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Kushinagar News: बाल श्रमिक को कराया मुक्त, रेस्टोरेंट संचालक को नोटिस
Thu, 11 Jun 2026 02:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 11 Jun 2026 02:50 AM IST
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पडरौना। श्रम विभाग, पुलिस और चाइल्ड लाइन की संयुक्त टीम ने बुधवार को कसया के रेस्टोरेंट पर छापा मारकर वहां काम कर रहे बाल श्रमिक को मुक्त कराया। बालक को बाल कल्याण समिति को सुपुर्द कर रेस्टोरेंट संचालक को नोटिस जारी किया गया है।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय की अगुवाई में बुधवार को श्रम विभाग, पुलिस विभाग और चाइल्ड लाइन की संयुक्त टीम ने कसया में संचालित एक रेस्टोरेंट की जांच की। जांच के वहां एक बाल श्रमिक काम करते मिले। संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए बाल श्रमिक को अवमुक्त कराकर उसे बाल कल्याण समिति, कुशीनगर भेज दिया गया, जहां उसके माता-पिता से संपर्क कर उसकी काउंसलिंग, शिक्षा और आर्थिक पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मामले में श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने रेस्टोरेंट संचालक को नोटिस जारी किया है। उन्होंने बताया कि संचालक की तरफ से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर श्रम विभाग की तरफ से विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अपने प्रतिष्ठान, दुकान, घर या होटल में बच्चों से श्रम न कराएं। बाल श्रम कराना कानूनन अपराध है। दोषी मिलने पर छह माह से दो वर्ष तक का कारावास या 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती हैं।
इस दौरान कसया थाने के एसआई उदयभान मिश्रा, महिला कांस्टेबल साधना गिरी, मुकेश यादव, चाइल्ड लाइन से मोहनलाल गुप्ता, शशि शेखर मिश्र आदि मौजूद रहे।
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श्रम प्रवर्तन अधिकारी अलंकृता उपाध्याय की अगुवाई में बुधवार को श्रम विभाग, पुलिस विभाग और चाइल्ड लाइन की संयुक्त टीम ने कसया में संचालित एक रेस्टोरेंट की जांच की। जांच के वहां एक बाल श्रमिक काम करते मिले। संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए बाल श्रमिक को अवमुक्त कराकर उसे बाल कल्याण समिति, कुशीनगर भेज दिया गया, जहां उसके माता-पिता से संपर्क कर उसकी काउंसलिंग, शिक्षा और आर्थिक पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मामले में श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने रेस्टोरेंट संचालक को नोटिस जारी किया है। उन्होंने बताया कि संचालक की तरफ से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर श्रम विभाग की तरफ से विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अपने प्रतिष्ठान, दुकान, घर या होटल में बच्चों से श्रम न कराएं। बाल श्रम कराना कानूनन अपराध है। दोषी मिलने पर छह माह से दो वर्ष तक का कारावास या 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती हैं।
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इस दौरान कसया थाने के एसआई उदयभान मिश्रा, महिला कांस्टेबल साधना गिरी, मुकेश यादव, चाइल्ड लाइन से मोहनलाल गुप्ता, शशि शेखर मिश्र आदि मौजूद रहे।