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Kushinagar News: सरकारी जमीन के कुछ हिस्से पर मिला मस्जिद का निर्माण
Mon, 23 Dec 2024 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 23 Dec 2024 12:12 AM IST
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हाटा। स्थानीय नगर के मदनी मस्जिद की जमीन और उसके निर्माण को लेकर चल रही जांच में राजस्व विभाग की रिपोर्ट रविवार को सौंप दी। इसमें राजस्व विभाग ने मस्जिद के कुछ हिस्से का निर्माण सरकारी जमीन पर होने का दावा किया गया है।
वहीं कुछ हिस्से पर टिनशेड का निर्माण अवैध तरीके से होने का भी जिक्र है। बुधवार को पैमाइश और जांच के दौरान मस्जिद पक्ष के टिनशेड खुद हटा लिया था। अभी मस्जिद के नक्शे से जुड़ी जांच अभी जारी है। नगर पालिका की ओर से नक्शा निरस्त करने की बात कही जा रही है। जबकि, मस्जिद पक्ष का दावा है कि न्यायालय ने उस नक्शे को बहाल कर दिया था। हालांकि, इन दाेनो बिंदुओं पर अभी प्रशासन की चुप्पी नहीं टूट रही है। सूत्रों की मानें तो जिस समय नक्शा पास हुआ था। उस समय दो मंजिल का था और मस्जिद का तीन मंजिल निर्माण करीब दो दशक से चल रहा है। हाटा के मदनी के निर्माण में सरकारी जमीन का इस्तेमाल करने और बगैर नक्शा पास कराए तीन मंजिला मस्जिद का निर्माण कराने की शिकायत हाटा नगर पालिका के वार्ड नंबर 14 निवासी रामवचन सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ से की थी। इसके बाद बुधवार को प्रशासन ने राजस्व विभाग और पुलिस की मौजूदगी में पूरे दिन मस्जिद और उसके आसपास की सरकारी जमीनों की पैमाइश की थी। चार दिनों तक चली जांच के बाद राजस्व विभाग ने रविवार को जो रिपोर्ट सार्वजनिक की है। उसके आधार पर मस्जिद का कुछ हिस्सा आबादी के अराजी संख्या 201 में बढ़ कर बनाया गया है, जबकि शेष हिस्सा बैनामे की जमीन में निर्मित है। इस रिपोर्ट में मस्जिद के निर्माण और उसके कब्जे की भूमि का भी उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार मस्जिद और नगर पालिका की जमीन से जुड़े न्यायालयों में लंबित दो मुकदमों का भी जिक्र किया गया है। बताया गया है कि एक मुकदमे में वर्ष 2008 से यथा स्थिति बनने का आदेश है। जबकि, दूसरे मुकदमे में वर्ष 2022 से यथास्थिति बनाने का आदेश पारित है। बताया जा रहा है कि अभी नगर पालिका से मस्जिद के पास और निरस्त नक्शे की जांच चल रही है।
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डीएम विशाल भारद्वाज ने बताया कि हाटा एसडीएम से शिकायत के आधार पर जांच कराई गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई चल रही है। अभी कई बिंदुओं पर जांच चल रही है। जो अभिलेख दिए गए है। उसकी जांच कराई जा रही है।
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वहीं कुछ हिस्से पर टिनशेड का निर्माण अवैध तरीके से होने का भी जिक्र है। बुधवार को पैमाइश और जांच के दौरान मस्जिद पक्ष के टिनशेड खुद हटा लिया था। अभी मस्जिद के नक्शे से जुड़ी जांच अभी जारी है। नगर पालिका की ओर से नक्शा निरस्त करने की बात कही जा रही है। जबकि, मस्जिद पक्ष का दावा है कि न्यायालय ने उस नक्शे को बहाल कर दिया था। हालांकि, इन दाेनो बिंदुओं पर अभी प्रशासन की चुप्पी नहीं टूट रही है। सूत्रों की मानें तो जिस समय नक्शा पास हुआ था। उस समय दो मंजिल का था और मस्जिद का तीन मंजिल निर्माण करीब दो दशक से चल रहा है। हाटा के मदनी के निर्माण में सरकारी जमीन का इस्तेमाल करने और बगैर नक्शा पास कराए तीन मंजिला मस्जिद का निर्माण कराने की शिकायत हाटा नगर पालिका के वार्ड नंबर 14 निवासी रामवचन सिंह ने सीएम योगी आदित्यनाथ से की थी। इसके बाद बुधवार को प्रशासन ने राजस्व विभाग और पुलिस की मौजूदगी में पूरे दिन मस्जिद और उसके आसपास की सरकारी जमीनों की पैमाइश की थी। चार दिनों तक चली जांच के बाद राजस्व विभाग ने रविवार को जो रिपोर्ट सार्वजनिक की है। उसके आधार पर मस्जिद का कुछ हिस्सा आबादी के अराजी संख्या 201 में बढ़ कर बनाया गया है, जबकि शेष हिस्सा बैनामे की जमीन में निर्मित है। इस रिपोर्ट में मस्जिद के निर्माण और उसके कब्जे की भूमि का भी उल्लेख किया गया है।
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रिपोर्ट के अनुसार मस्जिद और नगर पालिका की जमीन से जुड़े न्यायालयों में लंबित दो मुकदमों का भी जिक्र किया गया है। बताया गया है कि एक मुकदमे में वर्ष 2008 से यथा स्थिति बनने का आदेश है। जबकि, दूसरे मुकदमे में वर्ष 2022 से यथास्थिति बनाने का आदेश पारित है। बताया जा रहा है कि अभी नगर पालिका से मस्जिद के पास और निरस्त नक्शे की जांच चल रही है।
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डीएम विशाल भारद्वाज ने बताया कि हाटा एसडीएम से शिकायत के आधार पर जांच कराई गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई चल रही है। अभी कई बिंदुओं पर जांच चल रही है। जो अभिलेख दिए गए है। उसकी जांच कराई जा रही है।