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Kushinagar News: डॉक्टरों के तेवर के सामने झुका प्रशासन, बच्चा बदलने वाले अस्पताल का सील टूटा

Sun, 08 Oct 2023 01:11 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 08 Oct 2023 01:11 AM IST
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Administration bowed down to the attitude of doctors, seal of baby changing hospital broken
- सीएमओ बोले इलाज में आ रही थी बांधा, डीएम के निर्देश पर टूटा सील, जारी रहेगी जांच की कार्रवाई
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- बच्चा बदलने के मामले में हंगामा और मारपीट के बाद सील हुआ था निजी अस्पताल, दर्ज है केस

पडरौना। बच्चा बदलने के मामले में जटहा रोड पर जीवनदीप चाइल्ड एंड मैटरनिटी सेंटर को प्रशासन ने सील कर दिया। वहीं संचालक डॉ. रवि जायसवाल पर केस दर्ज कर लिया गया। इसकी जानकारी होने पर शुक्रवार को डॉक्टरों ने कोतवाली का घेराव कर दिया। उनके तेवर देखकर प्रशासन झुक गया। आनन-फानन अस्पताल का सील तोड़ने का फरमान जारी कर दिया। वहीं दावा किया गया कि अस्पताल व संचालक के खिलाफ जांच जारी रहेगी। जानकारी होने पर पीड़ित पक्ष ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए।

रामकोला के विजयपुर सियरहा गांव निवासी दीपलाल कुशवाहा की पत्नी अंजली को 29 सितंबर को रामकोला सीएचसी पर बेटा पैदा हुआ। नवजात की तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इलाज के बावजूद जिला अस्पताल में आराम नहीं होने पर एक स्वास्थ्यकर्मी के कहने पर नवजात को जटहा रोड स्थित जीवनदीप चाइल्ड एंड मैटरनिटी सेंटर में भर्ती कराया गया। जहां इलाज से नवजात की तबीयत में सुधार हो गया। 5 अक्तूबर को नवजात की डॉक्टर ने छुट्टी कर दी। वहां तैनात स्टाफ नर्स ने अंजली को बेटा की जगह बेटी पकड़ा दिया। घर वाले विरोध किए तो अस्पताल के कर्मचारियों ने पिटाई कर दी। इसके बाद भड़के परिवार वालों ने हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने अस्पताल संचालक डॉ. रवि जायसवाल को हिरासत में ले लिया। पुलिस की जांच में पता चला कि एक गांव की रहने वाली महिला अंजली के बेटे से पहले अस्पताल से डिस्चार्ज की गई है। वह अपनी बेटी की जगह बेटा को लेकर चली गई है। पुलिस की मदद से बदला गया बच्चा मिल गया। कार्रवाई की जिद पर अड़े लोगों तीन घंटे तक हंगामा किया। पुलिस ने अंजली की तहरीर पर डॉ. रवि जायसवाल पर केस दर्ज कर लिया। वहीं अस्पताल को भी स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया।
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थाने पर डॉक्टरों का हंगामा, आरोपी चिकित्सक को साथ ले गए
अस्पताल सील होने व डॉ. रवि को हिरासत में होने की जानकारी मिलने पर आईएमए और नीमा से जुड़े डॉक्टर शुक्रवार सुबह कोतवाली पहुंच गये। वहां हंगामा शुरू कर दिया। डॉक्टरों के तेवर देखने के बाद पुलिस को हिरासत में लिये गये डॉ. रवि को रिहा करना पड़ा। इसके बाद डॉक्टर डीएम और एसपी से मिलकर कार्रवाई को गलत बताया। डॉक्टरों की माने तो दोनों अफसरों ने हंगामा की वजह से कार्रवाई का तर्क दिया। डीएम के कहने पर सीएमओ डाॅ. सुरेश पटारिया ने निजी अस्पताल का सील को खुलवा दिया। हांलाकि बच्चा बदलने की आरोप की जांच जारी है। पीड़िता अंजली की माने तो प्रशासन और अस्पताल संचालक की मिलीभगत से कार्रवाई को आधे रास्ते में रोक दिया गया।
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वहीं, अस्पताल का सील तोड़ा गया है। अगर प्रशासन कार्रवाई में लीपापोती करेगा तो सीएम से मिलकर शिकायत करूंगी। सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने बताया कि डीएम के आदेश पर निजी अस्पताल का सील तोड़ा गया है। लेकिन जांच चलेगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
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