फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   construction work

Kushinagar News: महायोजना के दायरे में घर बनवाने वालों की अटकी सांसें, कहीं टूट न जाए सपनों का घर

Wed, 21 Jun 2023 12:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Wed, 21 Jun 2023 12:11 AM IST
विज्ञापन
construction work
रविंद्र नगर स्थित सरस्वती चौक के पास चल रहे घर की निर्माणा कार्य।संवाद
पडरौना। पडरौना में भी महायोजना लागू होनी है। शहर सहित 62 गांव मास्टर प्लान में पहले से शामिल थे, जिन्हें महायोजना में शामिल किया जाना है। इसके अलावा 22 और गांवों काे शामिल करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। इसके दायरे में आने वाले लोगों की सांसें अटक गई हैं। क्योंकि बहुत सारे लोगों ने जमीनें खरीद लीं। घर बनवा लिए, जबकि बहुत से लोग घर बनवा भी रहे हैं। इसके दायरे में पांच हजार से अधिक मकान आएंगे। शहर में सड़कें चौड़ी होंगी, पार्क और वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे और अन्य कई कार्य होंगे, जिसमें जमीन कम पड़ने पर लोगों की जमीनें ली जाएंगी। ऐसा होने पर जिन लोगों ने सड़कों के किनारे या ऐसे स्थानों पर घर बनवा रखा है, उनकी चिंता बढ़ गई है। घर बनवाने वाले लोगों को आशंका है कि महायोजना में शामिल होने के बाद कहीं उनके सपनों का घर टूट न जाए।
विज्ञापन

नगर के आस-पास के 62 गांवों को पहले ही मास्टर प्लाॅन ने महायोजना में शामिल कर लिया है। इन गांवों के अलावा मास्टर प्लॉन ने अन्य 22 गांवों को भी महायोजना में शामिल करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। हालांकि, शासन की तरफ से भेजे गए प्रस्तावित गांवों को महायोजना में शामिल करने की दिशा में कोई कार्यवाही नहीं की है, लेकिन इस बीच बहुत सारे लोगों ने जमीनें खरीद लीं। अब वे घर बनवाने के लिए परेशान हैं। जैसे ही निर्माण कार्य शुरू हो रहा है, मास्टर प्लॉन के कर्मचारी काम को रोकवा दे रहे हैं। उनका तर्क है कि इन गांवों को महायोजना में शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इसलिए भवन का मानचित्र पास कराना जरूरी है। लेकिन, आवेदन करने पर नक्शा नहीं बन रहा है। इसका जवाब अधिकारियों के पास नहीं है। इसके इतर जो लोग चढ़ावा दे रहे हैं, उन्हें निर्माण कार्य की खुली छूट भी है। बहरहाल, डर सभी के मन में है कि कहीं घर बनवा लिए और नक्शा पास नहीं हुआ और बुलडोजर चल गया तो उनकी गाढ़ी कमाई डूब जाएगी।
विज्ञापन


धर्मपुर निवासी वशीर पटेल और भागी पटेल गांव के पास ही कसया रोड के किनारे घर बनवा रहे थे। अभी नींव ही चली थी कि मास्टर प्लॅान के कर्मचारी पहुंचे। उन लोगों ने कहा कि बिना नक्शा पास कराए काम नहीं हो पाएगा। दो दिनों तक वह इंतजार करते रहे, लेकिन अधिकारियों के नहीं मानने पर उन्होंने निर्माण कार्य रोक दिया। इसी गांव के प्रकाश सिंह भी कसया रोड पर ही अपने खेत में बेसमेंट बनवा रहे थे। उन्हें भी कर्मचारियों ने निर्माण कार्य के लिए रोका, लेकिन उनसे एक बिचौलिया ने कहा कि कुछ ले देकर काम हो जाएगा। बाद में जब महायोजना लागू होगी, तब नक्शा बनवा लीजिएगा। पीड़ित ने उसकी बात नहीं मानी तो कुछ दिनों के बाद निर्माण कार्य शुरू हो गया। इनके अलावा अन्य कई लोग भी महायोजना का विस्तार होने से परेशान हैं। कुछ लोगों ने अपना निर्माण कार्य ठप कर दिया है तो कुछ महायोजना लागू होने का इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


