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हत्या व मारपीट में दस साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 28 Sep 2018 11:29 PM IST
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पडरौना। दस साल पहले खड्डा थाना क्षेत्र के लखुआ बाजार में मारपीट में घायल व्यक्ति की मौत के मामले में शुक्रवार को न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया। इस मामले में अभियुक्त बनाए गए चार व्यक्तियों में एक को अदालत ने दस साल की कैद और 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई, जबकि अन्य दो अभियुक्त को सात-सात वर्ष के कारावास और दस हजार रुपये अर्थदंड तथा एक को पांच वर्ष का कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
इस मुकदमे की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रामवृक्ष यादव ने बताया कि छह सितंबर 2018 को लखुआ बाजार में हैंडपंप से पानी भरने गई रीतू नाम की किशोरी पर चोरी का आरोप मढ़ने के बाद हुई मारपीट में घायल भीखम नाम के व्यक्ति की मौत और रीतू तथा श्यामाचरण घायल होने के मामले में मदन गुप्ता की तरफ से तहरीर दी गई थी। इस मामले में चार व्यक्ति आरोपी बनाए गए थे। पुलिस ने हत्या व मारपीट सहित विभिन्न आरोपों में मुकदमा दर्ज कर लिया था। तभी से मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
अधिवक्ता ने बताया कि शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट एक के न्यायाधीश सत्यवीर सिंह यादव ने दोनों पक्षों की सुनवाई के दौरान घटना की प्रकृति को देखते हुए मुन्ना नाम के अभियुक्त को दस साल का सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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इसके अलावा मोतीलाल और प्रमोद को सात-सात साल की सजा और 10 हजार रुपये अर्थदंड तथा चौथे अभियुक्त अमला को पांच साल का कारावास एवं दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की 50 प्रतिशत धनराशि मृतक की पत्नी यानी वारिस को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया गया है।
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इस मुकदमे की पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रामवृक्ष यादव ने बताया कि छह सितंबर 2018 को लखुआ बाजार में हैंडपंप से पानी भरने गई रीतू नाम की किशोरी पर चोरी का आरोप मढ़ने के बाद हुई मारपीट में घायल भीखम नाम के व्यक्ति की मौत और रीतू तथा श्यामाचरण घायल होने के मामले में मदन गुप्ता की तरफ से तहरीर दी गई थी। इस मामले में चार व्यक्ति आरोपी बनाए गए थे। पुलिस ने हत्या व मारपीट सहित विभिन्न आरोपों में मुकदमा दर्ज कर लिया था। तभी से मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
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अधिवक्ता ने बताया कि शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान अपर जिला एवं सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट एक के न्यायाधीश सत्यवीर सिंह यादव ने दोनों पक्षों की सुनवाई के दौरान घटना की प्रकृति को देखते हुए मुन्ना नाम के अभियुक्त को दस साल का सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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इसके अलावा मोतीलाल और प्रमोद को सात-सात साल की सजा और 10 हजार रुपये अर्थदंड तथा चौथे अभियुक्त अमला को पांच साल का कारावास एवं दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की 50 प्रतिशत धनराशि मृतक की पत्नी यानी वारिस को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया गया है।