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तेरह वर्ष बाद फिर बहुरने वाले हैं कोआपरेटिव बैंकों के दिन
kushinagar
Updated Fri, 13 Jul 2018 11:34 PM IST
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अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
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पडरौना। कोआपरेटिव बैंक के प्रधान कार्यालय सहित कुशीनगर और देवरिया जनपद की बंद पड़ी शाखाओं के दिन जल्द बहुरने वाले हैं। अभी इन शाखाओं में पुराने खाताधारकों से लेन देन ऑफ लाइन शुरू कर दिया गया है। उम्मीद है कि सितंबर माह तक सभी शाखाओं में आरटीजीएस और नेफ्ट बैंकिंग सहित कोर बैंकिंग सेवाएं भी शुरू हो जाएंगी।
कोआपरेटिव बैंक के देवरिया और कुशीनगर में कुल 31 शाखाएं हैं। मनमाने तरीके से भुगतान के चलते इस बैंक ने वर्ष 2005 तक आते आते इनमें लेन-देन बंद हो गया। वर्ष 2016 के अंत में सरकार ने इन बैंकों की स्थिति फिर से सुधारने के लिए प्रदेश भर की शाखाओं को 1600 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। इसमें से कुशीनगर और देवरिया जनपद की शाखाओं को 251 करोड़ रुपये मिले। इस धनराशि से बैंकों की स्थिति सुदृढ़ कर उनमें कोर बैंकिंग सेवा शुरू करने के साथ ही खाताधारकों का बकाया भुगतान करना था।कोआपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक उपेंद्र कुमार शास्वत का कहना है कि कोर बैंकिंग सेवा शुरू करने में कनेक्टिविटी संबंधी दिक्कतें आ रही हैं। सितंबर तक प्रधान शाखा सहित सभी शाखाओं में आरटीजीएस और नेफ्ट बैंकिंग सेवा शुरू कर दी जाएगी।चेयरमैन लल्लन मिश्र का कहना है कि पुराने खाताधारकों से लेनदेन शुरू कर दिया गया है। जिन खाताधारकों के रुपये जमा हैं, उनकी बेटियों की शादी और बीमारी की दशा में 50 प्रतिशत तथा सामान्य तौर पर पांच प्रतिशत रुपये वापस दिए जा रहे हैं।
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कोआपरेटिव बैंक के देवरिया और कुशीनगर में कुल 31 शाखाएं हैं। मनमाने तरीके से भुगतान के चलते इस बैंक ने वर्ष 2005 तक आते आते इनमें लेन-देन बंद हो गया। वर्ष 2016 के अंत में सरकार ने इन बैंकों की स्थिति फिर से सुधारने के लिए प्रदेश भर की शाखाओं को 1600 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। इसमें से कुशीनगर और देवरिया जनपद की शाखाओं को 251 करोड़ रुपये मिले। इस धनराशि से बैंकों की स्थिति सुदृढ़ कर उनमें कोर बैंकिंग सेवा शुरू करने के साथ ही खाताधारकों का बकाया भुगतान करना था।कोआपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक उपेंद्र कुमार शास्वत का कहना है कि कोर बैंकिंग सेवा शुरू करने में कनेक्टिविटी संबंधी दिक्कतें आ रही हैं। सितंबर तक प्रधान शाखा सहित सभी शाखाओं में आरटीजीएस और नेफ्ट बैंकिंग सेवा शुरू कर दी जाएगी।चेयरमैन लल्लन मिश्र का कहना है कि पुराने खाताधारकों से लेनदेन शुरू कर दिया गया है। जिन खाताधारकों के रुपये जमा हैं, उनकी बेटियों की शादी और बीमारी की दशा में 50 प्रतिशत तथा सामान्य तौर पर पांच प्रतिशत रुपये वापस दिए जा रहे हैं।
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