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मवन नाले के उफनाने से विद्यालयों में भरा पानी, पठन-पाठन ठप
Updated Sun, 20 Aug 2017 05:19 PM IST
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कुशीनगर। लगातार बारिश और नदियों में पानी भरने से मवन नाला भी उफना गया है। इससे कई परिषदीय विद्यालयों में पानी भर जाने से पठन-पाठन ठप हो गया है। एक पंचायत भवन की दीवारों में दरारें पड़ गई हैं तो वहीं कई लोगों के मकान के छत गिर गए हैं।
कप्तानगंज क्षेत्र से होकर गुजरने वाले मवन नाला के आसपास कई प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल संचालित होते हैं। मवन नाला उफनाने से जूनियर हाईस्कूल सोहनी, प्राथमिक विद्यालय सोहनी, प्राथमिक विद्यालय झझवा, प्राथमिक विद्यालय कारीतीन, प्राथमिक विद्यालय नरहरछपरा, प्राथमिक विद्यालय खपरधिका, प्राथमिक विद्यालय बुढ़ंतवापुर सहित कई विद्यालयों में पानी भर गया है। इससे इन विद्यालयों में पठन-पाठन बंद है। अभिभावक अपने पाल्यों के भविष्य को लेकर चिंतित हो रहे हैं।
नरहरछपरा गांव निवासी रामनवल यादव कहते हैं कि वह मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते हैं। वह अपने पिता की तरफ से बनवाई गई पुश्तैनी मकान में रहते हैं। लगातार बारिश और घर में जलभराव के चलते वह गिर गया है। पूरा परिवार बगल की झोपड़ी में रहकर जीवन गुजार रहा है।
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इसी गांव के मेवालाल सिंह कहते हैं कि उनका टिन शेड का घर है, जो बारिश और जलभराव के चलते गिर गया है। पूरे परिवार के साथ अब उन्हें झोपड़ी में शरण लेनी पड़ी है। पशुओं के चारे से लगायत उन्हें बांधने तक में असुविधा हो रही हैं।
नरहरछपरा का जर्जर पंचायत भवन भी जलभराव के चलते पानी का दबाव नहीं झेल पाया और इसकी दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। यह कभी भी गिर सकता है। नरहरछपरा की ग्राम प्रधान अनीता देवी का कहना है कि रामनवल को आवास देने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। पंचायत भवन के लिए भी प्रस्ताव भेजकर नया भवन बनवाया जाएगा।
इस संबंध में बीईओ कप्तानगंज अनिल कुमार मिश्र का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय बंद कर दिए गए हैं। शिक्षकों से अन्य विद्यालयों पर सेवाएं ली जा रही हैं।
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कप्तानगंज क्षेत्र से होकर गुजरने वाले मवन नाला के आसपास कई प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल संचालित होते हैं। मवन नाला उफनाने से जूनियर हाईस्कूल सोहनी, प्राथमिक विद्यालय सोहनी, प्राथमिक विद्यालय झझवा, प्राथमिक विद्यालय कारीतीन, प्राथमिक विद्यालय नरहरछपरा, प्राथमिक विद्यालय खपरधिका, प्राथमिक विद्यालय बुढ़ंतवापुर सहित कई विद्यालयों में पानी भर गया है। इससे इन विद्यालयों में पठन-पाठन बंद है। अभिभावक अपने पाल्यों के भविष्य को लेकर चिंतित हो रहे हैं।
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नरहरछपरा गांव निवासी रामनवल यादव कहते हैं कि वह मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते हैं। वह अपने पिता की तरफ से बनवाई गई पुश्तैनी मकान में रहते हैं। लगातार बारिश और घर में जलभराव के चलते वह गिर गया है। पूरा परिवार बगल की झोपड़ी में रहकर जीवन गुजार रहा है।
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इसी गांव के मेवालाल सिंह कहते हैं कि उनका टिन शेड का घर है, जो बारिश और जलभराव के चलते गिर गया है। पूरे परिवार के साथ अब उन्हें झोपड़ी में शरण लेनी पड़ी है। पशुओं के चारे से लगायत उन्हें बांधने तक में असुविधा हो रही हैं।
नरहरछपरा का जर्जर पंचायत भवन भी जलभराव के चलते पानी का दबाव नहीं झेल पाया और इसकी दीवारों में दरारें पड़ गई हैं। यह कभी भी गिर सकता है। नरहरछपरा की ग्राम प्रधान अनीता देवी का कहना है कि रामनवल को आवास देने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। पंचायत भवन के लिए भी प्रस्ताव भेजकर नया भवन बनवाया जाएगा।
इस संबंध में बीईओ कप्तानगंज अनिल कुमार मिश्र का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय बंद कर दिए गए हैं। शिक्षकों से अन्य विद्यालयों पर सेवाएं ली जा रही हैं।