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Kushinagar News: सजदे में झुके सिर, अमन की मांगी दुआ
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सेवरही के मेहदीया स्थित ईदगाह में बकरीद की नमाज अदा करते मुस्लिम समाज के लोग।संवाद
फोटो है।
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले में ईद-उल-अजहा (बकरीद) बृहस्पतिवार को परंपरागत तरीके से मनाई गई। मस्जिदों और ईदगाहों पर बकरीद की नमाज अदा की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में नमाजियों ने सजदे में सिर झुकाकर मुल्क और परिवार में अमन चैन के लिए दुआएं मांगी। इसके बाद एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी। इसी के साथ तीन दिन चलने वाली कुर्बानी का सिलसिला शुरू हो गया।
सुबह तकरीबन छह बजे पडरौना के जामा मस्जिद में नमाज के बाद नगर के विभिन्न मुहल्लों में स्थित ईदगाहों में भी नमाज अदा की गई। नगर के नौका टोला, कठकुइयां रोड, छावनी व अन्य ईदगाहों में भी मुस्लिम लोगों ने नमाज अदा की। उसके बाद एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी। इस दौरान बच्चे भी नमाज अदा करने के बाद एक-दूसरे से गले मिले। इस दौरान ईदगाहों पर मेला जैसा माहौल दिखा।
इसके बाद घर आकर लोगाें ने अपने परिवारीजनों के नाम से बकरों की कुर्बानी दी। फिर शुरू हुआ दावतों का दौर, जो पूरे दिन चलता रहा। पडरौना नगर के सिधुआं स्थान, बसहिया, मिश्रौली बाजार, बड़हरागंज के अलावा जनपद के सभी टाउन एरिया और ग्रामीण क्षेत्रों में भी बकरीद को लेकर खासा उत्साह रहा। ईदगाहों में नमाज अदा करने के बाद लोग एक-दूसरे से मिलकर मुबारकबाद दी।
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जंगल बनबीरपुर गांव स्थित शेखटोलिया मस्जिद के इमाम हाफिज कारी ने बताया कि बकरीद का त्योहार त्याग और बलिदान का प्रतीक है, जो हर साल जिला हिज्जा की दसवीं तारीख को मनाया जाता है। इस दिन अल्लाह की राह में बकरों की कुर्बानी दी जाती है।
तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार ईद-अल-अजहा (बकरीद) का त्योहार पूरे क्षेत्र में पूरे अकीदत के साथ शुरू हुआ। बृहस्पतिवार की सुबह तमकुहीराज, हरिहरपुर, गाजीपुर, डिबनी बंजरवा, परसौनी, गोड़ईता श्रीराम, दाहूगंज, करनपट्टी, सरया, कोटवा अहिरौली, मुन्नीपट्टी, सलेमगढ़, बसडीला, पथरवा, बहादुरपुर आदि गांवों की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा किया। इसके बाद घरों में दावतों का दौर शुरू हो गया।
तमकुहीराज कस्बे के मौलाना नजीर बुरहानी ने बताया कि यह त्योहार हजरत इब्राहिम की सुन्नत है। इस दिन कुर्बानी देने वालों के गुनाहों को अल्लाह माफ करते हैं। तमकुहीराज एसडीएम विकास चन्द, सीओ जितेंद्र सिंह कालरा, एसएचओ तमकुहीराज नीरज कुमार राय क्षेत्र में भ्रमण कर शांति व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
समउर बाजार प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ईद उल अजहा की लोगों ने नमाज नमाज अदा की। इसके बाद बाद एक-दूसरे से गले मिल कर बकरीद की बधाई दी। क्षेत्र के पिपरा कनक जमा मस्जिद परिसर में बृहस्पतिवार को क्षेत्र के धुसवा, मठिया, बोदा टोला, हसनपुरा, महरुटोला, गगलवा, चैनपट्टी, मीर बिहार, बसंतपुर, केटवा, टीकमपार आदि गांव के लोगों ने नमाज अदा की।
तमकुहीराज तहसीलदार तमकुही नरेंद्र राम, कानूनगो राणा प्रताप सिंह, हलका लेखपाल शिव कुमार आदि अधिकारियों ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने की निगरानी की।
कसया प्रतिनिधि के अनुसार नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बृहस्पतिवार को परम्परागत तरीके से ईद उल अजहा (बकरीद) मनाई गई। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईदगाह और मस्जिदों में पूरे अकीदत के साथ ईद उल अजहा (बकरीद) की नमाज अदा की। इसके बाद लोगों ने बकरे की कुर्बानियां दी। क्षेत्र के बंजारापट्टी ईदगाह में सुबह सात बजे नमाज अदा की गई। मौलाना फकरुद्दीन निजामी ने कहा कि दो प्रमुख त्योहारों में ईद उल अजहा का त्योहार प्रमुख है।
