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भूमि विवाद में पुलिस से हियुवा नेता की झड़प
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Nov 2018 12:14 AM IST
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सीओ से नोकझोंक करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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खड्डा। थाना क्षेत्र परशुराम गांव में कब्रिस्तान की जमीन के विवाद को सुलझाने पहुंची पुलिस और हियुवा नेता में झड़प हो गई। पुलिस ने उन्हें थाने पर बैठा लिया तो मामला गरमा गया। कुछ ही देर में हियुवा के कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई। एसडीएम और सीओ भी पहुंच गए। हियुवा की तरफ से तीन सिपाहियों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई। शाम तक सुलह-समझौते का प्रयास चलता रहा।
परशुराम गांव में कब्रिस्तान की जमीन को लेकर दो समुदायों में विवाद चला आ रहा है। एसडीएम के आदेश के बाद 9 सितंबर को राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश कर खूंटा लगवा दिया था। एक पक्ष ने बृहस्पतिवार को थाने में तहरीर देकर खूंटे को उखाड़कर फेंक देने का आरोप लगाया था। पुलिस ने दोनों पक्षों को शुक्रवार को थाने पर बुलाया था।
प्रभारी निरीक्षक दोनों पक्षों के पांच-पांच लोगों को अपने ऑफिस में बैठाकर वार्ता करने लगे। साथ में आई भीड़ को इंस्पेक्टर ने बाहर जाने को कह दिया। उसी वक्त हियुवा के तहसील अध्यक्ष कुणाल राव पहुंचे तो लोगों ने कहा कि थानेदार अपशब्द कहकर खदेड़ रहे हैं। इससे वह उग्र हो गए और एसएचओ के पास पहुंच गए। दोनों में नोकझोंक होने लगी। मौजूद पुलिस वालों ने कुणाल को थाने में बैठा दिया।
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इसकी सूचना पर हियुवा के गोरखपुर बस्ती मंडल के संभाग प्रभारी राजेश्वर सिंह, पूर्व विधायक विजय दुबे, जिला प्रभारी डॉ. रामअधार राजभर, जिलाध्यक्ष संजय सिंह मुन्ना, भाजपा जिला उपाध्यक्ष विवेकानंद पांडेय, महामंत्री बृंदा प्रसाद आदि थाने पहुंचे और कुणाल राव के साथ हुए दुर्व्यवहार के बावत थाने के तीन सिपाहियों के खिलाफ तहरीर देकर व पैमाइश की गई जमीन का खूंटा उखाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई पर अड़ गए।
शाम तक एसडीएम खड्डा अरविंद कुमार व सीओ नवीन कुमार नायक भी थाने पहुंचकर नेताओं से बातचीत कर समाधान का प्रयास करने में जुटे रहे। तब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हो पाई। सुलह समझौते का प्रयास चलता रहा। थाने पर हियुवा कार्यकर्ता भी जमे रहे।
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परशुराम गांव में कब्रिस्तान की जमीन को लेकर दो समुदायों में विवाद चला आ रहा है। एसडीएम के आदेश के बाद 9 सितंबर को राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश कर खूंटा लगवा दिया था। एक पक्ष ने बृहस्पतिवार को थाने में तहरीर देकर खूंटे को उखाड़कर फेंक देने का आरोप लगाया था। पुलिस ने दोनों पक्षों को शुक्रवार को थाने पर बुलाया था।
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प्रभारी निरीक्षक दोनों पक्षों के पांच-पांच लोगों को अपने ऑफिस में बैठाकर वार्ता करने लगे। साथ में आई भीड़ को इंस्पेक्टर ने बाहर जाने को कह दिया। उसी वक्त हियुवा के तहसील अध्यक्ष कुणाल राव पहुंचे तो लोगों ने कहा कि थानेदार अपशब्द कहकर खदेड़ रहे हैं। इससे वह उग्र हो गए और एसएचओ के पास पहुंच गए। दोनों में नोकझोंक होने लगी। मौजूद पुलिस वालों ने कुणाल को थाने में बैठा दिया।
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इसकी सूचना पर हियुवा के गोरखपुर बस्ती मंडल के संभाग प्रभारी राजेश्वर सिंह, पूर्व विधायक विजय दुबे, जिला प्रभारी डॉ. रामअधार राजभर, जिलाध्यक्ष संजय सिंह मुन्ना, भाजपा जिला उपाध्यक्ष विवेकानंद पांडेय, महामंत्री बृंदा प्रसाद आदि थाने पहुंचे और कुणाल राव के साथ हुए दुर्व्यवहार के बावत थाने के तीन सिपाहियों के खिलाफ तहरीर देकर व पैमाइश की गई जमीन का खूंटा उखाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई पर अड़ गए।
शाम तक एसडीएम खड्डा अरविंद कुमार व सीओ नवीन कुमार नायक भी थाने पहुंचकर नेताओं से बातचीत कर समाधान का प्रयास करने में जुटे रहे। तब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हो पाई। सुलह समझौते का प्रयास चलता रहा। थाने पर हियुवा कार्यकर्ता भी जमे रहे।