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गन्ना विभाग के सर्वे में मिले 3591 फर्जी खाते

Sun, 11 Oct 2020 06:15 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 11 Oct 2020 06:15 PM IST
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3591 fake accounts found in the survey of sugarcane department
खेतों में खड़ी गन्ने की फसल । - फोटो : KUSHINAGAR
गन्ना विभाग के सर्वे में मिले 3591 फर्जी खाते
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पडरौना। गन्ना विभाग की तरफ से इस साल कराए गए सर्वे में 3591 फर्जी खाते मिले हैं। यह वह खाते हैं, जो एक ही किसान के नाम से डबल हैं अथवा किसान की मौत के बाद भी संचालित थे। कई ऐसे खाते भी मिले हैं जो भूमिहीन अथवा फर्जी नाम से हैं। इनका इस्तेमाल करने वाले किसान अधिक सप्लाई पर्ची हासिल कर रहे थे। इससे अन्य किसानों को समय से सप्लाई टिकट नहीं मिल पा रहा था। डीसीओ ने इन खातों को तत्काल बंद करने का आदेश दिया है।
गन्ना बाहुल्य कुशीनगर जिले में पिछले वर्ष गन्ना का क्षेत्रफल 100727 हेक्टेयर क्षेत्रफल था, लेकिन अत्यधिक बारिश और गन्ना में रेडराट रोग लग जाने के चलते इस साल गन्ना की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। ज्यादा क्षति निचली भूमि में बोई गई गन्ना की फसल को हुई है। नतीजतन गन्ना का क्षेत्रफल इस साल घटकर 91117 हेक्टेयर पर आ गया है। पिछले वर्ष के मुकाबले 9619 हेक्टेयर की कमी आई है। पिछले कई वर्षों से ज्यादा मुनाफा देने वाली अगेती प्रजाति का गन्ना 98 फीसदी किसानों ने इस साल भी बोया था, इसलिए नुकसान अधिक हुआ है।
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गन्ना विभाग की तरफ से कराए गए इस साल के सर्वे में यह बात सामने आई है कि फर्जी नाम से सप्लाई टिकट लेने वाले किसानों व बिचौलियों की संख्या भी अधिक रही। यह ऐसे लोग हैं, जिनका खाता फर्जी है अथवा एक से अधिक है। मरने के बाद भी कई किसानों के खाते संचालित पाए गए। भूमिहीन व्यक्तियों के नाम से भी खाते मिले हैं। ऐसे कुल किसानों व अन्य लोगों की संख्या 3591 है। इन फर्जी खातों की वजह से पिछले साल वह किसान सप्लाई टिकट पाने से वंचित रह गए, जिनका खाता वाजिब था। लिहाजा इन खातों को तत्काल बंद करने का आदेश दे दिया गया है। पिछले साल के सर्वे में आठ हजार से अधिक ऐसे फर्जी खाते मिले थे। (संवाद)
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छानबीन के बाद खोला जा रहा खाता
डीसीओ वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि फर्जी खाते पर रोक के लिए किसान का खाता खोलने से पहले तीन फोटो, बैंक पासबुक और खतौनी की नकल जमा कराई जा रही है। 200 रुपये किसान शेयर शुल्क और 21 रुपये प्रशासनिक शुल्क जमा कराकर एक सप्ताह बाद खाता खोलवाने के लिए बुलाया जा रहा है। इस बीच भूलेख विभाग से उनकी खतौनी की सत्यता की जांच कराई जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि उसने सहज जन सेवा केंद्र या अन्य माध्यम से खतौनी में कोई छेड़छाड़ तो नहीं की है। इस साल 11142 नए सदस्य बने हैं।

पिछले साल आठ हजार से अधिक फर्जी खाते मिले थे। इसलिए इस वर्ष भी खातों का सर्वे कराया गया, जिसमें 3591 फर्जी खाते मिले हैं। यह खाते उन व्यक्तियों के नाम से हैं, जिनकी मृत्यु होने के बावजूद संबंधित किसानों ने खाते बंद नहीं कराए हैं। इनके अलावा फर्जी, एक से अधिक और भूमिहीन व्यक्तियों के नाम से भी खाते मिले हैं। जिन किसानों के इस तरह के फर्जी खाते हैं वे स्वत: बंद करा लें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वेद प्रकाश सिंह, जिला गन्ना अधिकारी
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