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आरोग्य मेला : देर से पहुंचे डॉक्टर तो कहीं मरीजों का रहा इंतजार
Mon, 23 Dec 2024 12:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 23 Dec 2024 12:11 AM IST
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पडरौना। जिले के सभी 52 न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को लगे आरोग्य मेले में कहीं डॉक्टर समय से नहीं पहुंचे तो कहीं मरीज ही बेहद कम संख्या में उपचार कराने आए। डॉक्टरों के देरी से आने की वजह से कुछ जगहों पर फार्मासिस्टों ने मरीजों का उपचार किया।
कई जगहों पर एलटी न होने से मरीजों की जांच तक नहीं हो सकी। स्वास्थ्य मेले में विभिन्न बीमारियों से पीड़ित कुल 2372 मरीजों ने उपचार कराया। कप्तानगंज क्षेत्र के बलुआ पीएचसी का भवन जर्जर होने से डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी बाहर बैठकर उपचार करते दिखे।
जबकि फाजिलनगर क्षेत्र के लवकुश स्थित न्यू पीएचसी पर देरी से डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि अब मेले में पहले की तरह न तो मरीज पहुंच रहे हैं और न ही डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी अपनी जिम्मेदारियों का निवर्हन कर पा रहे हैं। अहिरौली बाजार प्रतिनिधि के अनुसार कप्तानगंज ब्लॉक के गांव बलुआ स्थित न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगे आरोग्य मेले में कुल 30 मरीजों ने उपचार कराया। इसमें अधिकांश मरीज सांस, शुगर, बीपी, चर्म रोग और खांसी के रहे। मेले में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अम्बरीश कुमार चौधरी, आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. राज कौशल, फार्मासिस्ट केशव उपाध्याय, वार्ड ब्वॉय संतोष, स्वीपर कम चौकीदार तैय्यब अली व वार्ड आया कलावती देवी मौजूद रहीं।
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मेले में होम्योपैथिक के एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं थे। वहीं, दूसरी तरफ न्यू पीएचसी की भवन जर्जर होने के कारण प्रभारी चिकित्साधिकारी को छोड़ अन्य कर्मी बाहर बैठकर मरीजों का उपचार करते नजर आये। परिसर में बने आवासीय भवन भी जर्जर हाल में है।
स्थानीय लोग आवासीय परिसर में लकड़ियां, कूड़ा, कचरा और अपनी बकरियां बांधते हैं। इस संबंध में कप्तानगंज के सीएचसी प्रभारी डॉ. सूर्यभान कुशवाहा ने बताया कि बलुआ में बना आवासीय भवन बहुत पुराना है। ग्राम प्रधान से इसको लेकर बातचीत की गई है। बिना मरम्मत और बाउंड्री कराए इसमें रहना ठीक नहीं है। तुर्कपट्टी प्रतिनिधि के अनुसार फाजिलनगर ब्लॉक के लवकुश न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में 68 मरीजों ने उपचार कराया। यहां कई डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी देरी से पहुंचे। इससे मरीजों को इंतजार करना पड़ा।
मेले में डॉ. पूनम व डॉ. आफताब आलम ने मरीजों का उपचार किया। डॉक्टरों का कहना था कि ब्लड शुगर, हृदय रोग, बुखार, शरीर दर्द, उल्टी, पेट दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव तथा चर्म रोग आदि से पीड़ित मरीजों ने उपचार कराया। दवा देने के साथ ही उन्हें बचाव की जरूरी जानकारी दी गई है। मेले में एलटी के न होने से मरीजों की जांच नहीं हो सकी। जबकि, विशेषज्ञ डॉक्टर के देरी से आने के कारण कई मरीज निराश होकर वापस लौट गए।
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कई जगहों पर एलटी न होने से मरीजों की जांच तक नहीं हो सकी। स्वास्थ्य मेले में विभिन्न बीमारियों से पीड़ित कुल 2372 मरीजों ने उपचार कराया। कप्तानगंज क्षेत्र के बलुआ पीएचसी का भवन जर्जर होने से डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी बाहर बैठकर उपचार करते दिखे।
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जबकि फाजिलनगर क्षेत्र के लवकुश स्थित न्यू पीएचसी पर देरी से डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि अब मेले में पहले की तरह न तो मरीज पहुंच रहे हैं और न ही डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी अपनी जिम्मेदारियों का निवर्हन कर पा रहे हैं। अहिरौली बाजार प्रतिनिधि के अनुसार कप्तानगंज ब्लॉक के गांव बलुआ स्थित न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर लगे आरोग्य मेले में कुल 30 मरीजों ने उपचार कराया। इसमें अधिकांश मरीज सांस, शुगर, बीपी, चर्म रोग और खांसी के रहे। मेले में प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अम्बरीश कुमार चौधरी, आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. राज कौशल, फार्मासिस्ट केशव उपाध्याय, वार्ड ब्वॉय संतोष, स्वीपर कम चौकीदार तैय्यब अली व वार्ड आया कलावती देवी मौजूद रहीं।
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मेले में होम्योपैथिक के एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं थे। वहीं, दूसरी तरफ न्यू पीएचसी की भवन जर्जर होने के कारण प्रभारी चिकित्साधिकारी को छोड़ अन्य कर्मी बाहर बैठकर मरीजों का उपचार करते नजर आये। परिसर में बने आवासीय भवन भी जर्जर हाल में है।
स्थानीय लोग आवासीय परिसर में लकड़ियां, कूड़ा, कचरा और अपनी बकरियां बांधते हैं। इस संबंध में कप्तानगंज के सीएचसी प्रभारी डॉ. सूर्यभान कुशवाहा ने बताया कि बलुआ में बना आवासीय भवन बहुत पुराना है। ग्राम प्रधान से इसको लेकर बातचीत की गई है। बिना मरम्मत और बाउंड्री कराए इसमें रहना ठीक नहीं है। तुर्कपट्टी प्रतिनिधि के अनुसार फाजिलनगर ब्लॉक के लवकुश न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में 68 मरीजों ने उपचार कराया। यहां कई डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी देरी से पहुंचे। इससे मरीजों को इंतजार करना पड़ा।
मेले में डॉ. पूनम व डॉ. आफताब आलम ने मरीजों का उपचार किया। डॉक्टरों का कहना था कि ब्लड शुगर, हृदय रोग, बुखार, शरीर दर्द, उल्टी, पेट दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव तथा चर्म रोग आदि से पीड़ित मरीजों ने उपचार कराया। दवा देने के साथ ही उन्हें बचाव की जरूरी जानकारी दी गई है। मेले में एलटी के न होने से मरीजों की जांच नहीं हो सकी। जबकि, विशेषज्ञ डॉक्टर के देरी से आने के कारण कई मरीज निराश होकर वापस लौट गए।