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गैंडा को पकड़ने के लिए लाया गया हाथी बिदका
कुश्ाीनगर (ब्यूरो)
Updated Sun, 19 Nov 2017 05:09 PM IST
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गैंडा पकड़ने के लिए अाआए हाथ्ाी।
- फोटो : कुश्ाीनगर ब्यूरो
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जटहां बाजार (कुशीनगर)। जनपद की सीमा से सटे बिहार के परसौनी दियारा में चार दिनों से घूम रहे गैंडा को पकड़ने के लिए लाए गए पांच हाथियों में से एक रविवार को बिदक गया। उसने एक वाहन को पलट दिया। काफी प्रयास के बाद एक महिला महावत ने उसे शांत किया। उस हाथी को अन्य हाथियों से अलग पिपरा पिपरासी बांध पर बांध दिया गया है। सुरक्षा के लिए जटहां बाजार और बिहार की पुलिस तैनात की गई है।
उधर, गैंडा को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ड्रोन कैमरा सहित अन्य संसाधनों के साथ रविवार को अपना प्रयास शुरू कर दिया।नेपाल के चितवन पार्क से भटककर आया गैंडा पिछले चार दिनों से सीमावर्ती पिपरासी गांव के दियारा में घूम रहा है। उसे पकड़ने के लिए नेपाल से पांच हाथियों के साथ वनकर्मियों का दल आया है, जो पिपरासी में ठहरा है। इन हाथियों में से एक रविवार की सुबह बिदक गया। उसने एक वाहन को पलट दिया। वह तरह तरह की हरकतें करने लगा। यह देख वनकर्मियों और अन्य लोगों में भगदड़ मच गई। कुछ ही देर में यह बात आस पास के इलाकों में भी फैल गई।
लोगों ने इसकी सूचना बिहार के पिपरासी थाने के एसओ को दी। एसओ सुनील कुमार ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना पाकर वनकर्मी पहुंचे। हाथियों के साथ नेपाल से आयी महिला महावत सुनीता चौधरी ने किसी तरह हाथी को मनाया और उसे शांत कराया। हाथी को लोहे की मोटी-मोटी दो जंजीरों में जकड़ दिया गया। उस हाथी को पिपरा पिपरासी तटबंध के बगल में बांध दिया गया।
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उसके बाद चार हाथियों को लेकर वनकर्मी गैंडा की तलाश में चल पड़े। हाथी के बारे में सूचना मिलने पर जटहां बाजार थाने के एसओ विनोद कौल, पिपरासी प्रखंड विकास पदाधिकारी रघुवर प्रसाद भी मौके पर पहुंचे। पुलिस बल चारों तरफ तैनात कर दिए गए, ताकि कोई भी व्यक्ति हाथी के आसपास न आ सके।
गैंडा की तलाश के लिए ड्रोन कैमरे की मदद ली जा रही है। गैंडे को पकड़ने के बाद उसे ले जाने के लिए पिजड़ायुक्त ट्रक लाया गया है। रविवार को शाम तक गैंडा की तलाश होती रही, लेकिन वह पकड़ा नहीं जा सका था।
डीएफओ मदनपुर अमित कुमार का कहना था कि गैंडा की तलाश जोरों पर है। जल्दी ही उसे पकड़ लिया जाएगा। उन्होंने गैंडा पकड़े जाने तक लोगों को दियारा क्षेत्र में जाने से मना किया है।
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उधर, गैंडा को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ड्रोन कैमरा सहित अन्य संसाधनों के साथ रविवार को अपना प्रयास शुरू कर दिया।नेपाल के चितवन पार्क से भटककर आया गैंडा पिछले चार दिनों से सीमावर्ती पिपरासी गांव के दियारा में घूम रहा है। उसे पकड़ने के लिए नेपाल से पांच हाथियों के साथ वनकर्मियों का दल आया है, जो पिपरासी में ठहरा है। इन हाथियों में से एक रविवार की सुबह बिदक गया। उसने एक वाहन को पलट दिया। वह तरह तरह की हरकतें करने लगा। यह देख वनकर्मियों और अन्य लोगों में भगदड़ मच गई। कुछ ही देर में यह बात आस पास के इलाकों में भी फैल गई।
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लोगों ने इसकी सूचना बिहार के पिपरासी थाने के एसओ को दी। एसओ सुनील कुमार ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना पाकर वनकर्मी पहुंचे। हाथियों के साथ नेपाल से आयी महिला महावत सुनीता चौधरी ने किसी तरह हाथी को मनाया और उसे शांत कराया। हाथी को लोहे की मोटी-मोटी दो जंजीरों में जकड़ दिया गया। उस हाथी को पिपरा पिपरासी तटबंध के बगल में बांध दिया गया।
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उसके बाद चार हाथियों को लेकर वनकर्मी गैंडा की तलाश में चल पड़े। हाथी के बारे में सूचना मिलने पर जटहां बाजार थाने के एसओ विनोद कौल, पिपरासी प्रखंड विकास पदाधिकारी रघुवर प्रसाद भी मौके पर पहुंचे। पुलिस बल चारों तरफ तैनात कर दिए गए, ताकि कोई भी व्यक्ति हाथी के आसपास न आ सके।
गैंडा की तलाश के लिए ड्रोन कैमरे की मदद ली जा रही है। गैंडे को पकड़ने के बाद उसे ले जाने के लिए पिजड़ायुक्त ट्रक लाया गया है। रविवार को शाम तक गैंडा की तलाश होती रही, लेकिन वह पकड़ा नहीं जा सका था।
डीएफओ मदनपुर अमित कुमार का कहना था कि गैंडा की तलाश जोरों पर है। जल्दी ही उसे पकड़ लिया जाएगा। उन्होंने गैंडा पकड़े जाने तक लोगों को दियारा क्षेत्र में जाने से मना किया है।