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15 दिनों में 54 पशुओं की मौत, पशुपालकों की चिंता बढ़ी
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15 दिनों में 54 पशुओं की मौत, पशुपालकों की चिंता बढ़ी
- अज्ञात बीमारी से अब भी गांव के कई पशु बीमार
संवाद न्यूज एजेंसी
पिपरा बाजार। क्षेत्र के दुबौली गांव में अज्ञात बीमारी से 15 दिनों में 54 पशुओं की मौत हो चुकी है। अब भी गांव के कई मवेशी बीमार हैं। इससे पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। पशुपालकों का आरोप है कि पशुओं के इलाज के लिए कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है।
विशुनपुरा ब्लॉक का दुबौली गांव के अधिकांश लोग गाय, भैंस और बकरियों का पालन करते हैं। करीब 15 दिन पहले किसी बीमारी की चपेट में आने से गांव की कई गाय और भैंस खाना, पीना और दूध देना छोड़ दीं। इससे चिंतित पशुपालक निजी पशु चिकित्सक से इलाज कराए लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और एक सप्ताह बाद उन बीमार पशुओं की एक-एक कर मौत होने लगी। बीते 15 दिन में गांव के 54 पशुओं की मौत हो चुकी है। अब भी गांव के कई पशु बीमार हैं। गांव में कई पशुओं के बीमार होने और 54 पशुओं की मौत होने से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। गांव के हरिहर, मुन्नीलाल, मदन, शिवनारायण, नरेश, छांगुर, फूलचंद, बिकाऊ, श्यामबंदन, मुनमुन, महंथ, बिजली, प्रेम, शिवप्रताप, फूलचंद, घुटन, हरिलाल, मुन्ना, कपिलदेव, रामाकिशुन, मुमताज, शौकत, प्रमोद, कैलाश, मनोज, चंद्रिका, राजेंद्र, फेकन, शाकिर आदि पशुपालकों ने बताया कि किसी बीमारी की वजह से बीते 15 दिनों में गांव के 54 पशुओं की मौत होने के बाद भी प्रशासन की तरफ से अब तक कोई चिकित्सक नहीं भेजा गया है। पशुओं की मौत से चिंतित पशुपालकों ने शीघ्र चिकित्सक उपलब्ध कराने की मांग की है। इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी विकास का कहना है कि मामले की जानकारी हुई है। गांव में स्वास्थ्य टीम भेजकर पशुओं का इलाज कराया जाएगा।
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- अज्ञात बीमारी से अब भी गांव के कई पशु बीमार
संवाद न्यूज एजेंसी
पिपरा बाजार। क्षेत्र के दुबौली गांव में अज्ञात बीमारी से 15 दिनों में 54 पशुओं की मौत हो चुकी है। अब भी गांव के कई मवेशी बीमार हैं। इससे पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। पशुपालकों का आरोप है कि पशुओं के इलाज के लिए कोई इंतजाम नहीं किया जा रहा है।
विशुनपुरा ब्लॉक का दुबौली गांव के अधिकांश लोग गाय, भैंस और बकरियों का पालन करते हैं। करीब 15 दिन पहले किसी बीमारी की चपेट में आने से गांव की कई गाय और भैंस खाना, पीना और दूध देना छोड़ दीं। इससे चिंतित पशुपालक निजी पशु चिकित्सक से इलाज कराए लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और एक सप्ताह बाद उन बीमार पशुओं की एक-एक कर मौत होने लगी। बीते 15 दिन में गांव के 54 पशुओं की मौत हो चुकी है। अब भी गांव के कई पशु बीमार हैं। गांव में कई पशुओं के बीमार होने और 54 पशुओं की मौत होने से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। गांव के हरिहर, मुन्नीलाल, मदन, शिवनारायण, नरेश, छांगुर, फूलचंद, बिकाऊ, श्यामबंदन, मुनमुन, महंथ, बिजली, प्रेम, शिवप्रताप, फूलचंद, घुटन, हरिलाल, मुन्ना, कपिलदेव, रामाकिशुन, मुमताज, शौकत, प्रमोद, कैलाश, मनोज, चंद्रिका, राजेंद्र, फेकन, शाकिर आदि पशुपालकों ने बताया कि किसी बीमारी की वजह से बीते 15 दिनों में गांव के 54 पशुओं की मौत होने के बाद भी प्रशासन की तरफ से अब तक कोई चिकित्सक नहीं भेजा गया है। पशुओं की मौत से चिंतित पशुपालकों ने शीघ्र चिकित्सक उपलब्ध कराने की मांग की है। इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी विकास का कहना है कि मामले की जानकारी हुई है। गांव में स्वास्थ्य टीम भेजकर पशुओं का इलाज कराया जाएगा।
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