{"_id":"64ada2a6cda279d02d056414","slug":"awarded-for-joining-the-city-kushinagar-news-c-205-1-sgkp1016-1271-2023-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: शहर में शामिल होने का मिला तमगा, सुविधाएं गांव जैसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: शहर में शामिल होने का मिला तमगा, सुविधाएं गांव जैसी
Wed, 12 Jul 2023 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 12 Jul 2023 12:12 AM IST
विज्ञापन
फोटो
नहीं होती फाॅगिंग, टूटी सड़कें, पथ प्रकाश से वंचित हैं लोग
ग्रामीण रोस्टर से आज भी मिलती बिजली, कभी-कभी आते सफाईकर्मी
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। करीब साल बाद भी नगर पालिका में शामिल गांब आज भी विकास से कोसोें दूर हैं। बजबजाती नालियां, टूटी सड़कें, बांस-बल्लियाें पर झूलते बिजली के तार और फैली गंदगी यही पहचान है। यहां के लोगों का कहना है कि जितना विकास का दावा किया जा रहा है, यदि उसमें 30 फीसदी भी काम हुआ होता तो गांव की तस्वीर बदली नजर आती। बिजली आज भी ग्रामीण रोस्टर के अनुसार ही मिलती है।
नगर विस्तार के बाद नगर पालिका में 18 गांवों को शामिल किया गया था, लेकिन ग्रामसभा से अलग होने के बाद कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। बलुचहां, बकुलहा, सुसवलिया, मटियरवा, परसौनी कला गांव में ग्रामीण रोस्टर से आज भी बिजली लोगों को मिल रही है। पेयजल की व्यवस्था सभी घरों तक नहीं पहुंच सकी है। नालियां सफाई के अभाव में जाम पड़ी हैं और गंदगी फैली है। बलुचहां में बिजली जर्जर बिजली के तारों और बांस बल्लियों के सहारे बहुत से लोगों के घरों तक पहुंची है। इन गांवों में फाल्ट होता है तो ठीक होने पर 12 से 18 घंटे लग जाते हैं। सप्ताह में एक से दो बार मोहल्ले की सड़कों पर सफाईकर्मी दिखते हैं। नहर से पटखौली तक गांव के बीच से गुजरी सड़क टूट चुकी है। वहां के लोगों की मानें तो चेयरमैन और सभासद से निर्माण के लिए कई बार कह चुके हैं। अभी तक सड़क ठीक नहीं हो सकी है। हल्की बारिश में भी सड़क का दृश्य तालाब जैसा हो जता है। ऐसी समस्या से शहरवासी बने ये लोग जूझ रहे हैं।
बलुचहां में एक दुकान पर बैठे श्याम बिहारी ने बताया कि शहर में जब गांव शामिल हुआ तो खुशी हुई कि सुविधाएं कुछ अधिक मिलेगी, लेकिन अभी तक ऐसा कुछ दिख नहीं रहा है। कभी-कभी नालियों की सफाई हो जाती है। गर्मी या बरसात में कभी फागिंग नहीं कराई जाती। पथ प्रकाश के लिए कोई इंतजाम नहीं है। हालांकि, कुछ मोहल्लों में सड़कें बनी हैं। मोहल्लों में नियमित कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। बरसात के दिनों में अधिकांश मोहल्लों में पानी भर जाता है। जल निकासी के लिए कोई इंतजाम अभी तक नहीं किया जा सका है। निकासी की व्यवस्था के अभाव में नालियां आबादी के बीच बजबजा रही हैं। इससे लोगों में संक्रमण फैलने का डर बना हुआ है।
विज्ञापन
...
कछुए की चाल से हो रहा विकास
-शहर में शामिल हुए गांवों की अधिकांश सड़कें टूटी हैं, जो बरसात में परेशानियों का सबब बन जाती हैं।प्राथमिकता के तौर पर लोगों ने सड़क निर्माण के लिए नगर पालिका प्रशासन से मांग किया था, लेकिन अभी तक अधिकांश सड़कें अपनी दुर्व्यवस्था की शिकार हैं। विकास की गति इतनी धीमी रही तो वर्षों लग जाएगा शहर की सुविधाएं मिलने में।
..
नियमित नहीं पहुंच रहे सफाईकर्मी
-शहर से जुड़े 18 गांवों में हर रोज सफाईकर्मी नहीं पहुंच रहे हैं। इसके चलते लोगों को सड़कों के किनारे कूड़ा फेकना पड़ रहा है। पेयजल के लिए पाइप लाइन का विस्तार भी अभी तक नहीं हो सका है। जलकर, गृहकर देने वाले लोग अब विकास में भेदभाव का आरोप नगर पालिका प्रशासन के सिर मढ़ रहे हैं।
...
