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Kushinagar News: संभलकर करें पतंगबाजी...ब्लेड से भी खतरनाक हैं चीनी मांझे
Sun, 12 Jan 2025 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 12 Jan 2025 11:58 PM IST
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पडरौना। मकर संक्रांति से पहले ही बच्चों से लेकर बड़ों तक में पतंगबाजी का शौक सिर चढ़कर बोलने लगा है। कटने के डर से शौकीन चाइनीज मांझे की डोर से आसमान नापने की कोशिश कर रहे हैं। चीनी मांझा ब्लेड से ज्यादा धारदार होता है।
इस मांझे से पतंग उड़ाने से खुद के हाथ-पैर कटने का जोखिम तो है ही, वहीं लोगों की जान को भी इससे खतरा है। शनिवार को गले में चाइनीज मांझा फंसने से शाहजहांपुर में एक सिपाही की जान चली गई है। शहर में महावीरी गली, कसेरा टोली, तिलक चौक, गुदरीबाजार, जटहा रोड, छुछिया गेट समेत अन्य बाजारों से लेकर जिले के कस्बों और ग्रामीण में पतंग की दुकानों पर चाइनीज मांझा बिक रहा है।
बच्चों से जुड़ा खेलने का सामान होने की वजह से कोई ध्यान नहीं देता है, लेकिन लापरवाही से इस्तेमाल से कईयों की जान जोखिम में पड़ जा रही है। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी चाइनीज मांझा 100 रुपये से लेकर एक हजार रुपये में बिक रहा है। दुकानदारों के मुताबिक, चाइनीज मांझा मजबूत होता है, इसलिए लोग इसे ज्यादा पसंद करते हैं। प्रतिबंध के बाद भी ग्राहक की मांग पर दुकानदार बड़े ही आसानी से उपलब्ध करा देते हैं। हालांकि दुकानदार चाइनीज मंझा दुकान में नहीं रखते, लेकिन यदि ग्राहक मांग करते तो उन्हें मुहैया करा देते हैं।
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शीशे और मेटलिक पाउडर से बनता है चीनी मांझा : मंझा बनाने वाले जानकारों के मुताबिक चीनी मंझे को नायलाॅन, लेड और मैटेलिक पाउडर से मिलाकर बनाया जाता है, जो की काफी लचीला होता है। पतंग के पेच लड़ाते समय यह आसानी से कटने के बजाय खिंच कर और बढ़ जाता है। साथ ही सामान्य डोर से बने मांझे से सस्ता होने के चलते भी लोग इसे खरीदते हैं। पतंग कटने के बाद यह मांझा पंछियों के साथ ही दो पहिया वाहन चालकों के हाथ और गले में फंसकर उन्हें घायल करता है।
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इस मांझे से पतंग उड़ाने से खुद के हाथ-पैर कटने का जोखिम तो है ही, वहीं लोगों की जान को भी इससे खतरा है। शनिवार को गले में चाइनीज मांझा फंसने से शाहजहांपुर में एक सिपाही की जान चली गई है। शहर में महावीरी गली, कसेरा टोली, तिलक चौक, गुदरीबाजार, जटहा रोड, छुछिया गेट समेत अन्य बाजारों से लेकर जिले के कस्बों और ग्रामीण में पतंग की दुकानों पर चाइनीज मांझा बिक रहा है।
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बच्चों से जुड़ा खेलने का सामान होने की वजह से कोई ध्यान नहीं देता है, लेकिन लापरवाही से इस्तेमाल से कईयों की जान जोखिम में पड़ जा रही है। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी चाइनीज मांझा 100 रुपये से लेकर एक हजार रुपये में बिक रहा है। दुकानदारों के मुताबिक, चाइनीज मांझा मजबूत होता है, इसलिए लोग इसे ज्यादा पसंद करते हैं। प्रतिबंध के बाद भी ग्राहक की मांग पर दुकानदार बड़े ही आसानी से उपलब्ध करा देते हैं। हालांकि दुकानदार चाइनीज मंझा दुकान में नहीं रखते, लेकिन यदि ग्राहक मांग करते तो उन्हें मुहैया करा देते हैं।
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शीशे और मेटलिक पाउडर से बनता है चीनी मांझा : मंझा बनाने वाले जानकारों के मुताबिक चीनी मंझे को नायलाॅन, लेड और मैटेलिक पाउडर से मिलाकर बनाया जाता है, जो की काफी लचीला होता है। पतंग के पेच लड़ाते समय यह आसानी से कटने के बजाय खिंच कर और बढ़ जाता है। साथ ही सामान्य डोर से बने मांझे से सस्ता होने के चलते भी लोग इसे खरीदते हैं। पतंग कटने के बाद यह मांझा पंछियों के साथ ही दो पहिया वाहन चालकों के हाथ और गले में फंसकर उन्हें घायल करता है।