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Kushinagar News: सड़क पर धुंधली हुई सफेद पट्टी, बढ़ा खतरा
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कसया तमकुही मार्ग पर धुंधला दिखाई देती सड़क पर लगी पट्टी।संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन छोटे-मोटे कार्यक्रम करके खानापूर्ति तो कर लेता है, लेकिन वास्तविकता इसके इतर है। हाईवे, स्टेट हाईवे व गांवों को जाने वाली सड़कों पर रेडियम युक्त सफेद पट्टिका लगभग गायब हो गई हैं। सर्दी के मौसम में धुंध व कोहरा छाने लगा है, लेकिन सफेद पट्टिका न होने के कारण हादसों का खतरा बढ़ गया है।
मौसम में बदलाव आ चुका है, और अब सुबह शाम धुंध छाने लगी है। ऐसे में जिले में अनेक गांवों की सड़काें, नेशनल हाईवे व स्टेट हाईवे पर रेडियम युक्त सफेद पट्टी गायब हो चुकी है। प्रशासन को चाहिए था कि धुंध आने से पहले ही जिन सड़कों पर सफेद पट्टिका नहीं है, वहां सफेद लगाई जाए, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। शहर के बीच से गुजर रहे नेशनल हाईवे पर लगी सफेद पट्टिका भी धूमिल हो चुकी है। हाईवे तो दूर शहर की सड़कों को भी लोक निर्माण विभाग के अधिकारी दुरुस्त नहीं कर पा रहे हैं, जिससे धुंध में लोगों के लिए खतरे भरा सफर तय करना होगा।
रात होते ही छाने लगती है धुंध : धुंध रात को ही छा जाती है, और सुबह करीब नौ बजे तक रहती है। इसके बाद ही सूर्यदेव निकल रहे हैं। रात 10 बजते ही फिर से धुंध छा जाती है। पडरौना से कसया, रामकोला और खड्डा जाने वाले मुख्य मार्ग पर सड़क के दोनों ओर सफेद पट्टी दिखाई नहीं देती है। इसके अलावा लिंक मार्ग कसया-तमकुहीरोड, हरका-शिवपुर, खिरकिया-बांसी मार्ग पर भी सफेद पट्टी नहीं है। सड़क पर वाहनों के आने-जाने के लिए सड़क के बीचोबीच सफेद पट्टी इसलिए बनाई जाती है, ताकि वाहन चालक अपनी लेन में रहें, लेकिन सड़कों पर लगी पट्टी मिटने से फर्राटा भरने वाले वाहन चालकों को अंदाजा ही नहीं लगता है कि वे अपने लेन में हैं या दूसरी लेन में।
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चालकों की मनमानी और सड़क पर खड़े वाहन बन सकते हैं हादसे का कारण : एनएच पर चलना है, तो लोगों को अपनी सुरक्षा के लिए सतर्कता बरतनी होगी। कोहरे के दिनों में चालकों की किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है।
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पडरौना। सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन छोटे-मोटे कार्यक्रम करके खानापूर्ति तो कर लेता है, लेकिन वास्तविकता इसके इतर है। हाईवे, स्टेट हाईवे व गांवों को जाने वाली सड़कों पर रेडियम युक्त सफेद पट्टिका लगभग गायब हो गई हैं। सर्दी के मौसम में धुंध व कोहरा छाने लगा है, लेकिन सफेद पट्टिका न होने के कारण हादसों का खतरा बढ़ गया है।
मौसम में बदलाव आ चुका है, और अब सुबह शाम धुंध छाने लगी है। ऐसे में जिले में अनेक गांवों की सड़काें, नेशनल हाईवे व स्टेट हाईवे पर रेडियम युक्त सफेद पट्टी गायब हो चुकी है। प्रशासन को चाहिए था कि धुंध आने से पहले ही जिन सड़कों पर सफेद पट्टिका नहीं है, वहां सफेद लगाई जाए, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। शहर के बीच से गुजर रहे नेशनल हाईवे पर लगी सफेद पट्टिका भी धूमिल हो चुकी है। हाईवे तो दूर शहर की सड़कों को भी लोक निर्माण विभाग के अधिकारी दुरुस्त नहीं कर पा रहे हैं, जिससे धुंध में लोगों के लिए खतरे भरा सफर तय करना होगा।
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रात होते ही छाने लगती है धुंध : धुंध रात को ही छा जाती है, और सुबह करीब नौ बजे तक रहती है। इसके बाद ही सूर्यदेव निकल रहे हैं। रात 10 बजते ही फिर से धुंध छा जाती है। पडरौना से कसया, रामकोला और खड्डा जाने वाले मुख्य मार्ग पर सड़क के दोनों ओर सफेद पट्टी दिखाई नहीं देती है। इसके अलावा लिंक मार्ग कसया-तमकुहीरोड, हरका-शिवपुर, खिरकिया-बांसी मार्ग पर भी सफेद पट्टी नहीं है। सड़क पर वाहनों के आने-जाने के लिए सड़क के बीचोबीच सफेद पट्टी इसलिए बनाई जाती है, ताकि वाहन चालक अपनी लेन में रहें, लेकिन सड़कों पर लगी पट्टी मिटने से फर्राटा भरने वाले वाहन चालकों को अंदाजा ही नहीं लगता है कि वे अपने लेन में हैं या दूसरी लेन में।
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