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Kushinagar News: खैरखूंटा के बाद नारायणी के निशाने पर नोनिया पट्टी
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बंधे पर बचाव कार्य में जुटे बाढ़ खंड विभाग।
कुशीनगर। अहिरौलीदान के खैरखूंटा में चार दिन से नारायणी नदी का कटान रोकने में जुटे बाढ़ खंड के अभियंताओं के सामने मंगलवार को एक और बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। नदी ने नोनियापट्टी के पास करीब 100 मीटर हिस्से को अपनी कटान की जद में ले लिया।
किमी 13.200 पर स्थित ठोकर के अपस्ट्रीम में नदी अब एपी बांध से महज पांच से सात मीटर की दूरी पर पहुंचकर बैक रोलिंग करते हुए कटान कर रही है। इससे आसपास के गांवों में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंचे।
हालात की गंभीरता को देखते हुए बाढ़ खंड के अभियंताओं के साथ तरयासुजान पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। अभियंताओं ने बांध के किनारे सफाई कराने के बाद तत्काल बोल्डर डालकर बचाव कार्य शुरू करा दिया। खैरखूंटा और नोनियापट्टी दोनों स्थानों पर एक साथ बचाव कार्य चलाया जा रहा है।
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खैरखुटा गांव में पिछले चार दिनों से गंडक लगातार कटान कर रही है। नदी के निशाने पर पूर्व प्रधान मजिस्टर पासवान, भगवान पासवान, रामपूजन पासवान, बली सिंह, हीरा शर्मा, रामाशंकर सिंह, उमेश सिंह, सुग्रीव सिंह, रामनाथ शर्मा समेत कई लोगों के पक्के और कच्चे मकान आ चुके हैं। बाढ़ खंड के अभियंता दिन-रात बचाव कार्य में जुटे हैं। कटान रोकने के लिए लगातार बोल्डर और अन्य सामग्री लगाई जा रही है।
अभियंता खैरखूंटा के मकानों को बचाने में जुटे ही थे कि मंगलवार सुबह नदी ने अपना दायरा करीब 100 मीटर और बढ़ा दिया। नोनियापट्टी में ठोकर के अपस्ट्रीम तक पहुंची नदी अब सीधे एपी बांध की ओर बढ़ने लगी है।
दोनों मोर्चों पर एक साथ जूझ रहा बाढ़ खंड : नारायणी (गंडक) नदी के कटान ने बाढ़ खंड के सामने दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है। एक तरफ खैरखूंटा में मकानों को बचाने के लिए कटान रोकने की जद्दोजहद चल रही है।
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किमी 13.200 पर स्थित ठोकर के अपस्ट्रीम में नदी अब एपी बांध से महज पांच से सात मीटर की दूरी पर पहुंचकर बैक रोलिंग करते हुए कटान कर रही है। इससे आसपास के गांवों में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंचे।
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हालात की गंभीरता को देखते हुए बाढ़ खंड के अभियंताओं के साथ तरयासुजान पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। अभियंताओं ने बांध के किनारे सफाई कराने के बाद तत्काल बोल्डर डालकर बचाव कार्य शुरू करा दिया। खैरखूंटा और नोनियापट्टी दोनों स्थानों पर एक साथ बचाव कार्य चलाया जा रहा है।
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खैरखुटा गांव में पिछले चार दिनों से गंडक लगातार कटान कर रही है। नदी के निशाने पर पूर्व प्रधान मजिस्टर पासवान, भगवान पासवान, रामपूजन पासवान, बली सिंह, हीरा शर्मा, रामाशंकर सिंह, उमेश सिंह, सुग्रीव सिंह, रामनाथ शर्मा समेत कई लोगों के पक्के और कच्चे मकान आ चुके हैं। बाढ़ खंड के अभियंता दिन-रात बचाव कार्य में जुटे हैं। कटान रोकने के लिए लगातार बोल्डर और अन्य सामग्री लगाई जा रही है।
अभियंता खैरखूंटा के मकानों को बचाने में जुटे ही थे कि मंगलवार सुबह नदी ने अपना दायरा करीब 100 मीटर और बढ़ा दिया। नोनियापट्टी में ठोकर के अपस्ट्रीम तक पहुंची नदी अब सीधे एपी बांध की ओर बढ़ने लगी है।
दोनों मोर्चों पर एक साथ जूझ रहा बाढ़ खंड : नारायणी (गंडक) नदी के कटान ने बाढ़ खंड के सामने दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है। एक तरफ खैरखूंटा में मकानों को बचाने के लिए कटान रोकने की जद्दोजहद चल रही है।
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