यापारियों से बात करते आईजी।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के आठ सौ ऐसे लोगों को पुलिस ने चिह्नित किया है, जिन पर कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, महराजगंज सहित जोन के अन्य जनपदों में लूट, डकैती, वाहन चोरी व अन्य मामलों में केस दर्ज हैं। जोन में ऐसे करीब 15हजार लोग हैं। बालू खनन और कच्ची शराब बनाने व बेचने वालों पर शिकंजा कसने के लिए एसपी को अपनी निगरानी में जिला स्तर पर टीम गठित कर छापे की कार्रवाई के लिए कहा गया है। जिन थाना क्षेत्रों में जिले स्तर की टीम छापे की कार्रवाई कर अवैध बालू व कच्ची शराब बनाने वालों को पकड़ेगी, संबंधित थाने के थाना प्रभारी को निलंबित करने की कार्रवाई भी की जाएगी।
यह जानकारी आईजी जोन मोहित अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन स्थित मनोरंजन कक्ष में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि कुशीनगर जनपद में चिह्नित आठ सौ ऐसे लोगों की सूची एसपी को भेजी गई है, जिन्होंने लूट, डकैती, छिनैती सहित इसी तरह के अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर संपत्ति बना ली है। ऐसे लोगों की सूची जहां के वह रहने वाले हैं, संबंधित थानों में भी चस्पा की जा रही है। ताकि एसओ और हल्का हल्का सिपाही को भी जानकारी रहे। समाधान दिवस पर अधिकांश मामले जमीन संबंधी आते हैं। इस मौके पर राजस्व विभाग के लोगों को मौजूद रहने के लिए कहा गया है ताकि मौके पर जमीन संबंधी विवाद का समाधान कराया जा सके।
विभाग पुलिस को जनता से जोड़ने की नई योजना पर भी काम कर रही है। पुलिस के जवानों की बीट चार्ट बनाया गया है। योजना के तहत प्रत्येक जवान के नाम से 100-100 विजिटिंग कार्ड की छपाई कराकर उपलब्ध कराया जा रहा है। औसतन एक सिपाही के जिम्मे कम से कम चार पांच गांव हैं। प्रत्येक गांव में कम से कम दस-दस लोगों को अपना विजिटिंग कार्ड देकर उनसे व्यवहारिक तौर पर जुड़ने के लिए कहा गया है। ताकि उनके बीट क्षेत्र में स्लीपिंग माड्यूल्स व अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी हासिल कर प्रभावी कदम उठाया जा सके। इस प्रक्रिया से पुलिस पूरे जोन में चार से पांच लोगों से सीधे जुड़े जाएगी। इससे नेटवर्क बढ़ाने के साथ ही लोगों की समस्याओं के निराकरण में मदद मिलेगी।
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इसके अलावा जोन के प्रत्येक जिले में एक-एक बाजार चयन किए गए हैं। कुशीनगर जिले में पडरौना मार्केट चयन किया गया है। वहां यातायात जाम की समस्या के समाधान के लिए यातायात सलाहकार समिति गठित की गई है। इस समिति में 15 से 20 लोग शामिल किए जा रहे हैं। समिति के सदस्यों के साथ बैठकें कर यातायात जाम के कारण और समस्या के निदान के लिए सुझाव लिए जाएंगे। सुझावों पर अमल किया जाएगा ताकि लोगों को यातायात जाम की गंभीर समस्या से निजात दिलाई जा सके। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कुशीनगर जिले में काफी कम संख्या में ट्रैफिक पुलिस के जवान तैनात हैं।
इस कमी को दूर करने के लिए फिलहाल संबंधित थानों में तैनात होमगार्ड्स के जवान को ट्रैफिक पुलिस की जैकेट पहनाकर कार्य कराने के लिए कहा गया है। जिस थाना क्षेत्र में जाम की समस्या पैदा होगी, संबंधित थाने के एसओ की जिम्मेदारी तय की जाएगी। पुलिस के व्यवहार में तब्दीली लाने के लिए प्रशिक्षण शिविर भी लगाने की तैयारी है। जिसमें विशेषज्ञ लोगों को बुलवाकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। उसमें यह जानकारी दी जाएगी कि पुलिस आम जनता के साथ किस तरह से बातचीत कर व्यवहार में सुधार लाए ताकि लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास पैदा हो सके।