वर्जन
नगर पालिका में शामिल 18 गांवों में जो भी शहरी सुविधाएं है। उसे मुहैया कराया जा रहा है। आरओ प्लांट लगाएं गए हैं। बिजली की व्यवस्था भी हुई है। सफाईकर्मी जाते हैं। मुख्यमंत्री नवसृजित योजना के तहत 40 सड़कों का निर्माण होना है। इसके लिए बजट मिल चुका है। कुछ सड़कों का निर्माण चल रहा है। बरसात के बाद विकास कार्य और जोर पकड़ेगा। 20 करोड़ का प्रस्ताव और भोजा गया है, जो शासन स्तर पर लंबित है। इन गांवों को बहुत जल्द चमका दिया जाएगा। इसका प्रयास चल रहा है।
विनय जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका
...
-शहर जैसी गांवों की सूरत होने में अभी वक्त लगेगा। जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए, वह नहीं मिल रही हैं। बिजली का तो बहुत बुरा हाल है। नालियों की सफाई भी कभी-कभी हो जाती है। थोड़ा बदलाव की जरुरत है।
-राजेंद्र गुप्ता, बलुचहां
..
-बांस बल्लियों से निजात दिलाने के लिए बलुचहां में तो पाेल महीने भर पहले खड़े कर दिए गए। लेकिन अभी तक तार नहीं दौड़ाया गया है। इसलिए जुगाड़ से ही बिजली आपूर्ति अधिकांश लोगों के घरों तक पहुंच रही है।
-सुभाष यादव, बलुचहां
..
-शहर में तो बिजली काफी देर तक रहती है, लेकिन हम लोगों के यहां बहुत कम बिजली मिलती है। इसकी शिकायत कई बार हुई, लेकिन कोई बदलाव नहीं हुआ। बरसात में जलभराव से लोगों को दिक्कतें होती हैं।
-चंद्रभान यादव, बलुचहां
..
एक साल सेे गांव शहरों में शामिल हैं, लेकिन विकास जैसा चाहिए वैसा अभी तक नहीं हो सका है। नियमित झाड़ू नहीं लगता है। कुछ चिह्नित स्थानों पर ही सफाईकर्मी पहुंचते हैं। नगर पालिका प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए।
-जलालुद्दीन बलुचहां
विज्ञापन
नहीं होती फाॅगिंग, टूटी सड़कें, पथ प्रकाश से वंचित हैं लोग
ग्रामीण रोस्टर से आज भी मिलती बिजली, कभी-कभी आते सफाईकर्मी
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। करीब साल बाद भी नगर पालिका में शामिल गांब आज भी विकास से कोसोें दूर हैं। बजबजाती नालियां, टूटी सड़कें, बांस-बल्लियाें पर झूलते बिजली के तार और फैली गंदगी यही पहचान है। यहां के लोगों का कहना है कि जितना विकास का दावा किया जा रहा है, यदि उसमें 30 फीसदी भी काम हुआ होता तो गांव की तस्वीर बदली नजर आती। बिजली आज भी ग्रामीण रोस्टर के अनुसार ही मिलती है।
नगर विस्तार के बाद नगर पालिका में 18 गांवों को शामिल किया गया था, लेकिन ग्रामसभा से अलग होने के बाद कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। बलुचहां, बकुलहा, सुसवलिया, मटियरवा, परसौनी कला गांव में ग्रामीण रोस्टर से आज भी बिजली लोगों को मिल रही है। पेयजल की व्यवस्था सभी घरों तक नहीं पहुंच सकी है। नालियां सफाई के अभाव में जाम पड़ी हैं और गंदगी फैली है। बलुचहां में बिजली जर्जर बिजली के तारों और बांस बल्लियों के सहारे बहुत से लोगों के घरों तक पहुंची है। इन गांवों में फाल्ट होता है तो ठीक होने पर 12 से 18 घंटे लग जाते हैं। सप्ताह में एक से दो बार मोहल्ले की सड़कों पर सफाईकर्मी दिखते हैं। नहर से पटखौली तक गांव के बीच से गुजरी सड़क टूट चुकी है। वहां के लोगों की मानें तो चेयरमैन और सभासद से निर्माण के लिए कई बार कह चुके हैं। अभी तक सड़क ठीक नहीं हो सकी है। हल्की बारिश में भी सड़क का दृश्य तालाब जैसा हो जता है। ऐसी समस्या से शहरवासी बने ये लोग जूझ रहे हैं।
विज्ञापन
बलुचहां में एक दुकान पर बैठे श्याम बिहारी ने बताया कि शहर में जब गांव शामिल हुआ तो खुशी हुई कि सुविधाएं कुछ अधिक मिलेगी, लेकिन अभी तक ऐसा कुछ दिख नहीं रहा है। कभी-कभी नालियों की सफाई हो जाती है। गर्मी या बरसात में कभी फागिंग नहीं कराई जाती। पथ प्रकाश के लिए कोई इंतजाम नहीं है। हालांकि, कुछ मोहल्लों में सड़कें बनी हैं। मोहल्लों में नियमित कूड़ा नहीं उठाया जा रहा है। बरसात के दिनों में अधिकांश मोहल्लों में पानी भर जाता है। जल निकासी के लिए कोई इंतजाम अभी तक नहीं किया जा सका है। निकासी की व्यवस्था के अभाव में नालियां आबादी के बीच बजबजा रही हैं। इससे लोगों में संक्रमण फैलने का डर बना हुआ है।
विज्ञापन
...