000000000
लोगों को सपनों का घर टूटने का डर
मास्टर प्लॉन के अधिकारियों की मानें तो महायोजना में शामिल होने वाले गांवों की घनी आबादी में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन इस योजना के तहत ग्रीन बेल्ट, वेंडिंग जोन और पार्क निर्माण कराना होता है। ग्रीन जोन तो सड़कों के किनारे अथवा पोखरे आदि अन्य सरकारी जमीन पर बनाया जारा है। इसी तरह वेंडिंग जोन और पार्क का निर्माण कार्य घनी आबादी से हटकर किया जाता है। महायोजना के तहत प्रस्तावित गांव से होकर जाने वाली मुख्य सड़कें भी चौड़ी होनी हैं। इसके चौड़ीकरण के बाद इन सड़कों के किनारे ग्रीन जोन घोषित कर वहां हरियाली के लिए पौधे लगाए जाएंगे। लेकिन संकट की बात यह है कि इन सड़कों के किनारे कई लोग जमीन खरीदकर या अपनी पुस्तैनी भूमि में घर बनवा लिए हैं। ऐसे लोगों को महायोजना में शामिल होने के बाद उनके सपनों के घर टूटने का डर सता रहा है।

0000

महायोजना में तय होगा लैंडयूज
मास्टर प्लॉन में शामिल इलाकों में महायोजना लागू होने के बाद ही लैंड यूज तय हो पाएगा। इसलिए, इन क्षेत्रों में नए निर्माण कार्य करा रहे लोगों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। मास्टर प्लॉन के अधिकारियों का कहना है कि जिन जगहों पर पहले से आबादी है। वहां पर निर्माण में कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन, हाइवे के किनारे, बाग या कृषि योग्य भूमि पर नया निर्माण कराए जाने पर लोगों की परेशानी आगे चलकर बढ़ सकती हैं।

000000000

जानकीनगर चौराहे पर गांव के मोड़ के पास मैं अपने मकान का निर्माण करा रहा था। कुछ लोग आए, उन लोगों ने कहा कि बिना नक्शा के काम नहीं होगा। बाद में कुछ चढ़ावा देने की बात कही गई। मैंने मना कर दिया नक्शा बनने के बाद ही काम शुरू कराएंगे।

-शाहिद अंसारी, साढ़ी खुर्द

00000000
पडरौना-कसया मार्ग के किनारे जानकीनगर चौराहे के पास अपनी जमीन में घर बनवाया हूं। महायोजना में शामिल करने के लिए शासन को भेज गए प्रस्ताव में घर भी आ रहा है। इससे आगे चलकर घर टूटने का भय बना हुआ है। शासन की तरफ से जारी नियमों का पालन किया जाएगा।

-रामआधार तिवारी, निवासी बैजनाथपुर

0000000000
इन गांवों को महायोजना में शामिल करने के लिए भेजा प्रस्ताव
मास्टर प्लॉन की तरफ से क्षेत्र के जंगल बिंदवलिया, धर्मपुर खुर्द, पिपरा, मजरा धर्मपुर, सोहरौना, जंगल नाहर छपरा, जंगल कुरमौल, जंगल गायघाट, जंगल अमवा, सुगहीं, जूडा छपरा, भिसवा सरकारी, धर्मपुर बुजुर्ग, सोनरिया, चौपरिया, सिधुआ बांगर भाठ, रहसू, साढ़ी खुर्द गांव को महायोजना में शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।


000000000
क्षेत्र के 62 गांव को महायोजना में पहले ही शामिल किया जा चुका है। शासन के निर्देश पर 22 अन्य गांवों को महायोजना में शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन शासन की तरफ से इस संबंध में अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यदि इन गांव को महायोजना में शामिल किया जाता है तो नए निर्माण कार्य के लिए लोगों को नक्शा पास कराना पड़ेगा। पूर्व में हुए निर्माण के लिए कोई नक्शा बनवाने की जरूरत नहीं है।

-विक्रमा राम, जेई मास्टर प्लॉन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed