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Kushinagar News: पुरैना घाट के घाघी नदी पर बने पुल का एप्रोच धंसा, आवागमन बाधित
Thu, 16 Jan 2025 12:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 16 Jan 2025 12:02 AM IST
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रहसू बाजार। मानक विहीन कार्य होने के कारण क्षेत्र के पुरैना घाट के घाघी नदी पर बने पुल का एप्रोच धंस गया है। इससे आवागमन पूरी तरह बाधित है। लोगों को जिला मुख्यालय के साथ ही तहसील मुख्यालय जाने के लिए 15 किमी अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है।
पुल का एप्रोच धसने से आवागमन करने वालों को हादसे का डर सता रहा है। पुल के दोनों तरफ का एप्रोच धंस जाने से किसानों को खेतों से गन्ने, केले सहित अन्य फसलों को ले जाने के लिए 10 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। यह पुल फाजिल नगर विधानसभा और कसया विधानसभा के पचासों गावों को जोड़ता है। रहसू जनूबी पट्टी, पुरैना, नदवाबिशुनपुर, रहसुसुमाली पट्टी, कनौरा, शिवराज पट्टी, दूबे पट्टी आदि गांवों के किसानों की लगभग पांच सौ एकड़ से ज्यादा खेती प्रभावित हो रही है।
लगभग एक महीने पहले लोकनिर्माण विभाग के जेई ने सर्वे कर बैरिकेडिंग करवा दी थी, लेकिन अब तक एप्रोच नहीं बन पाया। इसे लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। डॉक्टर रमाकांत सिंह, महेंद्र कुशवाहा, एडवोकेट रामप्रताप राव, तपेश्वर भगत, राजेंद्र राव, सफी अंसारी, मिंटू राव, रफीक अंसारी, छोटेलाल यादव आदि लोगों का कहना है कि गन्ने की फसल मिल पर गिराने जाने के लिए 20 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है।
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लोक निर्माण विभाग कसया के एक्सईएन राजेश सिंह का कहना है कि जल्द ही पुल का एप्रोच बनवा दिया जाएगा।
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पुल का एप्रोच धसने से आवागमन करने वालों को हादसे का डर सता रहा है। पुल के दोनों तरफ का एप्रोच धंस जाने से किसानों को खेतों से गन्ने, केले सहित अन्य फसलों को ले जाने के लिए 10 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। यह पुल फाजिल नगर विधानसभा और कसया विधानसभा के पचासों गावों को जोड़ता है। रहसू जनूबी पट्टी, पुरैना, नदवाबिशुनपुर, रहसुसुमाली पट्टी, कनौरा, शिवराज पट्टी, दूबे पट्टी आदि गांवों के किसानों की लगभग पांच सौ एकड़ से ज्यादा खेती प्रभावित हो रही है।
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लगभग एक महीने पहले लोकनिर्माण विभाग के जेई ने सर्वे कर बैरिकेडिंग करवा दी थी, लेकिन अब तक एप्रोच नहीं बन पाया। इसे लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। डॉक्टर रमाकांत सिंह, महेंद्र कुशवाहा, एडवोकेट रामप्रताप राव, तपेश्वर भगत, राजेंद्र राव, सफी अंसारी, मिंटू राव, रफीक अंसारी, छोटेलाल यादव आदि लोगों का कहना है कि गन्ने की फसल मिल पर गिराने जाने के लिए 20 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है।
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लोक निर्माण विभाग कसया के एक्सईएन राजेश सिंह का कहना है कि जल्द ही पुल का एप्रोच बनवा दिया जाएगा।