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व्यापारियों ने समर्थन में निकाला कैंडल मार्च
kushinagar
Updated Fri, 14 Oct 2016 11:02 PM IST
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कठकुइयां। करीब दो दशक से बंद पड़ी कठकुइयां चीनी मिल को पुन: चालू करने की मांग को लेकर शुरू हुई मुहिम जोर पकड़ने लगी है। किसान मजदूर चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति के बैनर तले हो रहे होने वाले आंदोलन के समर्थन में व्यापारी भी आ गए हैं। बृहस्पतिवार की रात व्यापारियों ने कठकुइयां बाजार में कैंडल मार्च निकालकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय के अधीन रही कठकुइयां बाजार की चीनी मिल वर्ष 1997 में बंद हो गई थी। मिल चालू कराने के लिए एकाध बार प्रयास हुआ लेकिन बाद में मामला ठंडा पड़ गया। एक बार फिर इसे चालू कराने की मुहिम शुरू हुई है। इसके लिए किसान मजदूर चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति का गठन कर प्रभावित किसानों और मजदूरों के साथ बैठकें चल रही हैं। 23 अक्टूबर को कठकुइयां बाजार में ही इसके लिए महापंचायत का आयोजन होना है। बृहस्पतिवार को कठकुइयां बाजार के व्यापारियों ने महापंचायत में अपनी उपस्थिति एवं आंदोलन को समर्थन देने के लिए कैंडल मार्च निकाला। रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ यह कैंडल मार्च केन यूनियन, श्रीराम चौक होते हुए वापस रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर समाप्त हुआ। व्यापारियों का कहना था कि चीनी मिल बंद होने से किसानों के साथ-साथ कारोबारियों का भी बहुत नुकसान हुआ। फैक्ट्री बंद होने के बाद यहां के तमाम दुकानदार दूसरी जगह जाने को मजबूर हुए। इसलिए चीनी मिल को चालू कराने के लिए हो रहे आंदोलन में उन लोगों का पूरा सहयोग रहेगा।
इस दौरान निरंजन सेठ, गोपाल सिंह, संजय जायसवाल, दीनानाथ मद्घेशिया, रितेश अग्रवाल, सुनील जायसवाल, राजू, मनोज सिंह, राजकुमार पांडेय, सुशील श्रीवास्तव, सवेंद्र मिश्र, संजय मिश्र, शंकर मिश्र, अजय सिंह आदि मौजूद रहे।
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भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय के अधीन रही कठकुइयां बाजार की चीनी मिल वर्ष 1997 में बंद हो गई थी। मिल चालू कराने के लिए एकाध बार प्रयास हुआ लेकिन बाद में मामला ठंडा पड़ गया। एक बार फिर इसे चालू कराने की मुहिम शुरू हुई है। इसके लिए किसान मजदूर चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति का गठन कर प्रभावित किसानों और मजदूरों के साथ बैठकें चल रही हैं। 23 अक्टूबर को कठकुइयां बाजार में ही इसके लिए महापंचायत का आयोजन होना है। बृहस्पतिवार को कठकुइयां बाजार के व्यापारियों ने महापंचायत में अपनी उपस्थिति एवं आंदोलन को समर्थन देने के लिए कैंडल मार्च निकाला। रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ यह कैंडल मार्च केन यूनियन, श्रीराम चौक होते हुए वापस रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर समाप्त हुआ। व्यापारियों का कहना था कि चीनी मिल बंद होने से किसानों के साथ-साथ कारोबारियों का भी बहुत नुकसान हुआ। फैक्ट्री बंद होने के बाद यहां के तमाम दुकानदार दूसरी जगह जाने को मजबूर हुए। इसलिए चीनी मिल को चालू कराने के लिए हो रहे आंदोलन में उन लोगों का पूरा सहयोग रहेगा।
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इस दौरान निरंजन सेठ, गोपाल सिंह, संजय जायसवाल, दीनानाथ मद्घेशिया, रितेश अग्रवाल, सुनील जायसवाल, राजू, मनोज सिंह, राजकुमार पांडेय, सुशील श्रीवास्तव, सवेंद्र मिश्र, संजय मिश्र, शंकर मिश्र, अजय सिंह आदि मौजूद रहे।
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