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यह जानकारी आईजी जोन मोहित अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन स्थित मनोरंजन कक्ष में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि कुशीनगर जनपद में चिह्नित आठ सौ ऐसे लोगों की सूची एसपी को भेजी गई है, जिन्होंने लूट, डकैती, छिनैती सहित इसी तरह के अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर संपत्ति बना ली है। ऐसे लोगों की सूची जहां के वह रहने वाले हैं, संबंधित थानों में भी चस्पा की जा रही है। ताकि एसओ और हल्का हल्का सिपाही को भी जानकारी रहे। समाधान दिवस पर अधिकांश मामले जमीन संबंधी आते हैं। इस मौके पर राजस्व विभाग के लोगों को मौजूद रहने के लिए कहा गया है ताकि मौके पर जमीन संबंधी विवाद का समाधान कराया जा सके।
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विभाग पुलिस को जनता से जोड़ने की नई योजना पर भी काम कर रही है। पुलिस के जवानों की बीट चार्ट बनाया गया है। योजना के तहत प्रत्येक जवान के नाम से 100-100 विजिटिंग कार्ड की छपाई कराकर उपलब्ध कराया जा रहा है। औसतन एक सिपाही के जिम्मे कम से कम चार पांच गांव हैं। प्रत्येक गांव में कम से कम दस-दस लोगों को अपना विजिटिंग कार्ड देकर उनसे व्यवहारिक तौर पर जुड़ने के लिए कहा गया है। ताकि उनके बीट क्षेत्र में स्लीपिंग माड्यूल्स व अन्य आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी हासिल कर प्रभावी कदम उठाया जा सके। इस प्रक्रिया से पुलिस पूरे जोन में चार से पांच लोगों से सीधे जुड़े जाएगी। इससे नेटवर्क बढ़ाने के साथ ही लोगों की समस्याओं के निराकरण में मदद मिलेगी।
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इसके अलावा जोन के प्रत्येक जिले में एक-एक बाजार चयन किए गए हैं। कुशीनगर जिले में पडरौना मार्केट चयन किया गया है। वहां यातायात जाम की समस्या के समाधान के लिए यातायात सलाहकार समिति गठित की गई है। इस समिति में 15 से 20 लोग शामिल किए जा रहे हैं। समिति के सदस्यों के साथ बैठकें कर यातायात जाम के कारण और समस्या के निदान के लिए सुझाव लिए जाएंगे। सुझावों पर अमल किया जाएगा ताकि लोगों को यातायात जाम की गंभीर समस्या से निजात दिलाई जा सके। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कुशीनगर जिले में काफी कम संख्या में ट्रैफिक पुलिस के जवान तैनात हैं।
इस कमी को दूर करने के लिए फिलहाल संबंधित थानों में तैनात होमगार्ड्स के जवान को ट्रैफिक पुलिस की जैकेट पहनाकर कार्य कराने के लिए कहा गया है। जिस थाना क्षेत्र में जाम की समस्या पैदा होगी, संबंधित थाने के एसओ की जिम्मेदारी तय की जाएगी। पुलिस के व्यवहार में तब्दीली लाने के लिए प्रशिक्षण शिविर भी लगाने की तैयारी है। जिसमें विशेषज्ञ लोगों को बुलवाकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। उसमें यह जानकारी दी जाएगी कि पुलिस आम जनता के साथ किस तरह से बातचीत कर व्यवहार में सुधार लाए ताकि लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास पैदा हो सके।