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सीबीआई ने दो बाबुओं से पूछताछ की
Kushinagar
Updated Mon, 24 Mar 2014 05:30 AM IST
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पडरौना। मनरेगा के धन में हुई धांधली की जांच करने पहुंची सीबीआई टीम रविवार को भी जिले में रही। टीम ने जिला मुख्यालय पर जिला पंचायत के दो बाबुओं से पूछताछ की। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन के लिए मतदान होने की वजह से यह टीम खड्डा की तरफ नहीं जा सकी। फिर भी इस योजना से संबंधित कार्यों और उस पर खर्च हुए धन के बारे में जानकारी एकत्र करने में जुटी रही।
सीबीआई के डिप्टी एसपी पीके श्रीवास्तव और हेड कांस्टेबल पीके आर्या शुक्रवार को जिले में आए। डिप्टी एसपी ने अपने दोबारा आगमन पर मनरेगा के कार्यों की गहन जांच फिर शुरू कर दी है। वर्ष 2007 से 2010 के बीच मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों से जुड़ी फाइलें तथा कार्यों के नाम पर खर्च धनराशि का डाटा एकत्र करने में सीबीआई टीम रविवार को जुटी रही। सूत्रों ने बताया कि टीम ने जिला पंचायत के दो बाबुओं से पूछताछ की। टीम ने रोहुआ पुल के बारे में कुछ अहम जानकारी ली। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन के लिए रविवार को सभी ब्लॉकों पर मतदान हो रहा था। इस वजह से सीबीआई की टीम ब्लॉकों पर जांच करने नहीं जा सकी। लेकिन जिला मुख्यालय पर साक्ष्यों के लिए छानबीन जारी रही। सीबीआई जांच को लेकर मनरेगा से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों और अन्य लोगों में खलबली मची हुई है। सीबीआई के अगले कदम के बारे में जानकारी लेने के लिए संबंधित लोग तीसरे दिन भी बेचैन थे।
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सीबीआई के डिप्टी एसपी पीके श्रीवास्तव और हेड कांस्टेबल पीके आर्या शुक्रवार को जिले में आए। डिप्टी एसपी ने अपने दोबारा आगमन पर मनरेगा के कार्यों की गहन जांच फिर शुरू कर दी है। वर्ष 2007 से 2010 के बीच मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों से जुड़ी फाइलें तथा कार्यों के नाम पर खर्च धनराशि का डाटा एकत्र करने में सीबीआई टीम रविवार को जुटी रही। सूत्रों ने बताया कि टीम ने जिला पंचायत के दो बाबुओं से पूछताछ की। टीम ने रोहुआ पुल के बारे में कुछ अहम जानकारी ली। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन के लिए रविवार को सभी ब्लॉकों पर मतदान हो रहा था। इस वजह से सीबीआई की टीम ब्लॉकों पर जांच करने नहीं जा सकी। लेकिन जिला मुख्यालय पर साक्ष्यों के लिए छानबीन जारी रही। सीबीआई जांच को लेकर मनरेगा से जुड़े अधिकारियों-कर्मचारियों और अन्य लोगों में खलबली मची हुई है। सीबीआई के अगले कदम के बारे में जानकारी लेने के लिए संबंधित लोग तीसरे दिन भी बेचैन थे।
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