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Kushinagar News: लव कुश के जन्म स्थान पर मनाया उत्सव

Tue, 23 Jan 2024 03:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Tue, 23 Jan 2024 03:42 AM IST
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Celebration celebrated at the birth place of Luv Kush
खड्डा। भारत नेपाल सीमा पर नारायणी, तमसा और स्वर्ण रेखा (सोनहा) समेत तीन पवित्र नदियों के संगम के पास महर्षि वाल्मीकि आश्रम है। यहां भी उत्सव जैसा माहौल रहा। पौराणिक कथा के मुताबिक, यहीं पर भगवान श्रीराम के पुत्र लव और कुश का जन्म हुआ था। इसी जंगल में लव कुश ने भगवान श्रीराम के अश्वमेघ का घोड़ा पकड़ा था। इस ऐतिहासिक स्थल पर ही वाल्मीकि रामायण लिखा गया था।
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पड़ोसी बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल व नेपाल के चितवन प्राणि उद्यान के संधि स्थल पर प्राचीन वाल्मीकि आश्रम है। यह स्थान पवित्र नारायणी नदी, तमसा नदी और स्वर्ण रेखा (सोनहा) नदी के संगम (त्रिवेणी) के किनारे है। पौराणिक कथा के मुताबिक माता सीता को लक्ष्मण जी ने इसी जंगल में छोड़ दिया था। उस काल खंड में यह क्षेत्र मां सीता के मायका जनकपुर के क्षेत्र में आता था। बताया जाता है कि यहीं पर ऋषि वाल्मीकि ने रामायण की रचना की थी। ग्रंथों में वर्णन है कि जानकी वाल्मीकि के सानिध्य में रहीं। यहीं पर लव और कुश का जन्म हुआ था। उन दोनों बालकों ने शिक्षा, शस्त्र विद्या, शास्त्रों का ज्ञान महर्षि वाल्मीकि से यहीं प्राप्त किया था। बताया जाता है कि भगवान राम के अश्वमेध यज्ञ के घोड़े को लव कुश ने यहीं पर रोका था। अश्वमेघ के घोड़े को उन्होंने जहां बांधा था, वह स्थान आज भी मौजूद है। इसके अलावा मां सीता की रसोईया, सीलबट्टा, लवकुश का जन्म स्थान, अमृत कुआं, विष्णु चक्र आदि प्राचीन स्थान आज भी मौजूद है। ग्रंथों के अनुसार लव कुश ने घोड़ा रोके जाने पर भगवान राम यहां पहुंचे थे। यहीं पर दोनों बच्चों से श्रीराम का सामना हुआ था। इस पवित्र व ऐतिहासिक स्थान पर भी अयोध्या में भगवान राम के मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर पूजा पाठ और उत्सव मनाया गया। शाम को यहां 11,000 दीप जलाकर श्रद्धालुओं ने दीपोत्सव बनाया।

भामाशाह चौक पर दीये जलाती महिलाएं। संवाद

भामाशाह चौक पर दीये जलाती महिलाएं। संवाद

भामाशाह चौक पर दीये जलाती महिलाएं। संवाद

भामाशाह चौक पर दीये जलाती महिलाएं। संवाद

भामाशाह चौक पर दीये जलाती महिलाएं। संवाद

भामाशाह चौक पर दीये जलाती महिलाएं। संवाद

भामाशाह चौक पर दीये जलाती महिलाएं। संवाद

भामाशाह चौक पर दीये जलाती महिलाएं। संवाद

भामाशाह चौक पर दीये जलाती महिलाएं। संवाद

भामाशाह चौक पर दीये जलाती महिलाएं। संवाद

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