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Kushinagar News: पर्यटकों की उमड़ी भीड़, आस्था-उत्साह का दिखा संगम
Fri, 02 Jan 2026 01:51 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Fri, 02 Jan 2026 01:51 AM IST
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उमड़ी लोगों की भीड़। संवाद
कुशीनगर। नववर्ष के पहले दिन अंतरराष्ट्रीय पर्यटक स्थल कुशीनगर में बृहस्पतिवार को आस्था, उत्साह और उल्लास का अद्भुत नजारा देखने को मिला। कोहरे की चादर में लिपटी सुबह से ही सैलानी पहुंचने लगे। दोपहर में धूप खिलने के बाद बुद्धनगरी पर्यटकों से पट गई।
महापरिनिर्वाण मंदिर से लेकर रामाभार स्तूप, म्यांमार बुद्ध विहार, माथा कुंवर मंदिर और आसपास के पिकनिक स्थलों तक दिन भर मेले जैसा माहौल बना रहा। जिले के अलावा महराजगंज, देवरिया, गोरखपुर और बिहार के कई जिलों से भी पर्यटक पहुंचे।
जिले में नए साल की खुशियां मनाने के लिए हर वर्ग में जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। यह देहात से लेकर नगर व प्रमुख स्थलों पर दिखाई दिया। बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली पर बृहस्पतिवार को नववर्ष के मौके पर पांचवीं शताब्दी की लेटी बुद्ध की प्रतिमा का दर्शन करने के लिए सूर्योदय के साथ ही सैलानियों का आना शुरू हो गया था। सुबह करीब 10 बजे तक घने कोहरे व गलन भरी ठंड के चलते धीमी रही, लेकिन जब सुबह करीब 10:30 बजे धूप खिली तो लोगों का आना तेजी से शुरू हो गया।
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दोपहर 12 बजे मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर रामाभार स्तूप तक सड़क से लेकर मंदिरों व मठों तक सैलानियों की खचाचच भीड़ उमड़ी। हालांकि इस दौरान कई बार सूर्यदेव की लुका-छिपी का खेल भी जारी रहा, लेकिन युवक-युवतियों व बच्चों के उत्साह पर इसका कोई असर नहीं हुआ। शाम करीब 4:30 बजे के बाद ठंड बढ़ी तो दूर-दराज से आए लोग मौज-मस्ती कर लौटना शुरू कर दिए।
शाम करीब 5:30 बजे के बाद प्रमुख दर्शनीय स्थलों जैसे मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर, मांथा कुंवर मंदिर और रामभार स्तूप सहित वर्मी मंदिर व प्रमुख स्थलों से घरों के लिए वापस लौटने लगे। यही, स्थिति नए साल को सेलिब्रेट करने के लिए कसया क्षेत्र के कुलकुला देवी मंदिर में देखने का मिला। यहां हर कोई पहुंचने के बाद मां का दर्शन कर नए साल में सुख-समृद्धि की कामना किया और शीश नवाकर आशीर्वाद लिया। ख्याति प्राप्त रामकोला का विश्व दर्शन मंदिर व धर्म समधा देवी मंदिर में पहुंचकर श्रद्धालुओं ने नए साल में सुख-समृद्धि,शांति और खुशहाली की कामना की।
खड्डा क्षेत्र के पनियहवा नारायणी नदी में बिहार व पड़ोसी जिलों के पहुंचे युवक-युवतियों व महिलाओं ने नौकायन का जमकर लुत्फ उठाया। इसके अलावा यहां चेपुआ मछली व भूजा के साथ अन्य स्वादिष्ट व्यंजनों के स्वाद भी लिया।
तमकुहीरोड संवाद के अनुसार सेवरही क्षेत्र में बांसी नदी के शिवाघाट पर शिव मंदिर में पूजा अर्चना कर सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। यहां युवक-युवतियां व महिलाओं ने जमकर जश्न मनाए। गन्ना अनुसंधान केंद्र और कृषि विज्ञान केंद्र पर भी युवाओं ने सैर-सपाटा किए।
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महापरिनिर्वाण मंदिर से लेकर रामाभार स्तूप, म्यांमार बुद्ध विहार, माथा कुंवर मंदिर और आसपास के पिकनिक स्थलों तक दिन भर मेले जैसा माहौल बना रहा। जिले के अलावा महराजगंज, देवरिया, गोरखपुर और बिहार के कई जिलों से भी पर्यटक पहुंचे।
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जिले में नए साल की खुशियां मनाने के लिए हर वर्ग में जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया। यह देहात से लेकर नगर व प्रमुख स्थलों पर दिखाई दिया। बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली पर बृहस्पतिवार को नववर्ष के मौके पर पांचवीं शताब्दी की लेटी बुद्ध की प्रतिमा का दर्शन करने के लिए सूर्योदय के साथ ही सैलानियों का आना शुरू हो गया था। सुबह करीब 10 बजे तक घने कोहरे व गलन भरी ठंड के चलते धीमी रही, लेकिन जब सुबह करीब 10:30 बजे धूप खिली तो लोगों का आना तेजी से शुरू हो गया।
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दोपहर 12 बजे मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर रामाभार स्तूप तक सड़क से लेकर मंदिरों व मठों तक सैलानियों की खचाचच भीड़ उमड़ी। हालांकि इस दौरान कई बार सूर्यदेव की लुका-छिपी का खेल भी जारी रहा, लेकिन युवक-युवतियों व बच्चों के उत्साह पर इसका कोई असर नहीं हुआ। शाम करीब 4:30 बजे के बाद ठंड बढ़ी तो दूर-दराज से आए लोग मौज-मस्ती कर लौटना शुरू कर दिए।
शाम करीब 5:30 बजे के बाद प्रमुख दर्शनीय स्थलों जैसे मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर, मांथा कुंवर मंदिर और रामभार स्तूप सहित वर्मी मंदिर व प्रमुख स्थलों से घरों के लिए वापस लौटने लगे। यही, स्थिति नए साल को सेलिब्रेट करने के लिए कसया क्षेत्र के कुलकुला देवी मंदिर में देखने का मिला। यहां हर कोई पहुंचने के बाद मां का दर्शन कर नए साल में सुख-समृद्धि की कामना किया और शीश नवाकर आशीर्वाद लिया। ख्याति प्राप्त रामकोला का विश्व दर्शन मंदिर व धर्म समधा देवी मंदिर में पहुंचकर श्रद्धालुओं ने नए साल में सुख-समृद्धि,शांति और खुशहाली की कामना की।
खड्डा क्षेत्र के पनियहवा नारायणी नदी में बिहार व पड़ोसी जिलों के पहुंचे युवक-युवतियों व महिलाओं ने नौकायन का जमकर लुत्फ उठाया। इसके अलावा यहां चेपुआ मछली व भूजा के साथ अन्य स्वादिष्ट व्यंजनों के स्वाद भी लिया।
तमकुहीरोड संवाद के अनुसार सेवरही क्षेत्र में बांसी नदी के शिवाघाट पर शिव मंदिर में पूजा अर्चना कर सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। यहां युवक-युवतियां व महिलाओं ने जमकर जश्न मनाए। गन्ना अनुसंधान केंद्र और कृषि विज्ञान केंद्र पर भी युवाओं ने सैर-सपाटा किए।