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तहसीलदार के खिलाफ लामबंद हुए भाकपा कार्यकर्ता, प्रदर्शन
Tue, 19 Feb 2019 10:43 PM IST
राकेश पांडेय
ब्यूरो/अमर उजाला कुश्ाीनगर
ब्यूरो/अमर उजाला कुश्ाीनगर
Published by: राकेश पांडेय
Updated Tue, 19 Feb 2019 10:43 PM IST
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तमकुहीराज में तहसीलदार का पुतला फूंकते भाकपा कार्यकर्ता।
- फोटो : अमर उजाला
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तमकुहीराज। तहसीलदार पर कार्य में अनियमिता का आरोप लगाते हुए भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने एसडीएम आवास के सामने तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी की। चार घंटे तक प्रदर्शन चला। उसके बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंप कर धरना समाप्त किया गया।
मंगलवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत कामरेड लल्लन राय एवं कामरेड मतीउल्लाह की अगुवाई में भाकपा कार्यकर्ताओं ने तमकुहीराज कस्बे में जुलूस निकालकर तहसीलदार तमकुहीराज रामप्यारे के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने पूरे कस्बे का भ्रमण करने के बाद हाईवे चौराहे पर पुतला जलाया। उसके बाद कायकर्ताओं ने एसडीएम आवास के सामने प्रदर्शन किया। कामरेड का आरोप था कि तहसीलदार रामप्यारे लगभग तीन वर्षों से तमकुहीराज में जमे हुए हैं। उन्होंने यहां रहते हुए व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार कर अकूत संपत्ति अर्जित कर ली है। जिसकी उच्च स्तरीय जांच आवश्यक है। वक्ताओं ने तहसीलदार पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें बर्खास्त करने की मांग की। क्षेत्र में पहुंची एसआईटी टीम व आला अधिकारियों के दौरे के मद्देनजर तहसील मुख्यालय पर एसडीएम प्रमोद कुमार नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति को कार्यकर्ता हौसले को पस्त करने की साजिश करार देते हुए कड़ी नाराजगी जताई। लगभग चार घंटे तक चले धरना आंदोलन के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम तमकुहीराज प्रमोद कुमार ने पत्रक लेकर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। जिसके बाद आंदोलन समाप्त हो सका। इस दौरान सुदामा यादव, परमहंस सिंह, इस्लाम अंसारी, व्यास तिवारी, मोहन गोड, रामचंद्र यादव, समसुद्दीन और सगीर आलम आदि मौजूद थे।
छात्र नेताओं ने प्रदर्शन कर जताया रोष
पडरौना। उदित नारायण पीजी कॉलेज परिसर में मंगलवार को छात्र नेताओं ने प्रदर्शन किया। जिसमें कॉलेज प्रशासन पर प्रवेश पत्र के नाम पर धनउगाही का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल बंद कराने की मांग की। हालांकि कॉलेज प्रशासन ने छात्र नेताओं के आरोप को एक सिरे से खारिज करते हुए छात्र-छात्राओं से लिए जा रहे धन को नियम के तहत बताया।
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मंगलवार को दोपहर बाद छात्रसंघ अध्यक्ष राजन सोनी, उपाध्यक्ष रामलखन यादव, नवनीत तिवारी आदि की अगुवाई में छात्र कॉलेज पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे। छात्र नेताओं ने कहा कि महाविद्यालय प्रशासन प्रवेश पत्र के नाम पर 120 रुपये प्रति छात्र अवैध वसूली कर रहा है। नेताओं ने चेताया कि छात्र-छात्राओं से हो रही धनउगाही बंद नहीं हुई तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस दौरान विशाल सिंह, किशन कुशवाहा, आदित्य तिवारी, अंकुश जायसवाल, मनीष मद्धेशिया, नितेश राय, जयप्रकाश कुशवाहा, कन्हैया खरवार, रामचंद्र कुशवाहा, विशाल सिंह, दीपक तिवारी, सुनील दीक्षित आदि मौजूद रहे। प्राचार्य डॉक्टर अयोध्यानाथ तिवारी ने बताया कि विश्वविद्यालय के निर्देश पर महाविद्यालय में ऑफलाइन और ऑनलाइन समेत दो तरह के प्रवेश हुए हैं। परीक्षा फार्म जमा करते समय विश्वविद्यालय ने आनलाइन प्रवेशित छात्रों से एक सौ रुपये की दर से विश्वविद्यालय कोष में पैसा जमा करवाया है। उसी महाविद्यालय के शुल्क को छात्रों से ली जा रही है। इस संबंध में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक से पता कराया जा सकता है।
