कुशीनगर: मुद्रा लोन को बढ़ाने के लिए शाखा प्रबंधक मांग रहे थे रिश्वत, सीबीआई ने रंगे हाथ पकड़ा
पीड़ित ने सीबीआई लखनऊ में शिकायत की थी कि लोन के नाम पर शाखा प्रबंधक रिश्वत मांग रहा है। खाताधारक ने पहला लोन 50 हजार रुपये चुका दिया था। ऐसे में सीबीआई लखनऊ की टीम युवक को केमिकलयुक्त रुपये दिए थे। शनिवार को जैसे ही शाखा प्रबंधक ने रिश्वत की रकम पकड़ी। सीबीआई की टीम ने उसे दबोचा लिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बताया जा रहा है कि छितौनी कस्बे के रहने वाले एक छोटे व्यापारी प्रदीप कुशवाहा ने पीएनबी की शाखा से 50 हजार रुपये का मुद्रा लोन लिया था। बाद में उसे और रुपये की आवश्यकता हुई तो लोन की रकम 1,90,000 रुपये करने के लिए बैंक से संपर्क किया। आरोप है कि शाखा प्रबंधक सौरभ कुमार ने कहा कि पहले का लोन जमा कर दो। इसके बाद लोन की रकम बढ़ा दी जाएगी। प्रदीप ने पैसे चुकता कर दिए और नए सिरे से लोन के लिए शाखा प्रबंधक से संपर्क किया। उसके बाद शाखा प्रबंधक ने टाल-मटोल शुरू कर दिया। शाखा प्रबंधक ने लोन स्वीकृत करने के एवज में 27 हजार रुपये रिश्वत की मांग रखी। इससे परेशान प्रदीप ने शाखा प्रबंधक की ओर से रिश्वत मांगने की फोन पर बातचीत रिकॉर्ड कर लिया और लखनऊ स्थित सीबीआई के अधिकारियों को सूचना दी। सीबीआई के अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया और शनिवार को छितौनी पहुंच गए। योजना के तहत सादे वेष में पहुंचे जांच एजेंसी के लोग शिकायतकर्ता प्रदीप के साथ दोपहर में बैंक में प्रवेश किए। प्रदीप ने रिश्वत की रकम दस हजार रुपये शाखा प्रबंधक को जैसे ही पकड़ाई, सीबीआई टीम के लोगों ने पकड़ लिया। नोट में केमिकल लगा था।