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बालू खनन के विरोध में पुतला जलाया
Kushinagar
Updated Mon, 13 Oct 2014 05:30 AM IST
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कसया। तहसील क्षेत्र में स्थित छोटी गंडक नदी के किनारे रामनगर घाट पर अवैध बालू खनन के विरोध में चल रहे क्रमिक अनशन के विरोध में रविवार को चौथे दिन गांववालों ने प्रदर्शन करने के बाद चौराहे पर जिला प्रशासन का प्रतीकात्मक पुतला जलाया। छोटी गंडक में बालू खनन को लेकर नदी के किनारे बसे गांवों के लोग पिछले माह से ही लगातार आंदोलन कर रहे हैं। किसान चार दिनों से क्रमिक अनशन कर रहे हैं। उनका कहना है कि वैध खनन का कोई विरोध नहीं है, बल्कि पट्टा क्षेत्र का सीमांकन करा दिया जाय और निश्चित जगह पर बालू स्टोर कर एक मार्ग से उसकी निकासी कराई जाए। इसके अलावा क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन को कड़ाई से बंद करा दिया जाए। इस धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसी तरह पूर्व में यहां के किसानों पर दर्ज केस को वापस लिया जाए। साथ ही बालू की ओवरलोड गाड़ियों के आवागमन को रोका जाए, इससे क्षेत्र की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो रही हैं। क्रमिक अनशन पर बैठे किसान प्रदीप सिंह ने बताया कि तहसीलदार कसया शनिवार को अनशन स्थल पर आए थे। उन्होंने कहा था कि आपकी मांगें जायज हैं, इसके लिए उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी। शाम को उन्होंने फोन पर कहा कि आप लोग अनशन खत्म कर दीजिए, मांगें मान ली जाएंगी। लेकिन हम लोग मौखिक आश्वासन पर अनशन खत्म नहीं करेंगे। इस मौके पर मिथिलेश राव, सेवालाल, लल्लन यादव, व्यास पटेल, कुंजबिहारी प्रसाद, सुरेश चंद चौहान, रमेश चौहान आदि किसान मौजूद रहे।
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