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मंगलवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत कामरेड लल्लन राय एवं कामरेड मतीउल्लाह की अगुवाई में भाकपा कार्यकर्ताओं ने तमकुहीराज कस्बे में जुलूस निकालकर तहसीलदार तमकुहीराज रामप्यारे के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों ने पूरे कस्बे का भ्रमण करने के बाद हाईवे चौराहे पर पुतला जलाया। उसके बाद कायकर्ताओं ने एसडीएम आवास के सामने प्रदर्शन किया। कामरेड का आरोप था कि तहसीलदार रामप्यारे लगभग तीन वर्षों से तमकुहीराज में जमे हुए हैं। उन्होंने यहां रहते हुए व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार कर अकूत संपत्ति अर्जित कर ली है। जिसकी उच्च स्तरीय जांच आवश्यक है। वक्ताओं ने तहसीलदार पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें बर्खास्त करने की मांग की। क्षेत्र में पहुंची एसआईटी टीम व आला अधिकारियों के दौरे के मद्देनजर तहसील मुख्यालय पर एसडीएम प्रमोद कुमार नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति को कार्यकर्ता हौसले को पस्त करने की साजिश करार देते हुए कड़ी नाराजगी जताई। लगभग चार घंटे तक चले धरना आंदोलन के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम तमकुहीराज प्रमोद कुमार ने पत्रक लेकर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। जिसके बाद आंदोलन समाप्त हो सका। इस दौरान सुदामा यादव, परमहंस सिंह, इस्लाम अंसारी, व्यास तिवारी, मोहन गोड, रामचंद्र यादव, समसुद्दीन और सगीर आलम आदि मौजूद थे।
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छात्र नेताओं ने प्रदर्शन कर जताया रोष
पडरौना। उदित नारायण पीजी कॉलेज परिसर में मंगलवार को छात्र नेताओं ने प्रदर्शन किया। जिसमें कॉलेज प्रशासन पर प्रवेश पत्र के नाम पर धनउगाही का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल बंद कराने की मांग की। हालांकि कॉलेज प्रशासन ने छात्र नेताओं के आरोप को एक सिरे से खारिज करते हुए छात्र-छात्राओं से लिए जा रहे धन को नियम के तहत बताया।
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मंगलवार को दोपहर बाद छात्रसंघ अध्यक्ष राजन सोनी, उपाध्यक्ष रामलखन यादव, नवनीत तिवारी आदि की अगुवाई में छात्र कॉलेज पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे। छात्र नेताओं ने कहा कि महाविद्यालय प्रशासन प्रवेश पत्र के नाम पर 120 रुपये प्रति छात्र अवैध वसूली कर रहा है। नेताओं ने चेताया कि छात्र-छात्राओं से हो रही धनउगाही बंद नहीं हुई तो आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। इस दौरान विशाल सिंह, किशन कुशवाहा, आदित्य तिवारी, अंकुश जायसवाल, मनीष मद्धेशिया, नितेश राय, जयप्रकाश कुशवाहा, कन्हैया खरवार, रामचंद्र कुशवाहा, विशाल सिंह, दीपक तिवारी, सुनील दीक्षित आदि मौजूद रहे। प्राचार्य डॉक्टर अयोध्यानाथ तिवारी ने बताया कि विश्वविद्यालय के निर्देश पर महाविद्यालय में ऑफलाइन और ऑनलाइन समेत दो तरह के प्रवेश हुए हैं। परीक्षा फार्म जमा करते समय विश्वविद्यालय ने आनलाइन प्रवेशित छात्रों से एक सौ रुपये की दर से विश्वविद्यालय कोष में पैसा जमा करवाया है। उसी महाविद्यालय के शुल्क को छात्रों से ली जा रही है। इस संबंध में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक से पता कराया जा सकता है।