{"_id":"65737359af400afd120a5ab9","slug":"action-being-limited-to-driver-assistant-masterminds-of-smuggling-are-not-being-caught-kushinagar-news-c-205-1-sgkp1014-9031-2023-12-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kushinagar News: चालक-खलासी तक सिमट जा रही कार्रवाई, नहीं पकड़े जा रहे तस्करी के मास्टर माइंड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kushinagar News: चालक-खलासी तक सिमट जा रही कार्रवाई, नहीं पकड़े जा रहे तस्करी के मास्टर माइंड
विज्ञापन
खड्डा। जनपद व इससे सटे बिहार में पुलिस आए दिन शराब की खेप बरामद कर रही है, लेकिन कार्रवाई केवल चालक, खलासी, कैरियर तक ही सिमट कर रह जा रही है। असली मास्टर माइंड व शराब भेजने वाले कारोबारी या निर्माता कंपनी तक कानून के हाथ नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस वजह से यह धंधा बंद होने की जगह तेजी से फल फूल रहा है।
पड़ोस के प्रदेश बिहार प्रांत में संपूर्ण शराबबंदी है, लेकिन बड़े-बड़े धंधेबाज यूपी, हरियाणा, पंजाब, नेपाल आदि जगहों से शराब की बड़ी खेप तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर भेज रहे हैं। बृहस्पतिवार को चीनी मिट्टी के कप-प्लेट के बीच में पंजाब निर्मित शराब छुपाकर ट्रक से लाते समय बिहार की लौरिया पुलिस ने पकड़ा था। इसमें चालक गिरफ्तार हुआ। नवंबर में लौरिया व चौतरवा थाने की पुलिस ने शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई। जनवरी व मई तथा नवंबर में खड्डा थाने की पुलिस ने वाहन सहित हरियाणा निर्मित शराब की खेप पकड़ी थी। इन मामलों में भी चालक व खलासी ही पकड़े गए थे।
कुछ दिन पहले बगहा पुलिस ने शराब पकड़ी, जिसमें तमकुहीराज क्षेत्र से शराब ले लाई जा रही थी। इसमें गिरफ्तार चालक कुशीनगर का रहने वाला था। इनके नंबर या तो गलत लगे होते हैं, या सही होते हुए भी वाहन स्वामी चालक पर ठीकरा फोड़ देते हैं, जिससे कार्रवाई की जद से बाहर रहते हैं। ऐसी अनेक बरामदगी व कार्रवाई हुई है, जिसमें केवल वाहन चालक और खलासी ही कानून के शिकंजे में फंसे हैं।
विज्ञापन
00000
असली मास्टर माइंड तक नहीं पहुंच पाते कानून के हाथ
नाम न जाहिर करने की शर्त पर एक धंधेबाज ने बताया कि बिहार में बैठे शराब तस्करी के बड़े खिलाड़ी यूपी, हरियाणा, पंजाब के कारोबारियों से संपर्क करते हैं। वहां से शराब की खेप यूपी में आती है। चूंकि वाहनों में अन्य सामानों के कागजात व जरूरत का सामान लदा होता है, इसलिए शक नहीं होता है और खेप बिहार में अपनी मंजिल तक पहुंच जाती है। अगर रास्ते में माल पकड़ा गया तो चालक फंसता है। कारोबारी बाद में कोर्ट कचहरी से उसे बाहर निकाल लेते हैं। माल सही सलामत पहुंच जाने पर चालक को अच्छी खासी रकम इनाम में मिलती है। दर्ज मुकदमे में विवेचना गिरफ्तार चालक व खलासी तक सिमट कर रह जाती है और मास्टर माइंड रसूखदार बचे रहते हैं।
विज्ञापन
पड़ोस के प्रदेश बिहार प्रांत में संपूर्ण शराबबंदी है, लेकिन बड़े-बड़े धंधेबाज यूपी, हरियाणा, पंजाब, नेपाल आदि जगहों से शराब की बड़ी खेप तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर भेज रहे हैं। बृहस्पतिवार को चीनी मिट्टी के कप-प्लेट के बीच में पंजाब निर्मित शराब छुपाकर ट्रक से लाते समय बिहार की लौरिया पुलिस ने पकड़ा था। इसमें चालक गिरफ्तार हुआ। नवंबर में लौरिया व चौतरवा थाने की पुलिस ने शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई। जनवरी व मई तथा नवंबर में खड्डा थाने की पुलिस ने वाहन सहित हरियाणा निर्मित शराब की खेप पकड़ी थी। इन मामलों में भी चालक व खलासी ही पकड़े गए थे।
विज्ञापन
कुछ दिन पहले बगहा पुलिस ने शराब पकड़ी, जिसमें तमकुहीराज क्षेत्र से शराब ले लाई जा रही थी। इसमें गिरफ्तार चालक कुशीनगर का रहने वाला था। इनके नंबर या तो गलत लगे होते हैं, या सही होते हुए भी वाहन स्वामी चालक पर ठीकरा फोड़ देते हैं, जिससे कार्रवाई की जद से बाहर रहते हैं। ऐसी अनेक बरामदगी व कार्रवाई हुई है, जिसमें केवल वाहन चालक और खलासी ही कानून के शिकंजे में फंसे हैं।
विज्ञापन
00000
असली मास्टर माइंड तक नहीं पहुंच पाते कानून के हाथ
नाम न जाहिर करने की शर्त पर एक धंधेबाज ने बताया कि बिहार में बैठे शराब तस्करी के बड़े खिलाड़ी यूपी, हरियाणा, पंजाब के कारोबारियों से संपर्क करते हैं। वहां से शराब की खेप यूपी में आती है। चूंकि वाहनों में अन्य सामानों के कागजात व जरूरत का सामान लदा होता है, इसलिए शक नहीं होता है और खेप बिहार में अपनी मंजिल तक पहुंच जाती है। अगर रास्ते में माल पकड़ा गया तो चालक फंसता है। कारोबारी बाद में कोर्ट कचहरी से उसे बाहर निकाल लेते हैं। माल सही सलामत पहुंच जाने पर चालक को अच्छी खासी रकम इनाम में मिलती है। दर्ज मुकदमे में विवेचना गिरफ्तार चालक व खलासी तक सिमट कर रह जाती है और मास्टर माइंड रसूखदार बचे रहते हैं।