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खड्डा के विधायक ने दी चेतावनी
Updated Tue, 06 Jun 2017 05:10 PM IST
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कुशीनगर। बिहार से कुशीनगर की तरफ हो रही बालू ढुलाई को अवैध बताते हुए क्षेत्रीय विधायक ने जिला प्रशासन के खिलाफ नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) में अपील दायर करने की चेतावनी दी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कुछ माह पहले तक जो बालू ढुुलाई अवैध थी, उसे प्रशासन ने वैध करार दे दिया है।
खड्डा के विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने अपने बयान में कहा कि इको सेंसेटिव जोन घोषित होने के बावजूद टाइगर रिजर्व के जंगलों के किनारे बालू खनन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खड्डा क्षेत्र में बालू की समस्या अधिकारियों की उदासीनता का नतीजा है। उनका कहना था कि पर्यावरण मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए बिना कोई भी खनन नहीं करा सकता है। इसके अलावा बालू की ढुलाई करने वाले वाहन का भी परिवहन पंजीकरण होना अनिवार्य है। फार्म 11 व फार्म 13 के साथ यूपी में खनिज लाने के लिए फार्म 38 भी चाहिए। जिस मार्ग पर व्यापार कर चौकी हो, उस रास्ते ही ट्राली लानी होगी। वाहन के चालक का हैवी ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए। विधायक ने कहा कि ग्रीन ट्रिब्युनल में बिहार के प्रमुख सचिव सहित कुशीनगर प्रशासन के खिलाफ अपील दायर की जाएगी। साथ ही इस मामले को विधानसभा में भी उठाएंगे।
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खड्डा के विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने अपने बयान में कहा कि इको सेंसेटिव जोन घोषित होने के बावजूद टाइगर रिजर्व के जंगलों के किनारे बालू खनन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि खड्डा क्षेत्र में बालू की समस्या अधिकारियों की उदासीनता का नतीजा है। उनका कहना था कि पर्यावरण मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिए बिना कोई भी खनन नहीं करा सकता है। इसके अलावा बालू की ढुलाई करने वाले वाहन का भी परिवहन पंजीकरण होना अनिवार्य है। फार्म 11 व फार्म 13 के साथ यूपी में खनिज लाने के लिए फार्म 38 भी चाहिए। जिस मार्ग पर व्यापार कर चौकी हो, उस रास्ते ही ट्राली लानी होगी। वाहन के चालक का हैवी ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए। विधायक ने कहा कि ग्रीन ट्रिब्युनल में बिहार के प्रमुख सचिव सहित कुशीनगर प्रशासन के खिलाफ अपील दायर की जाएगी। साथ ही इस मामले को विधानसभा में भी उठाएंगे।
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