इस दौरान मौलाना हसमुद्दीन रजवी, सिकंदर आजम, अब्दुल मजीद, जमालुद्दीन वारसी, हबीबुल्लाह, मुर्तुजा वारसी, लियाकत अशफाक आलम, अबरार शेख आदि मौजूद रहे। इसी तरह डिघवा बुजुर्ग, नरकटिया, पतया, टेकुआटर, शामपुर हतवा, साखोपार, तुर्कवलिया, नरसर, सोहनरिया, परसौना, अर्जुनहा, सिधुआं बांगर भाठ, चौपरिया, बैजनाथपुर, बाजूपट्टी, बरवापट्टी, खुशीपट्टी आदि गांव में बकरीद मनाई गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिले में ईद-उल-अजहा (बकरीद) बृहस्पतिवार को परंपरागत तरीके से मनाई गई। मस्जिदों और ईदगाहों पर बकरीद की नमाज अदा की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में नमाजियों ने सजदे में सिर झुकाकर मुल्क और परिवार में अमन चैन के लिए दुआएं मांगी। इसके बाद एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी। इसी के साथ तीन दिन चलने वाली कुर्बानी का सिलसिला शुरू हो गया।
सुबह तकरीबन छह बजे पडरौना के जामा मस्जिद में नमाज के बाद नगर के विभिन्न मुहल्लों में स्थित ईदगाहों में भी नमाज अदा की गई। नगर के नौका टोला, कठकुइयां रोड, छावनी व अन्य ईदगाहों में भी मुस्लिम लोगों ने नमाज अदा की। उसके बाद एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी। इस दौरान बच्चे भी नमाज अदा करने के बाद एक-दूसरे से गले मिले। इस दौरान ईदगाहों पर मेला जैसा माहौल दिखा।
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इसके बाद घर आकर लोगाें ने अपने परिवारीजनों के नाम से बकरों की कुर्बानी दी। फिर शुरू हुआ दावतों का दौर, जो पूरे दिन चलता रहा। पडरौना नगर के सिधुआं स्थान, बसहिया, मिश्रौली बाजार, बड़हरागंज के अलावा जनपद के सभी टाउन एरिया और ग्रामीण क्षेत्रों में भी बकरीद को लेकर खासा उत्साह रहा। ईदगाहों में नमाज अदा करने के बाद लोग एक-दूसरे से मिलकर मुबारकबाद दी।
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जंगल बनबीरपुर गांव स्थित शेखटोलिया मस्जिद के इमाम हाफिज कारी ने बताया कि बकरीद का त्योहार त्याग और बलिदान का प्रतीक है, जो हर साल जिला हिज्जा की दसवीं तारीख को मनाया जाता है। इस दिन अल्लाह की राह में बकरों की कुर्बानी दी जाती है।
तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार ईद-अल-अजहा (बकरीद) का त्योहार पूरे क्षेत्र में पूरे अकीदत के साथ शुरू हुआ। बृहस्पतिवार की सुबह तमकुहीराज, हरिहरपुर, गाजीपुर, डिबनी बंजरवा, परसौनी, गोड़ईता श्रीराम, दाहूगंज, करनपट्टी, सरया, कोटवा अहिरौली, मुन्नीपट्टी, सलेमगढ़, बसडीला, पथरवा, बहादुरपुर आदि गांवों की मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा किया। इसके बाद घरों में दावतों का दौर शुरू हो गया।
तमकुहीराज कस्बे के मौलाना नजीर बुरहानी ने बताया कि यह त्योहार हजरत इब्राहिम की सुन्नत है। इस दिन कुर्बानी देने वालों के गुनाहों को अल्लाह माफ करते हैं। तमकुहीराज एसडीएम विकास चन्द, सीओ जितेंद्र सिंह कालरा, एसएचओ तमकुहीराज नीरज कुमार राय क्षेत्र में भ्रमण कर शांति व्यवस्था का जायजा लेते रहे।
समउर बाजार प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ईद उल अजहा की लोगों ने नमाज नमाज अदा की। इसके बाद बाद एक-दूसरे से गले मिल कर बकरीद की बधाई दी। क्षेत्र के पिपरा कनक जमा मस्जिद परिसर में बृहस्पतिवार को क्षेत्र के धुसवा, मठिया, बोदा टोला, हसनपुरा, महरुटोला, गगलवा, चैनपट्टी, मीर बिहार, बसंतपुर, केटवा, टीकमपार आदि गांव के लोगों ने नमाज अदा की।
तमकुहीराज तहसीलदार तमकुही नरेंद्र राम, कानूनगो राणा प्रताप सिंह, हलका लेखपाल शिव कुमार आदि अधिकारियों ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने की निगरानी की।
कसया प्रतिनिधि के अनुसार नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में बृहस्पतिवार को परम्परागत तरीके से ईद उल अजहा (बकरीद) मनाई गई। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईदगाह और मस्जिदों में पूरे अकीदत के साथ ईद उल अजहा (बकरीद) की नमाज अदा की। इसके बाद लोगों ने बकरे की कुर्बानियां दी। क्षेत्र के बंजारापट्टी ईदगाह में सुबह सात बजे नमाज अदा की गई। मौलाना फकरुद्दीन निजामी ने कहा कि दो प्रमुख त्योहारों में ईद उल अजहा का त्योहार प्रमुख है।
इस दौरान मौलाना हसमुद्दीन रजवी, सिकंदर आजम, अब्दुल मजीद, जमालुद्दीन वारसी, हबीबुल्लाह, मुर्तुजा वारसी, लियाकत अशफाक आलम, अबरार शेख आदि मौजूद रहे। इसी तरह डिघवा बुजुर्ग, नरकटिया, पतया, टेकुआटर, शामपुर हतवा, साखोपार, तुर्कवलिया, नरसर, सोहनरिया, परसौना, अर्जुनहा, सिधुआं बांगर भाठ, चौपरिया, बैजनाथपुर, बाजूपट्टी, बरवापट्टी, खुशीपट्टी आदि गांव में बकरीद मनाई गई।