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बड़ौदा यूपी बैंक जौरा बाजार का मामला
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शाखा प्रबंधक बोले, पति का कर्ज चुकाओ तो मनरेगा की रकम दूंगा
ग्राम प्रधान और शाखा प्रबंधक के बीच तीखी बहस हुई
2015-16 में ललिता का बैंक की शाखा में खुला था खाता
संवाद न्यूज एजेंसी
बेलवा कारखाना। मनरेगा भुगतान के लिए बड़ौदा यूपी बैंक की जौरा बाजार शाखा पर पहुंची एक महिला खाताधारक को शाखा प्रबंधक पर रुपये नहीं देने का आरोप लगा है। महिला खाताधारक का आरोप है कि उन्होंने यह कहते हुए रकम देने से इन्कार कर दिया कि उसके पति ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) कर्ज लिया है। कर्ज का भुगतान करने पर ही रकम मिलेगा। इस मामले को लेकर ग्राम प्रधान और शाखा प्रबंधक में तीखी बहस हुई।
जानकारी के मुताबिक परसौनी गांव निवासी ललिता पत्नी बिंदेश्वरी कुशवाहा का जौरा बाजार स्थित बड़ौदा यूपी बैंक की शाखा में मनरेगा के तहत वर्ष 2015-16 में खाता खुला था। खाते में भुगतान होने पर ललिता समय-समय पर पहुंचकर जरूरत के हिसाब से रकम निकालती रही हैं।
इसी क्रम में सोमवार को ललिता बैंक पहुंची। रकम निकालने के लिए शाखा प्रबंधक से बातचीत की। महिला का आरोप है कि शाखा प्रबंधक रकम देने से इन्कार कर दिया। शाखा प्रबंधक गनेश सिंह का कहना था कि उसके पति ने केसीसी से कर्ज लिया है, उसे जमा नहीं किया है। बताया जा रहा है कि यह मामला तूल पकड़ लिया। इसकी जानकारी होते ही ग्राम प्रधान सुरेंद्र राय शाखा प्रबंधक से ललिता को रकम दिलाने के लिए कहते रहे, लेकिन शाखा प्रबंधक ने वापस लौटा दिया। इस बाबत बैंक मैनेजर गनेश सिंह का कहना है कि इनके पति के नाम से केसीसी पर कर्ज है। पहले कर्ज जमा करें, इनके पति के नाम से दो खाता है। उसमें से एक खाता बंद करें। उसके बाद रुपये दिए जाएंगे।
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ग्राम प्रधान और शाखा प्रबंधक के बीच तीखी बहस हुई
2015-16 में ललिता का बैंक की शाखा में खुला था खाता
संवाद न्यूज एजेंसी
बेलवा कारखाना। मनरेगा भुगतान के लिए बड़ौदा यूपी बैंक की जौरा बाजार शाखा पर पहुंची एक महिला खाताधारक को शाखा प्रबंधक पर रुपये नहीं देने का आरोप लगा है। महिला खाताधारक का आरोप है कि उन्होंने यह कहते हुए रकम देने से इन्कार कर दिया कि उसके पति ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) कर्ज लिया है। कर्ज का भुगतान करने पर ही रकम मिलेगा। इस मामले को लेकर ग्राम प्रधान और शाखा प्रबंधक में तीखी बहस हुई।
जानकारी के मुताबिक परसौनी गांव निवासी ललिता पत्नी बिंदेश्वरी कुशवाहा का जौरा बाजार स्थित बड़ौदा यूपी बैंक की शाखा में मनरेगा के तहत वर्ष 2015-16 में खाता खुला था। खाते में भुगतान होने पर ललिता समय-समय पर पहुंचकर जरूरत के हिसाब से रकम निकालती रही हैं।
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इसी क्रम में सोमवार को ललिता बैंक पहुंची। रकम निकालने के लिए शाखा प्रबंधक से बातचीत की। महिला का आरोप है कि शाखा प्रबंधक रकम देने से इन्कार कर दिया। शाखा प्रबंधक गनेश सिंह का कहना था कि उसके पति ने केसीसी से कर्ज लिया है, उसे जमा नहीं किया है। बताया जा रहा है कि यह मामला तूल पकड़ लिया। इसकी जानकारी होते ही ग्राम प्रधान सुरेंद्र राय शाखा प्रबंधक से ललिता को रकम दिलाने के लिए कहते रहे, लेकिन शाखा प्रबंधक ने वापस लौटा दिया। इस बाबत बैंक मैनेजर गनेश सिंह का कहना है कि इनके पति के नाम से केसीसी पर कर्ज है। पहले कर्ज जमा करें, इनके पति के नाम से दो खाता है। उसमें से एक खाता बंद करें। उसके बाद रुपये दिए जाएंगे।
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