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नौ दिवसीय कुशीनगर महोत्सव का आगाज
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हिरण्यावती नदी के बुद्धा घाट से नौ दिवसीय कुशीनगर महोत्सव का आगाज
कसया (कुशीनगर)। पवित्र व पूजनीय बौद्ध कालीन हिरण्यावती नदी के बुद्धा घाट से शनिवार को नौ दिवसीय कुशीनगर महोत्सव का आगाज हुआ। यह महोत्सव 14 नवंबर तक जिले के अलग-अलग हिस्सों में चलेगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में प्रतीक्षा सिंह की प्रस्तुति ‘बुद्धम् शरणम् गच्छामि...’ व ‘मानो तो मैं गंगा मां हूं...’ से माहौल भक्तिमय हो उठा। वृंदावन की फूलों की होली व राधा-कृष्ण के रूप में कलाकारों ने मनमोहक झांकियां जब निकालीं तो सभी दर्शक मुग्ध हो उठे। बेटी बचाओ समेत अन्य समाज में फैली बुराइयों को दूर करने पर आधारित नृत्य नाटिका का भी मंचन हुआ। इस मौके पूर्व कैबिनेट मंत्री ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी, पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह, राजेश प्रताप राव, मनोज राय, भंते महेंद्र, सीओ पीयूषकांत राय को सम्मानित किया गया।
पूर्व मंत्री ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी ने कहा कि कुशीनगर महोत्सव नए स्वरूप में हो रहा है। इससे कुशीनगर का मान सम्मान बढ़ रहा है। पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह ने कहा कि कुशीनगर महोत्सव से जिले को ख्याति मिली रही है। समाज के सभी वर्गों को सम्मानित करने का काम सराहनीय कार्य होता रहा है। इसके अलावा मनोज राय ने भी संबोधित किया। अंत में आयोजक विनय राय ने अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापित किया। संचालन राधेश्याम त्यागी व दिनेश तिवारी भोजपुरिया ने संयुक्त रूप से किया। कुशीनगर महोत्सव में बौद्ध कालीन हिरण्यावती नदी का पूजन व महाआरती काशी के विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजन कराया। पूजन के बाद नदी की आरती भी कराई। इसमें काशी से आए आचार्यों में हर्ष मिश्रा, उज्ज्वल तिवारी, सौरभ पांडेय, सचिन शर्मा, अमरजीत पांडेय, हनुमान तिवारी आदि शामिल थे।
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इस दौरान डॉ. अमृतांशु शुक्ल, डॉ. राजेश कुमार, पुष्कर दुबे, डॉ. कौस्तुभ नारायण मिश्र, डॉ. जीपी राय, डॉ. प्रियेश त्रिपाठी, अग्नि वेश मणि, ईओ प्रेमशंकर गुप्ता, मस्तराज सिंह, विनयकांत मिश्र, संजय दुबे, सत्यम उपाध्याय, राकेश जायसवाल, सुरेंद्र राय, टून्न शाही, बैजनाथ साधु, डॉ. आलोक रंजन, वाहिद अली, डॉ. एमएच खान, धनंजय राय, सुमित त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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कसया (कुशीनगर)। पवित्र व पूजनीय बौद्ध कालीन हिरण्यावती नदी के बुद्धा घाट से शनिवार को नौ दिवसीय कुशीनगर महोत्सव का आगाज हुआ। यह महोत्सव 14 नवंबर तक जिले के अलग-अलग हिस्सों में चलेगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में प्रतीक्षा सिंह की प्रस्तुति ‘बुद्धम् शरणम् गच्छामि...’ व ‘मानो तो मैं गंगा मां हूं...’ से माहौल भक्तिमय हो उठा। वृंदावन की फूलों की होली व राधा-कृष्ण के रूप में कलाकारों ने मनमोहक झांकियां जब निकालीं तो सभी दर्शक मुग्ध हो उठे। बेटी बचाओ समेत अन्य समाज में फैली बुराइयों को दूर करने पर आधारित नृत्य नाटिका का भी मंचन हुआ। इस मौके पूर्व कैबिनेट मंत्री ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी, पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह, राजेश प्रताप राव, मनोज राय, भंते महेंद्र, सीओ पीयूषकांत राय को सम्मानित किया गया।
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पूर्व मंत्री ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी ने कहा कि कुशीनगर महोत्सव नए स्वरूप में हो रहा है। इससे कुशीनगर का मान सम्मान बढ़ रहा है। पूर्व राज्यमंत्री राधेश्याम सिंह ने कहा कि कुशीनगर महोत्सव से जिले को ख्याति मिली रही है। समाज के सभी वर्गों को सम्मानित करने का काम सराहनीय कार्य होता रहा है। इसके अलावा मनोज राय ने भी संबोधित किया। अंत में आयोजक विनय राय ने अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापित किया। संचालन राधेश्याम त्यागी व दिनेश तिवारी भोजपुरिया ने संयुक्त रूप से किया। कुशीनगर महोत्सव में बौद्ध कालीन हिरण्यावती नदी का पूजन व महाआरती काशी के विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच पूजन कराया। पूजन के बाद नदी की आरती भी कराई। इसमें काशी से आए आचार्यों में हर्ष मिश्रा, उज्ज्वल तिवारी, सौरभ पांडेय, सचिन शर्मा, अमरजीत पांडेय, हनुमान तिवारी आदि शामिल थे।
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इस दौरान डॉ. अमृतांशु शुक्ल, डॉ. राजेश कुमार, पुष्कर दुबे, डॉ. कौस्तुभ नारायण मिश्र, डॉ. जीपी राय, डॉ. प्रियेश त्रिपाठी, अग्नि वेश मणि, ईओ प्रेमशंकर गुप्ता, मस्तराज सिंह, विनयकांत मिश्र, संजय दुबे, सत्यम उपाध्याय, राकेश जायसवाल, सुरेंद्र राय, टून्न शाही, बैजनाथ साधु, डॉ. आलोक रंजन, वाहिद अली, डॉ. एमएच खान, धनंजय राय, सुमित त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।