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विदाई का मंचन देख भर आईं सबकी आंखें
kushinagar beauro
Updated Thu, 25 Feb 2016 11:36 PM IST
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कसया। वाट थाई मंदिर की ओर से आषाढ़ पूर्णिमा पर पवित्र धातु शोभायात्रा का कार्यक्रम छह दिनों तक चला। कार्यक्रम के अंतिम दिन बुधवार को शोभायात्रा के बाद देर रात तक सलेमपुर के सांस्कृतिक संगम मंच के कलाकारों की ओर से शानदार प्रस्तुति दी गई। जिसको देखकर दर्शक भावविभोर हो उठे।
बुधवार की देर शाम से निर्देशक मानवेंद्र त्रिपाठी की अगुवाई में मंचन का कार्यक्रम आरंभ हुआ। जिसमें कलाकारों ने सबसे पहले बुद्ध वंदना की प्रस्तुति दी। इसके बाद कलाकारों ने देश की संस्कृति से जुडे़ 12 महीनों के त्योहारों पर आधारित नाट्य मंचन किया गया।
उसका जीवंत मंचन देख दर्शकगण भावविभोर हो गए। इसमें चैता, कजरी, छठ और होली के त्योहार से जुडे़ प्रसंगों का मंचन भी किया गया। इसके अलावा विवाह में होने वाले पारंपरिक रस्मों की अदायगी कैसे की जाती है उसका जीवंत प्रस्तुति दिखाकर लोगों का मनमोह लिया।
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कलाकारों की ओर से मंचन का समापन विदाई से जुड़ा प्रसंग दिखाया गया। जिसे देखकर महिलाओं के आंखें आंसू से भर आईं। इस मौके पर वाट थाई मंदिर सहित कुशीनगर के बौद्ध बिहारों से जुडे़ बौद्ध भिक्षु और आसपास के लोग मौजूद रहे।
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बुधवार की देर शाम से निर्देशक मानवेंद्र त्रिपाठी की अगुवाई में मंचन का कार्यक्रम आरंभ हुआ। जिसमें कलाकारों ने सबसे पहले बुद्ध वंदना की प्रस्तुति दी। इसके बाद कलाकारों ने देश की संस्कृति से जुडे़ 12 महीनों के त्योहारों पर आधारित नाट्य मंचन किया गया।
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उसका जीवंत मंचन देख दर्शकगण भावविभोर हो गए। इसमें चैता, कजरी, छठ और होली के त्योहार से जुडे़ प्रसंगों का मंचन भी किया गया। इसके अलावा विवाह में होने वाले पारंपरिक रस्मों की अदायगी कैसे की जाती है उसका जीवंत प्रस्तुति दिखाकर लोगों का मनमोह लिया।
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कलाकारों की ओर से मंचन का समापन विदाई से जुड़ा प्रसंग दिखाया गया। जिसे देखकर महिलाओं के आंखें आंसू से भर आईं। इस मौके पर वाट थाई मंदिर सहित कुशीनगर के बौद्ध बिहारों से जुडे़ बौद्ध भिक्षु और आसपास के लोग मौजूद रहे।