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Kushinagar News: अधूरी सड़क का निर्माण, ठेकेदार के दावों पर बवाल<bha>;</bha> जांच के लिए पहुंची लखनऊ की टीम

Sat, 16 May 2026 02:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sat, 16 May 2026 02:28 AM IST
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Construction of Incomplete Road Sparks Uproar Over Contractor's Claims; Team from Lucknow Arrives to Investigate
रामकोला कसया मार्ग की सडक जांच करने पहुंची तीन सदस्यीय पीडब्लू डी के अधिकारी।स्रोत-
कसया/रामकोला। रामकोला-कसया मुख्य मार्ग की जर्जर स्थिति और अधूरे निर्माण को लेकर शुक्रवार को लखनऊ से आई लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की जांच टीम ने टेकुआटार बाजार में स्थलीय निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने अधिकारियों को घेरकर सड़क की बदहाली और निर्माण में अनियमितताओं को लेकर जमकर विरोध जताया। कहा कि ठेकेदार बिना काम कराए भुगतान कराने की कोशिश में हैं। इेकेदार का दावा है कि 2022 में सड़क का निर्माण कराया था। जबकि सड़क वैसे ही टूटी पड़ी है।
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लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय टीम में मुख्य अभियंता सीपी गुप्ता, अधीक्षण अभियंता वेद नारायण और अधिशासी अभियंता राजेश कुमार शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान स्थानीय पीडब्ल्यूडी अधिकारी भी मौजूद रहे। टीम ने सड़क का पैदल निरीक्षण कर उसकी स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों को सड़क पर घुमाकर गड्ढों और टूटे हिस्सों की स्थिति दिखाई।
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ग्रामीणों का कहना था कि वर्ष 2015 से यह मार्ग लगातार बदहाल है और अब तक इसका पूर्ण रूप से पुनर्निर्माण नहीं कराया गया। सड़क की खराब हालत के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में टेकुआटार क्षेत्र में दो लोगों की सड़क हादसे में मौत भी हो चुकी है। स्थानीय लोगों ने 7 मई 2026 को हुए धरना-प्रदर्शन का भी हवाला देते हुए कहा कि केवल गड्ढों में गिट्टी डालकर खानापूर्ति की गई, लेकिन सड़क का वास्तविक निर्माण नहीं कराया गया।
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इस दौरान ग्रामीणों ने जांच टीम का घेराव भी किया और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। निरीक्षण के दौरान ठेकेदार ने दावा किया कि सड़क का निर्माण वर्ष 2022 में कराया गया था, लेकिन ग्रामीणों ने इसे गलत बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों का कहना था कि वर्ष 2015 के बाद से इस मार्ग पर कोई पूर्ण निर्माण कार्य नहीं हुआ है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने और जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।
अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कसया-रामकोला मार्ग पर अनुबंधित 11 किलोमीटर में से केवल 2.5 किलोमीटर कार्य और देवरिया-कसया मार्ग पर 6 किलोमीटर में से मात्र 2 किलोमीटर कार्य ही कराए जाने की बात सामने आई है। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे और सड़क निर्माण में पारदर्शिता की मांग करते रहे।

-वर्जन
दोनों सड़कों के लिए 3.90 करोड़ का अनुबंध हुआ था। इसमें निर्माण कार्य के सापेक्ष 1.20 करोड़ का भुगतान फर्म को कर दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में सड़क मरम्मत के लिए टेंडर हुआ था, लेकिन निर्माण कार्य पूरा नहीं कराने के चलते भुगतान नहीं किया जा रहा था। इसकी शिकायत ठेकेदार शासन में की है। इस पर जांच करने टीम आई थी। -तेज प्रताप, एक्सईएन,पीडब्ल्यूडी
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