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Kushinagar News: कुशीनगर पहुंचा थाई बौद्ध भिक्षुओं का दल, चढ़ाया चीवर
Sun, 27 Jul 2025 01:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Sun, 27 Jul 2025 01:23 AM IST
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बुद्ध प्रतिमा पर चीवर चढ़ाता थाईलैंड का दल। संवाद
पकवा इनार। थाईलैंड के 10वें राजाराम महा वजिरालोंगकोर्न के दीर्घायु होने की कामना के लिए 217 थाई बौद्ध भिक्षुओं व अनुयायियों का दल शुक्रवार की देर रात कुशीनगर पहुंचा। वे भारत व नेपाल के प्रमुख बौद्ध तीर्थ स्थलों का भ्रमण कर विशेष पूजा-अर्चना के लिए आए हैं। शुक्रवार की देर रात यह दल बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी (नेपाल) से कुशीनगर महापरिनिर्वाण स्थली पहुंचा, जहां शनिवार की सुबह करीब आठ बजे महापरिनिर्वाण मंदिर पहुंचकर 6.10 मीटर शयन मुद्रा वाली प्राचीन बुद्ध प्रतिमा के सामने शीश नवाकर विशेष पूजा-अर्चना किया। इसके बाद बुद्ध वंदना के साथ भव्य स्तूप की परिक्रमा कर चीवर चढ़ाया।
बौद्ध भिक्षु भंते अशोक ने बताया कि 28 जुलाई को थाईलैंड के राजा का जन्मदिन है। उनका जन्मदिन बौद्ध धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर मनाने के ध्येय से 217 बौद्ध भिक्षुओं व अनुयायियों का दल बीते 18 जुलाई को थाईलैंड से कोलकाता पहुंचा था।
यह दल कोलकाता से भगवान विश्वनाथ की नगरी काशी पहुंचा। वहां से बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली धर्मचक्र प्रवर्तन स्थल (सारनाथ) फिर तपोस्थली श्रावस्ती पहुंचकर विशेष पूजा -अर्चना किया। इसके बाद बौद्ध जन्मस्थली नेपाल के तराई लुंबिनी का भ्रमण कर ऐतिहासिकता व प्राचीनता से रू-ब-रू हुए। कुशीनगर से यह दल रविवार को बोधगया ज्ञान प्राप्ति स्थली के लिए रवाना हो जाएगा।
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बौद्ध भिक्षु भंते अशोक ने बताया कि 28 जुलाई को थाईलैंड के राजा का जन्मदिन है। उनका जन्मदिन बौद्ध धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर मनाने के ध्येय से 217 बौद्ध भिक्षुओं व अनुयायियों का दल बीते 18 जुलाई को थाईलैंड से कोलकाता पहुंचा था।
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यह दल कोलकाता से भगवान विश्वनाथ की नगरी काशी पहुंचा। वहां से बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली धर्मचक्र प्रवर्तन स्थल (सारनाथ) फिर तपोस्थली श्रावस्ती पहुंचकर विशेष पूजा -अर्चना किया। इसके बाद बौद्ध जन्मस्थली नेपाल के तराई लुंबिनी का भ्रमण कर ऐतिहासिकता व प्राचीनता से रू-ब-रू हुए। कुशीनगर से यह दल रविवार को बोधगया ज्ञान प्राप्ति स्थली के लिए रवाना हो जाएगा।
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