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जिले के 63 लेखपालों का हुआ तबादला
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जिले के 63 लेखपालों का हुआ तबादला
पडरौना/तमकुहीरोड। डीएम के निर्देश पर लेखपाल संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष सहित जिले के 63 लेखपालों का विभिन्न तहसीलों में स्थानांतरण कर दिया गया है। इसमें 48 लेखपाल ऐसे हैं, जो एक ही तहसील क्षेत्र में दस साल से जमे थे। दस लेखपालों का स्थानांतरण पारस्परिक सहमति के आधार पर तो चार लेखपालों का निजी अनुरोध और एक लेखपाल का तबादला बीमारी से ग्रसित रहने के कारण किया गया है। जबकि कुछ लेखपाल 20-25 वर्ष से एक ही तहसील में जमे हुए हैं, उनका स्थानांतरण न होना चर्चा का विषय बना हुआ है।
लेखपाल संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा सहित 63 लेखपालों का विभिन्न तहसीलों में स्थानांतरण कर दिया गया है। इनमें तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में कार्यरत पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा, देवचंद्र प्रसाद, मुनीर आलम, सुरेश गुप्ता सहित 15 लेखपालों का स्थानांतरण एक ही तहसील में दस साल तक जमे रहने के कारण हुआ है। दो लेखपालों का स्थानांतरण पारस्परिक सहमति के आधार पर किया गया है। पडरौना तहसील से योगेंद्र गुप्ता, शिवेंद्र सिंह, बलिराम कुशवाहा, मारकंडेय मणि सहित 15 लेखपालों का स्थानांतरण एक ही तहसील में दस साल तक जमे रहने के कारण तो चार लेखपालों का पारस्परिक सहमति के आधार पर किया गया है।
कसया तहसील से उदय प्रताप सिंह, हरिनारायण गुप्ता, अजय कुमार श्रीवास्तव सहित 10 लेखपालों का दस साल की अवधि के कारण तो दो लेखपालों का पारस्परिक सहमति के आधार पर और एक का निजी अनुरोध पर तबादला किया गया है। हाटा तहसील से दिनेश सिंह, संजय कुमार गुप्ता, राकेश कुमार श्रीवास्तव, अजय कुमार सिंह सहित आठ लेखपालों का स्थानांतरण दस साल की अवधि के कारण तो एक लेखपाल का ट्रांसफर पारस्परिक सहमति के आधार पर कर दिया गया है। इसी तरह खड्डा तहसील के दो लेखपालों का स्थानांतरण निजी अनुरोध पर, एक का पारस्परिक सहमति तो खड्डा के ही विष्णु कुमार श्रीवास्तव का स्थानांतरण बीमारी से ग्रसित होने के कारण कर दिया गया है। इतने अधिक संख्या में लेखपालों के स्थानांतरण से राजस्व विभाग में खलबली मची हुई है। अभी भी कुछ तहसीलों में ऐसे लेखपाल हैं, जो 20-25 सालों से एक ही तहसील में जमे हुए हैं। उनका नाम इस स्थानांतरण सूची में न होना लेखपालों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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पडरौना/तमकुहीरोड। डीएम के निर्देश पर लेखपाल संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष सहित जिले के 63 लेखपालों का विभिन्न तहसीलों में स्थानांतरण कर दिया गया है। इसमें 48 लेखपाल ऐसे हैं, जो एक ही तहसील क्षेत्र में दस साल से जमे थे। दस लेखपालों का स्थानांतरण पारस्परिक सहमति के आधार पर तो चार लेखपालों का निजी अनुरोध और एक लेखपाल का तबादला बीमारी से ग्रसित रहने के कारण किया गया है। जबकि कुछ लेखपाल 20-25 वर्ष से एक ही तहसील में जमे हुए हैं, उनका स्थानांतरण न होना चर्चा का विषय बना हुआ है।
लेखपाल संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा सहित 63 लेखपालों का विभिन्न तहसीलों में स्थानांतरण कर दिया गया है। इनमें तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में कार्यरत पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा, देवचंद्र प्रसाद, मुनीर आलम, सुरेश गुप्ता सहित 15 लेखपालों का स्थानांतरण एक ही तहसील में दस साल तक जमे रहने के कारण हुआ है। दो लेखपालों का स्थानांतरण पारस्परिक सहमति के आधार पर किया गया है। पडरौना तहसील से योगेंद्र गुप्ता, शिवेंद्र सिंह, बलिराम कुशवाहा, मारकंडेय मणि सहित 15 लेखपालों का स्थानांतरण एक ही तहसील में दस साल तक जमे रहने के कारण तो चार लेखपालों का पारस्परिक सहमति के आधार पर किया गया है।
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कसया तहसील से उदय प्रताप सिंह, हरिनारायण गुप्ता, अजय कुमार श्रीवास्तव सहित 10 लेखपालों का दस साल की अवधि के कारण तो दो लेखपालों का पारस्परिक सहमति के आधार पर और एक का निजी अनुरोध पर तबादला किया गया है। हाटा तहसील से दिनेश सिंह, संजय कुमार गुप्ता, राकेश कुमार श्रीवास्तव, अजय कुमार सिंह सहित आठ लेखपालों का स्थानांतरण दस साल की अवधि के कारण तो एक लेखपाल का ट्रांसफर पारस्परिक सहमति के आधार पर कर दिया गया है। इसी तरह खड्डा तहसील के दो लेखपालों का स्थानांतरण निजी अनुरोध पर, एक का पारस्परिक सहमति तो खड्डा के ही विष्णु कुमार श्रीवास्तव का स्थानांतरण बीमारी से ग्रसित होने के कारण कर दिया गया है। इतने अधिक संख्या में लेखपालों के स्थानांतरण से राजस्व विभाग में खलबली मची हुई है। अभी भी कुछ तहसीलों में ऐसे लेखपाल हैं, जो 20-25 सालों से एक ही तहसील में जमे हुए हैं। उनका नाम इस स्थानांतरण सूची में न होना लेखपालों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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