कछुए की चाल से हो रहा विकास
-शहर में शामिल हुए गांवों की अधिकांश सड़कें टूटी हैं, जो बरसात में परेशानियों का सबब बन जाती हैं।प्राथमिकता के तौर पर लोगों ने सड़क निर्माण के लिए नगर पालिका प्रशासन से मांग किया था, लेकिन अभी तक अधिकांश सड़कें अपनी दुर्व्यवस्था की शिकार हैं। विकास की गति इतनी धीमी रही तो वर्षों लग जाएगा शहर की सुविधाएं मिलने में।
..
नियमित नहीं पहुंच रहे सफाईकर्मी
-शहर से जुड़े 18 गांवों में हर रोज सफाईकर्मी नहीं पहुंच रहे हैं। इसके चलते लोगों को सड़कों के किनारे कूड़ा फेकना पड़ रहा है। पेयजल के लिए पाइप लाइन का विस्तार भी अभी तक नहीं हो सका है। जलकर, गृहकर देने वाले लोग अब विकास में भेदभाव का आरोप नगर पालिका प्रशासन के सिर मढ़ रहे हैं।
...
वर्जन
नगर पालिका में शामिल 18 गांवों में जो भी शहरी सुविधाएं है। उसे मुहैया कराया जा रहा है। आरओ प्लांट लगाएं गए हैं। बिजली की व्यवस्था भी हुई है। सफाईकर्मी जाते हैं। मुख्यमंत्री नवसृजित योजना के तहत 40 सड़कों का निर्माण होना है। इसके लिए बजट मिल चुका है। कुछ सड़कों का निर्माण चल रहा है। बरसात के बाद विकास कार्य और जोर पकड़ेगा। 20 करोड़ का प्रस्ताव और भोजा गया है, जो शासन स्तर पर लंबित है। इन गांवों को बहुत जल्द चमका दिया जाएगा। इसका प्रयास चल रहा है।
विनय जायसवाल, अध्यक्ष, नगर पालिका
...
-शहर जैसी गांवों की सूरत होने में अभी वक्त लगेगा। जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए, वह नहीं मिल रही हैं। बिजली का तो बहुत बुरा हाल है। नालियों की सफाई भी कभी-कभी हो जाती है। थोड़ा बदलाव की जरुरत है।
-राजेंद्र गुप्ता, बलुचहां
..
-बांस बल्लियों से निजात दिलाने के लिए बलुचहां में तो पाेल महीने भर पहले खड़े कर दिए गए। लेकिन अभी तक तार नहीं दौड़ाया गया है। इसलिए जुगाड़ से ही बिजली आपूर्ति अधिकांश लोगों के घरों तक पहुंच रही है।
-सुभाष यादव, बलुचहां
..
-शहर में तो बिजली काफी देर तक रहती है, लेकिन हम लोगों के यहां बहुत कम बिजली मिलती है। इसकी शिकायत कई बार हुई, लेकिन कोई बदलाव नहीं हुआ। बरसात में जलभराव से लोगों को दिक्कतें होती हैं।
-चंद्रभान यादव, बलुचहां
..
एक साल सेे गांव शहरों में शामिल हैं, लेकिन विकास जैसा चाहिए वैसा अभी तक नहीं हो सका है। नियमित झाड़ू नहीं लगता है। कुछ चिह्नित स्थानों पर ही सफाईकर्मी पहुंचते हैं। नगर पालिका प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए।
-जलालुद्दीन बलुचहां